निशा की चुदाई

Sunday, 21 April 2013

मेरि एक फ़रिएनद थि उसका नाम था निशा।हुम दोनो एक हि इनसतितुते पे computer course कर रहे थे। वोह थि शरमिलि सि थि।हुमेशा मुझसे दरति थि,एक सिन मेन उसके घर गया वोह अकेलि थि, उसके मुम्मि पपा बहर गये हुवे थे।
उसने मुझसे पुचा कया पियोगे सोफ़त दरिनक या कुच होत।मेन ने कहा मुझे तु होत हि पसनद है तुम मुझे सूफ़े पिला दो।

वोह कोफ़्फ़ी बनने चलि गयि। मेन तव देख रहा था।मेन ने सोचा सद पलयेर ओन करता हून उसमेन आलरेअदी एक सद थि। मेन ने पलय किया तु उसमेन बलुए फ़लिम थि।
मेन ने उस्से जलदि से बनद कर दिया।मेन ने सोफ़्फ़े पि और चला आया घर। मेन ने सोचा निशा तु मुझसे दरति है सेक्स के नाम से बात हि नहि करना पसनद करति तु फिर ये सब कया है।कुच दिन बाद इनसतितुए पे उसने मुझे घर आने को कहा ।
मेन उसके घर गया उसदिन भि वहन पर कोइ नहि था बुस वोह अकेलि थि। मेन ने उस्से सोफ़्फ़े बनने को कहा ।वोह अनदर चलि गयि ।मेन भि उसके पिचे चला गया और उसके पिचे चिपका गया ।मेरा लुनद उसकि गनद से चिपका दिया ।वोह घबरने लगि और अग्गे होने लगि मेन फिर उस्से चिपक ने लगा वोह केहने लगि ये कया कर रहे हू।मेन ने उसको पकद लिया और उसके लिपस पे किस्स करने लगा ,उसने मुझे धक्का दे दिया और कहा ये कया है महेश ये कया कर रहे हू तुम ।उसने मुझसे बहर जाकर बेथ ने को कहा। मेन बहर आ गया और सोफ़्फ़े पिने लगा।
मेन ने उस्से पुचा कि तुम मुझसे इतना कयोन दरति हू ।बलुए फ़लिम कि सद देखति हू।वोह केहने लगि कून सि सद , मेन ने कहा बलुए फ़लिम वोह बोलि ये कून सि होति है मेन ने कहा कि कभि देखि नहि कया तु बोलि नहि ,मेन ने कहा अचा थिक है। और सोफ़्फ़ी पिने लग गया ।कुच देर बाद वोह बोलि तुमने कभि देखि है बलुए फ़लिम मेन ने कहा हान देखि है तु बलि कया होता है उसमेन मेन कहा कुच नहि जैसे दुसरि मोविए होति है वैसि होति है तु मुझसे पुचने लगि कया होता है बतओ ना बहुत जिद्द कर ने लगि मेन ने कहा एक शरत है वोह बोलि कया तु मेन ने कहा मेन तुहैन करके बतता हून कया होता है बलुए फ़लिम मेन तु केहने लगि ओक करो।मेन समझ गया कि ये भि चहति है मुझसे कुच।
फिर मेन धिरे धिरे उसके पस्स आने लगा और फिर उसका हाथ पकद लिया उसने मुझसे कुच नहि कहा धिरे धिरे मेन उसके बूबस दबने लगा उसके बूनस कफ़ि बदे और कदक थे । मुझे भि कफ़ि मजा आ रहा था और उस्से भि ।फिर मेन उसके लिपस पे किस्स करने लगा उसमेन जोश आ गया था।वोह मेरे शिरत के बुत्तोन खोलने लगि लेकिन उस्से बुत्तोन नहि खुल रहे थे तु उसने मेरि शिरत को फ़ाद दिया ।मेन भि पुरे जोश मेन था मेन ने उसका कुरता उअतरा फिर धिरे से सलवा खोलि फिर उसकि बरा को खोला और उसके बूबस को चुसने लगा वोह आआआआआआआआ।ह्हह्हह्हह्हह्हह्हह्हह।ह्हह्हह्हह्हह्हह्हह्हह।आआआआआआआआअ।।।।।।।।।ह्हह्हह्हह्हह्हह्हह्ह।।।।।।।।।।।।।।करने लगि ।फिर मेन ने उसकि चद्दि उतार दि ।वोह केहने लगि इतने देर पेनत खोलने मेन लऊ मेन खोल देति हून। उसने मेरि पेनत का हूक खोला और फिर ज़िप को खिलने लगि मेरा लुनद खला था ।वोह मेरे लुनद को सेहलने लगि और फिर उसने अपने मुह मेन ले लिया और चुस्सने लगि । मुझे कफ़ि मज़ा आ रहा था।कुच देर बाद केह ने लगि आब दलो भि और कितना चूसवऊगे मेन ने लुनद उसकि चुत मेन दला मगर उसकि पुस्सी इतनि तिघत थि कि मेरा लुनद अनदर नहि जा रहा था तु वोह बोलि एक काम करो तुम अपने फ़िनगेर को मेरि पुस्सी मेन दलो। मेन ने वहि किया अपनि फ़िनगेर को उसकि पुस्सी मेन दल दिया।
और अनदर बहर करने लगा कुच देर बाद बोलि आब दलो अपना लुनद तु मेन ने दला उसमेन अपना लौनद मगर फिर भि नहि जा रहा था । मेन ने कोस्सहिश कि और जैसे तैसे अपना लुनद उसकि पुस्सी मेन दला तु वोह जूर से चिल्ला उथि आआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआअ।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।ह्हह्हह्हह्हह्हह्हह्हह्हह्हह्हह्हह्हह्हह्हह्हह्हह्हह्हह्हह्हह्हह्हह्हह्ह। मेन दर गया मेन ने कहा चिल्ला कयोन रहि हो ऐसा तु होगा हि ना तु बोलि नहि महेश धिरे धिरे दलो मेन ने कहा वहि कर रहा हून। फिर मेन ने लुनद दला और जूर जूर से शोत मरने लगा।वोह चिल्ला ने लगि आआआआआआआआआआआअ।।।।।।।।ह्हह्हह्हह्हह्हह्हह्हह्हह्हह्हूऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऔऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊउ।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।स्सस्सस्सस्सस्सस्सस्सस्सस्सस्स।ह्हह्हह्हह्हह्हह्हह्हह्हह्हह्हह्हह्हह मेन फिर उसके लिपस पे किस्स करने लगा तकि उसकि आवज़ ना निकले और मेन जूर जूर से शोत मरने लगा।10 12 बार शोत मरने के बाद मेरा मालबहर निकल गया । और मेन उस्से चिपक कर सो गया वोह केहने लगि महेश कया ऐसा होता है बलुए फ़लिम मेन तु मेन ने कहा हान ऐसा होता है तु बोलि आब हुम रोज करेनगे मेन नी उस्से कहा कि जब भि कोइ घर पर नहि हू मुझे बुला लिया करो तु केहने लगि थिक है लेकिन तुम ये किसि को नहि बतना कि हुमने कया किया मेन ने कहा नहि बतऊनगा और घर चला आया और फिर हुमरा ये सिलसिला चलता रहा फिर उसकि शदि हो गयि और वोह मुझसे जुदा हो गयि।

0 comments:

Post a Comment

  © Marathi Sex stories The Beach by Marathi sex stories2013

Back to TOP