मामी की मदद

Saturday, 27 April 2013

मेरे मामा की शादी हुए दो साल हो चुके थे| पर दुख की बात ये थी की मामा-मामी को बच्चे नही हुए|
इस बात को लेकर ममी बहुत दुखी हुआ करती थी|
एक दिन सब लोग किसी काम से हैदराबाद चले गये| मेरी परीक्षाये थी इसलिए मै नही गया| और मामी भी मेरी देखभाल करने रुक गइ| घर पे सिर्फ हम दोनो ही थे|
मेरी मामी का फिगर बहुत सेक्सी था|
उस रात खाना खाने के बाद मै और मामी टीवी देखने लगे| मैने बातो-बातो मे ही पूछा, ”मामी! आपको अभी तक बच्चे क्यु नही हुए?”
पर वो चुप रही| थोडी देर बाद जब हम सोने जा रहे थे तो वो अचानक मेरा हाथ पकडकर रोने लगी| कारण पूछने पर उन्होने बताया कि मामाजी ना-मर्द है इसलिये उन्हे बच्चे नही हुए|
मुझे बहुत दुख हुआ| मैने उनसे पूछा कोई रासता है क्या| वो बोली ऑप्रेशन करना पडेगा| लेकिन उन्हे डर लग रहा था|
फिर मैने उनसे पूछा कि मै कुछ मदद कर सकता हू क्या| मामी बिना कुछ बोले कमरे मे जाकर सो गइ| तो मै भी उनके बगल मे ही सो गया|
रात के एक भजे मेरी नीन्द खुली| मैने देखा कि मामी रो रही थी| मुझे उनका रोना देखा नही गया|
मै उनके पास गया, उनको गले लगाया|
वो बच्चो के लिये बेताब थी!
वो भी मुझे गले लगाकर पूछी, ”मुझे बच्चे चाहिये| क्या तुम मेरी मदद करोगे?”
मैने झट से हा बोल दिया!
फिर मैने पूछा मुझे क्या मदद करना होगा| तो वो बोली मुझे उनके साथ सेक्स करना पडेगा!
अरे वाह!!! क्या मौका हाथ लगा था|
मै अंदर ही अंदर खुशी से झूम रहा था!
फिर हम दोनो बिसतर पर लेट गए| मै उनके होंटो को चूमने लागा और वो भी मजा लेने लगी थी|
फिर मैं उनके गले पर, पीठ पर चूमता रहा। फिर मैंने उनकी कमीज़ पूरी उतार दी, जिससे उसका गोरा बदन, उसकी गुलाबी रंग की ब्रा मेरे सामने आ गई। यह सब देख कर मेरा लंड फटा जा रहा था। फिर मैंने उनके स्तनों को ब्रा के ऊपर से ही चूसना शुरु किया और अपने हाथों से उनकी ब्रा खोल दी। जैसे ही मैंने ब्रा खोली, वो दो बड़े-बड़े स्तन छलांग लगा कर मेरे सामने आ गए। मैंने हल्के से उन्हें अपने हाथों में पकड़ा और जोर से दबा दिया और साथ मे अपने दांतों से उसके चुचूकों को काटने लगा, जिसकी वजह से उनके मुँह से आह की जोर से आवाज निकली…
फिर बहुत देर तक मैं उनके स्तन चूसता रहा…
फिर मैंने उनकी सलवार निकाल दी, उन्होने गुलाबी रंग की पैंटी पहनी थी जो अब आगे से भीग चुकी थी।
पहले तो मैंने उनकी पैंटी के आसपास अपनी जीभ घुमाई और फिर पैंटी के ऊपर जीभ घुमाने लगा। उन्हे बहुत अच्छा लग रहा था और वो मुँह से आह उम् ऊह्ह की आवाजें निकाल रही थी।
फिर मैंने अपने दांतों से पकड़ कर उनकी पैंटी निकाल दी और उनकी गीली गोरी चूत को देख कर पागल हो गया, मैंने अपनी जीभ जैसे ही उनकी चूत पर लगाई उन्होने मेरे बालों को खींच कर मुझे अपनी चूत के ऊपर दबा दिया और मुँह से सेक्सी आवाजें निकालने लगी।
मैंने बहुत बार ब्लू फिल्म में चूत को चाटते हुए देखा है लेकिन तब पहली बार ऐसा किया… मैं उनकी चूत को बहुत देर तक चूसता रहा। मैंने अपनी जीभ उनकी चूत में भी डाली और वो सेक्सी आवाजें निकालती गई…
फिर वो उठ गई और मेरा लंड बाहर निकाला और बिना हाथ लगाये सीधे मुँह में ले लिया। इतना अच्छा मुझे कभी नहीं लगा था…
वो मेरे लण्ड को मुँह में लेकर वो अपने मुँह को ऊपर नीचे करने लगी …. यह मेरा पहला ही सेक्स अनुभव था इसलिए दो मिनट में मैंने उनके मुँह झड गया और वो उसे ऐसे पी गई जैसे पानी हो…
गजब की बात तो मुझे यह लगी कि झडने के बाद भी मेरा लंड खड़ा का खड़ा था और वो उसे चूसे जा रही थी। उन्होने कहा, “अब मुझसे और सहा नहीं जा रहा, जल्दी से मेरी चूत में अपना लंड डाल दो!”
और यह कहते हुए वो बिस्तर पर लेट गई और अपने पैर फैला दिए। उनकी चूत को देख कर मैं उनके ऊपर आ गया और उन्होने अपने हाथों से मेरा लंड अपनी चूत पर रख लिया। फिर मैं अपना लंड अचानक ही उनकी चूत में घुसा दिया जिससे वो चीख उठी, मेरा अभी आधा लंड ही उसकी चूत में था, मैंने और जोर लगाया और उनकी चूत में पूरा घुसा दिया, जैसे ही पूरा अन्दर गया वो मेरी पीठ पर अपने नाख़ून गड़ा दिए.. फिर मैं उसे उस अवस्था में तब तक चोदता रहा जब तक झड नही गया।
उस बीच मैंने उनके होंठों को बहुत चूसा और उन्हे भी यह बहुत अच्छा लगता था तो वो मेरा पूरा साथ दे रही थी।
चोदते-चोदते मैं उनके स्तन और चुचूक भी जोर से दबा रहा था लेकिन चुम्बन की वजह से वो चीख भी नहीं पा रही थी बस मुँह में ही आवाज निकाल रही थी। कुछ देर बाद वो मुझे जोर से चोदने को कहने लगी तो मुझे पता चल गया कि वो झड्ने वाली है।
मैं उसे जोर से चोदता रहा और उसने अपनी सांस रोक कर चूत मे ही झड गया।
सेक्स के बाद हम कपडे पेहेन लिये। फिर मामी ने कहा, ”इस बारे मे किसी को बताना मत।”
मै पागल हू जो किसी को बताउंगा???;););):)

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