भाई ने सलवार उतारकर चोदा

Friday, 17 November 2017

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम सोनू है और में 22 साल की हूँ और में दिखने में बहुत मस्त आकर्षक लगती हूँ और मेरे फिगर का आकार 36-28-36 है, जिस पर बहुत से लड़के मरते है. में बहुत हॉट सेक्सी लड़की हूँ और में हर समय सेक्स के लिए तैयार रहती हूँ, क्योंकि मेरी चूत को शांत करने के लिए में लंड की तलाश में रहती हूँ. मुझे शुरू से ही से करना और अपने बदन को दिखाकर हर किसी को अपनी तरफ आकर्षित करने में बहुत मज़ा आता है. दोस्तों में दिल्ली में रहती हूँ और मेरे दो भाई और एक बहन है, मेरे बड़े भाई का नाम साजिद है.
एक दिन मैंने भी मन ही मन में सोचा कि क्यों ना में भी अपने भाई के साथ कुछ ऐसा करूं, जिसकी वजह से वो मुझे चोद दे और में अपने गरम जिस्म को ठंडा कर लूँ और उसकी आग को बुझा दूँ? तो में ना जाने कब से वैसे किसी मौके की तलाश में रहने लगी थी.
दोस्तों मेरे भाई की उम्र 26 साल है और उसको शुरू से ही बॉडी बिल्डिंग का बहुत शौक है, क्योंकि वो तो बस पूरी तरह से सलमान ख़ान बनना चाहता था, में जब भी उसके मस्त गठीले बदन को देखती हूँ, तो पता नहीं मुझे मेरे पूरे बदन में अजीब सा कुछ होने लगता था? में उसको देखकर अब मन ही मन सोचने लगी थी कि किस तरह में अपने छोटे भाई को मेरे साथ सेक्स करने के लिए अपनी तरफ आकर्षित किया जाए और वो मेरी जमकर चुदाई करे और वैसे उसकी मुझ पर नज़र तो बहुत पहले से ही थी.
दोस्तों जब भी में घर में झाड़ू लगाती हूँ तो वो मेरी कमीज़ के अंदर झांककर मेरे लटकते हुए गोरे गोल सेक्सी बूब्स को देखने की हमेशा कोशिश किया करता था और वो हमेशा यह समझता था कि जैसे मुझे कुछ पता ही नहीं है. मैंने अब सोचा कि क्यों ना इसको परेशान किया जाए, जिससे यह खुद ही आगे बढ़कर मेरे साथ वो सब कुछ करे, जो में इससे करवाना चाहती हूँ.
अब गर्मियों में एक बार जब मेरे घर में कोई भी नहीं था, बस मेरे और साजिद के तो मैंने अपने भाई से बोला कि साजिद में अब नहाने जा रही हूँ, तुम इसलिए अभी बाहर नहीं जाना और मैंने जानबूझ कर अपने कपड़े भी बाहर छोड़ दिए. थोड़ी देर के बाद जब में नहाकर फ्री हुई तो मेरे प्लान के हिसाब से मैंने अब साजिद को बाथरूम के अंदर से आवाज़ देकर उससे कहा कि साजिद ज़रा तुम मेरे कपड़े तो लाकर देना, वो में गलती से लाना भूल गई हूँ प्लीज और जब वो मेरे कपड़े लेकर आया तो मैंने अपने कपड़े लेने के बहाने से अपने हाथ को थोड़ा सा ज्यादा आगे बढ़ा दिया, जिसकी वजह से वो मेरे बूब्स को बहुत आराम से जी भरकर देख ले और ठीक वैसा ही हुआ.
अब जब वो मुझे मेरे कपड़े देने लगा तो उसकी प्यासी नज़र मेरे एक नंगे गोरे बूब्स पर चली गई और वो उसको लगातार अपनी खा जाने वाली नजर से देखता ही रहा. उस दिन मुझे उस खेल में बड़ा मज़ा आया और थोड़ी देर के बाद जब में वापस बाहर आई तो वो तुरंत वॉशरूम में जा घुसा और मुझे बहुत अच्छी तरह से पता था कि वो क्या करने जा रहा था.
इस तरह से दूसरे दिन जब में झाड़ू लगा रही थी तो उस दिन मैंने जानबूझ कर थोड़े ज्यादा बड़े गले की कमीज़ पहनकर में झाड़ू लगाने लगी थी, वो उस समय टी.वी. देख रहा था और मैंने नीचे बैठकर झाड़ू लगाने की जगह खड़े होकर झाड़ू लगानी शुरू कर दी. अब उस वजह से मेरे बड़े आकार के बूब्स मेरे बड़े आकार के गले वाले कपड़ो, ब्रा से बाहर नज़र आ रहे थे और उसने जब वो देखा तो वो अपनी चकित आखों से देखता ही रह गया और उसकी वजह मेरी छाती से हटने को तैयार ही नहीं थी.
मैंने कुछ देर बाद उसकी तरफ देखकर उससे पूछा कि तुम ऐसे क्या देख रहे हो? तब वो मेरी बात को सुनकर होश में आकर एकदम से घबराकर मुझसे बोला कि कुछ नहीं सादिया? दोस्तों तीन चार दिन में मैंने उसको ऐसे ही अलग अलग तरह से बहुत जमकर तंग कर दिया, जिसकी वजह से वो अब बिल्कुल पागल हो चुका था और में उसकी हरकतों को देखकर समझ चुकी थी कि वो अब मेरे साथ कुछ करने के मौके देख रहा है. दोस्तों हम दोनों शुरू से ही अलग अलग रूम में सोते थे और हमारे मम्मी, पापा उनके एक अलग रूम में सोते थे. एक दिन अचानक ही हमारे एक रिश्तेदार की म्रत्यु हो गई, जिसकी वजह से मेरी मम्मी और पापा को वहां पर पूरे एक सप्ताह के लिए जाना पड़ा, क्योंकि वो दूसरे शहर में रहते थे.
अब उस वजह से हमारे घर में सिर्फ़ हम दोनों भाई और बहन रह गए थे. दोस्तों अब तो मुझे और भी बहुत अच्छा मौका मिल गया था अपने भाई को गरम करने का, उसको अपना गोरा बदन दिखाकर पागल करने का और उसके साथ मज़े लेना का मेरे पास उससे अच्छा मौका कोई भी नहीं था.
अब में जानबूझ कर बिना ब्रा के झाड़ू लगाने लगी, जिसकी वजह से मेरे जिस्म का नशा उसके सर पर कुछ ज्यादा ही चड़ गया और अब मेरे बिना ब्रा के नीचे झुककर झाड़ू लगाने की वजह से मेरे बूब्स उसको पूरे पूरे साफ नज़र आने लगे थे, जिसकी वजह से वो तो अब हर रोज़ मेरे झाड़ू लगाने का इंतज़ार करता था कि कब में झाड़ू लगाऊं और वो मेरे लटकते हुए आमो को देखे और में उसकी वजह से बिल्कुल अंजान बनी रहती थी, क्योंकि वो अब तक मेरे पूरे जाल में फंस चुका था.
दूसरे दिन रात को जब में सो रही थी, तब मुझे अचानक से महसूस हुआ कि कोई है जो मेरे बूब्स को धीरे धीरे दबा रहा था, लेकिन में चुप रही और सोने का नाटक करती रही. थोड़ी देर बाद मैंने अपनी आंख को थोड़ा सा खोलकर देखा तो वो साजिद ही था, जो मेरी कमीज़ के ऊपर से मेरे बूब्स को दबा रहा था और अब भी मैंने अपनी आखों को बंद रखा, क्योंकि में भी तो उससे यही सब चाहती थी.
उसने कुछ देर बाद धीरे से मेरी कमीज़ को थोड़ा सा ऊपर कर दिया और अब वो अपने एक हाथ को अंदर डालकर मेरे बूब्स को धीरे धीरे दबाने लगा था. अब जिसकी वजह से मुझे मस्ती चड़ने लगी थी और में अपनी धीमी आवाज से मोन करने लगी थी, आहहह उह्ह्हह्ह और अब वो मेरे दोनों कबूतरों को अपने एक हाथ से धीरे धीरे सहलाने के साथ साथ उनकी निप्पल को दबा भी रहा था और उसका दूसरा हाथ मेरी सलवार में बड़ी तेज़ी से चल रहा था, शायद वो अपने लंड को जोश में ला रहा था.
कुछ देर तक मेरे बूब्स को दबाने चूत को सहलाने के बाद वो उठकर चला गया, शायद उसने बाथरूम में जाकर मुठ मारकर अपने लंड को शांत किया था.
जब वो ठंडा हो गया तो अपने रूम में चला गया. मैंने भी अपनी सलवार को नीचे करके अपनी चूत में ऊँगली करना शुरू कर दिया, जिसकी वजह से मुझे इतना मज़ा आया कि बस आअहह्ह्ह्ह मुझे ऐसा लग रहा था कि जैसे मेरी चूत में साजिद ऊँगली कर रहा है और कुछ देर के बाद मेरी चूत ने पानी छोड़ दिया, जिसकी वजह से अब में भी एकदम ठंडी हो गई.
उसके बाद में उसके बारे में सोचकर ना जाने कब सो गई और मुझे पता था कि जब तक मेरे पापा और मम्मी घर नहीं आएगें, तब तक साजिद मेरे रूम में जरुर आएगा. दोस्तों पूरे दिन भर वो मेरे साथ एकदम ठीक तरह से रहा, जैसे हमारे बीच कुछ हुआ ही ना हो और रात को सोते समय मैंने अपने भाई की आसानी के लिए उस रात को कपड़ो के अंदर जानबूझ कर अपनी ब्रा और पेंटी को नहीं पहना और में अपने सभी कामो से फ्री होकर अपने कमरे में आकर बेड पर लेटकर अपनी दोनों आखें बंद करके सोने का नाटक करके अपने भाई के आने का इंतज़ार कर रही थी.
कुछ देर बाद मुझे आवाज आई और कमरे का दरवाज़ा खुला और मैंने अपनी आखों को ज़ोर से बंद कर लिया और सोने का नाटक करने लगी. वो मेरे करीब आया और मेरे साथ मेरे बेड पर बैठ गया, उसने सबसे पहले मेरे बूब्स को कमीज़ के ऊपर से दबाना सहलाना शुरू किया और मेरे बूब्स के निप्पल पहले से ही तने खड़े थे और वो उसके छूने की वजह से और भी खड़े हो गए थे.
अब उसने मेरी कमीज़ के अंदर अपना एक हाथ डाल दिया और वो मेरी छाती को सहलाता और धीरे धीरे दबाने लगा था, जिसकी वजह से मुझे मस्ती चड़ने लगी, बहुत मज़ा आ रहा था और जब वो मस्ती में आकर मेरे निप्पल को दबा रहा था, उसी समय उस काम को करने के साथ साथ उसका हाथ धीरे धीरे मेरी जांघो की तरफ बढ़ने लगा था, जिसकी वजह से में बहुत गरम होने लगी थी और में अब बिल्कुल कामुक हो रही थी.
अब उसने मेरी सलवार के अंदर हाथ डाल दिया और वो मेरे नरम छोटे छोटे बालों से होता हुआ मेरी कामुक गीली चूत तक पहुंच गया और चूत को सहलाने लगा. अब मुझसे बिल्कुल भी बर्दाश्त ना हुआ और में अपनी दोनों आखें खोलकर उससे एकदम बोल पड़ी, साजिद तुम यह क्या कर रहे हो? तभी वो बैचारा एकदम से घबराकर कहने लगा कि कुछ नहीं, प्लीज आप मुझे माफ़ कर दो और मम्मी, पापा से नहीं बोलना, वरना वो मुझे घर से बाहर निकाल देंगे. मैंने उससे कहा कि हाँ ठीक वैसे भी में कौन सी कहने वाली थी.
मैंने मन ही मन खुश होकर उससे कहा कि हाँ ठीक है, लेकिन मेरी एक शर्त है, तुम अब वही करोगे, क्योंकि जो तुम अभी मेरे साथ कर रहे थे, उससे मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था और मेरे कहने की देर थी और उसने तुरंत मेरी बात को सुनकर मुझे अपनी बाँहों में लेकर इतनी ज़ोर से दबाया कि मेरे बूब्स उसकी छाती में दब गए और अब वो मुझसे कहने लगा कि में तो पहले ही समझ चुका था कि तुम भी यही चाहती हो, इतना कहकर उसने तुरंत अपने होंठ मेरे होंठो पर रख दिए और एक किस करके और साथ साथ उसका एक हाथ मेरी कमीज़ में से होता हुआ मेरी छाती से भी दबाने लगा और उसने फ्रेंच किस के बीच दो बार मेरे होंठो पर हल्के से काट भी लिया.
मैंने उससे कहा कि यह क्या कर रहे हो? तब वो बोला कि रंडी चुदकड़ आज से तू मेरी बहन नहीं रंडी है, जो में आज के बाद तुझसे कहूँगा, तू वही करना क्यों ठीक है? अब में उसकी बात को सुनकर एकदम चुप हो गई और में अपने भाई के मुहं से यह बात सुनकर बिल्कुल हैरान हो गई. तभी उसने मेरी कमीज़ को एक ही झटके में नीचे उतार दिया और अब वो मेरी छाती को ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा और वो मेरे निप्पल को इतनी ज़ोर से चूस रहा था कि उस दर्द की वजह से मेरे मुहं से हल्की सी चीख निकल गई, लेकिन मुझे उसके साथ यह सब करने में मज़ा भी बहुत आ रहा था और में अपने गरम भाई को अपने सेक्सी जिस्म की वजह से पागल होता हुआ देख रही थी.
अब उसने मेरी सलवार की तरफ अपने हाथ को बढ़ाकर मेरी सलवार को पूरा उतार दिया और वो नीचे मेरी रसभरी वर्जिन चूत को देखकर बोला वाह क्या ज़बदस्त चूत है? और वो अपने दोनों हाथों से मेरी चूत के होंठो को अलग करते हुए अपनी एक ऊँगली को उसके अंदर डालने की कोशिश करने लगा.
अब में उस दर्द से आहें भरते हुए उससे कहने लगी, आईईई उफफ्फ्फ् प्लीज भाई थोड़ा धीरे करो, आह्ह्ह मैंने पहले कभी नहीं मरवाई. उसने मेरी चूत को चाटना शुरू कर दिया और मैंने भी उसके कपड़े उतारकर उसके लंड को अपने हाथ में लेकर मसलना शुरू कर दिया, जिससे वो और भी गरम हो रहा था, मुझे बहुत मज़ा आ रहा था और में सिसकियाँ लेते हुए उससे कह रही थी, आअहह उफ्फ्फ्फ़ हाँ भाई और ज़ोर से चाटो, खा जाओ अपनी बहन की कुंवारी चूत को आआहह भाई हाँ और ज़ोर से करीब दस मिनट तक वो मेरी चूत को चाटता रहा, लेकिन अब में झड़ने वाली थी.
मैंने उससे कहा हाँ भाई चूसो और प्लीज भाई और ज़ोर से चाट मेरी चूत को खा जा और एक हल्की सी चीख के साथ में झड़ गई, आहह. कुछ देर बाद उसने अपना लंड मेरे मुहं की तरफ बढ़ा दिया और मुझसे कहा कि तुम अब इसको अपने मुहं में लो.
मैंने उससे कहा कि पहले तुम इसको साफ तो करो, लेकिन तभी उसने ज़बरदस्ती मेरे सर के बाल पकड़कर मेरे मुहं में अपना लंड डाल दिया और वो कहने लगी कि रंडी मैंने तुझसे अभी कुछ देर पहले क्या कहा था कि में जैसा जैसे कहूँ चुपचाप करती रहना. दोस्तों मैंने तब महसूस किया कि उसके लंड का बड़ा ही अजीब सा स्वाद था और में उसका लंड हल्के हल्के चूसने लगी और मुझे भी अब बड़ा मज़ा आने लगा था, इसलिए में मज़े लेती हुई वो करने लगी. तभी उसने कुछ देर बाद अपने दोनों हाथों से मेरे सर को पकड़कर अपने लंड से धक्के देकर मेरे मुहं को चोदना शुरू किया, जिसकी वजह से मेरी साँसे रुक रही थी, लेकिन वो तो अब भी रुकने का नाम ही नहीं ले रहा था, वो मुझसे बोल रहा था कि वाह सादिया आज तूने मुझे बहुत मज़ा दिया है, आअहह.
मैंने महसूस किया कि उसका पूरा शरीर अब अकड़ रहा था और वो झड़ने लगा था. दोस्तों मेरे मुहं में जब तक उसके वीर्य की आख़िरी बूंद नहीं गई, उसने अपना लंड मेरे मुहं से बाहर नहीं निकाला. उसके बाद हम दोनों एकदम बैहाल होकर पूरे नंगे ही बेड पर लेट गए. कुछ देर के बार वो से उठा और वो मेरे एक बूब्स को चूसने लगा और दूसरे हाथ से मेरे दूसरे निप्पल को दबाने लगा, जिसकी वजह से कुछ देर बाद मुझे एक बार से मस्ती छाने लगी. तभी मुझसे मेरा भाई बोला कि अब तुम मेरा लंड दोबारा से चूसना शुरू करो, अभी तो हमारा असली खेल बाकी है और दोबारा से उसने मेरे मुहं में अपना लंड डाल दिया. में दोबारा उसका लंड चूसने लगी थी और अब हम दोनों 69 पोज़िशन में आ गए थे और जब उसका लंड एकदम मज़बूत लोहे के सरिये की तरह हो गया.
तब मैंने उससे कहा कि प्लीज साजिद अह्ह्ह्ह प्लीज तुम अब अपनी रंडी बहन को आज बहुत जमकर चोद दो प्लीज आईईईई जल्दी करो, लेकिन वो तो अब भी मेरी चूत को पागलों की तरह चाट रहा था, जिसकी वजह से मुझसे अब बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं हो रहा था. मैंने उससे कहा कि भाई प्लीज अब चोद ना अपनी बहन को वैसे तो तू जब भी में झाड़ू लगाती थी, तब मेरे बूब्स को हर रोज़ घूर घूरकर देखता था.
वो उठा और उसने अपना लंड मेरे पेट पर रगड़ना शुरू कर दिया और में धीरे धीरे आगे होने लगी और अपने कूल्हों को ऊपर उठाया और उससे कहा प्लीज अब जल्दी से तू अब मेरी इस आग को ठंडा कर दे, लेकिन शायद उसको तो मुझे परेशान करने में ही मज़ा आ रहा था, में अपने हाथ से उसका लंड पकड़कर अपनी चूत में डालने लगी, लेकिन उसका लंड तो हर बार फिसलकर इधर उधर हो जाता. साजिद मुझसे कहने लगा, अच्छा रंडी तुझे ज्यादा जल्दी है तो यह ले और उसने एक ज़ोर का झटका लगा दिया, जिसकी वजह से मेरे पूरे जिस्म में एकदम उस दर्द की लहर दौड़ गई. मैंने उससे कहा आह्ह्हह्ह्ह्ह आहईईईीइसस्स सस्स्स्टता धीरे करो में अभी तक वर्जिन हूँ.
वो जोश में धक्के देते हुए बोला कि ले और ले उसने एक और झटका लगा दिया, जिसकी वजह से मुझे ऐसा लगा कि जैसे कोई गरम सरिया मेरे जिस्म में डालने के कोशिश कर रहा है और में उस दर्द से चीखने लगी, आईईइ ऊईईईईई माँ में मर गई, बाहर निकालो इसको, मैंने उससे छूटने की भी कोशिश की, लेकिन उसके हाथ मेरी ताक़त से ज्यादा मज़बूत थे.
अब में चिल्ला रही थी, आह्ह्हह्ह प्लीज साजिद अब इसको बाहर निकालो वरना में आज मर जाउंगी, लेकिन दोस्तों वो अब मेरी कहाँ सुन रहा था, उसने एक और झटका लगाया और अब उसका आधे से ज्यादा लंड मेरी चूत के अंदर चला गया. अब वो मुझसे बोला ले और ले रंडी और एक ज़ोरदार झटका लगाकर उसने अपना पूरा लंड मेरी चूत में डाल दिया, आआहहहहह जिसकी वजह से मेरी दर्द भरी चीख निकल गई और मेरी साँसे ज़ोर ज़ोर से चल रही थी, वो मेरे ऊपर ऐसे ही लेटा रहा और उसका लंड तब मेरी चूत के अंदर ही था, तब मुझे महसूस हो रहा था कि जैसे कोई लोहे का गरम सरिया मेरी चूत के अंदर है और उसने कुछ देर बाद धीरे धीरे अपना लंड अंदर बाहर करना शुरू किया. तब मैंने उससे कहा कि साजिद प्लीज थोड़ा आराम से उईईईइईई स्सीईईइ मुझे बहुत दर्द हो रहा है.
उसने मुझसे कहा कि कुछ नहीं होगा अभी थोड़ी देर में तुम्हारा यह दर्द मज़े में बदल जाएगा और वो अपने लंड को अंदर बाहर हिलाने लगा, जिसकी वजह से अब मुझे भी धीरे धीरे मज़ा आने लगा था, ऊहह्ह्ह्हह्ह आअहह्ह्हह्ह्ह्ह हाँ आराम से साजिद मज़ा आ रहा है, आराम से आआहह हाआंन्णणन्. उसने ज़ोर ज़ोर से धक्के देना शुरू कर दिया और मुझे भी बहुत मज़ा आया. मैंने उससे कहा शाबाश मेरे भाई ज़ोर से और ज़ोर से हाँ फाड़ डाल अपनी बहन की चूत को, फाड़ डाल शाबाश आहह्ह्ह्ह करीब 15 मिनट के बाद उसने और ज़ोर से हिलना शुरू कर दिया और वो बोला कि सादिया अब में झड़ने वाला हूँ, आईईईई में गया.
मैंने उससे कहा कि हाँ में भी अब गई, आईईईइ उससे पहले में झड़ गई और मैंने अपनी चूत से उसके लंड पर अपनी गिरफ़्त मज़बूत कर दी. कुछ ही देर के बाद वो भी झड़ गया और हम दोनों की सांसे बहुत तेज़ तेज़ चल रही थी और हम दोनों निढाल होकर बिस्तर पर पड़े हुए थे. जब मैंने थोड़ी देर के बाद अपनी चूत के तरफ देखा तो वहां से खून और वीर्य की वजह से मेरी ऊँगली एकदम लाल हो गई थी और साजिद का लंड भी लाल हो रहा था और उस पर भी मेरी चूत का खून लगा हुआ था.
दोस्तों उस रात को हमने तीन बार जमकर चुदाई के मज़े लिए और उसके बाद वो अपने कमरे में जाकर सो गया. दोस्तों क्योंकि सुबह रविवार का दिन था, इसलिए में देर तक बहुत मज़े से सोने के बाद जब उठकर अपने कमरे से बाहर गई तो मैंने देखा कि साजिद पहले से ही उठा हुआ था. अब उसने मेरी तरफ देखकर मुझसे कहा कि सादिया वाह मज़ा आ गया कल रात को, में उसकी बात से एकदम शरमाने लगी और तभी उसने पीछे से आकर मेरे बूब्स को एक बार से पकड़ लिया.
अब मैंने उससे कहा कि यह क्या करते हो, कोई देख लेगा, हम दोनों भाई बहन है? उसने कुछ भी नहीं कहा, वो मेरे बूब्स को मसलता रहा और उस दिन हम दोनों ने उसी शाम को एक बार से वही खेल खेला, जो हम दोनों ने पिछली रात को खेला था, जिसकी वजह से उसने मुझे चोदकर पूरी तरह से संतुष्ट किया.

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चचेरी बहन की चूत की पानी

Thursday, 16 November 2017

मेरा नाम कुशाग्र है मैं लखनऊ में रहता है, मैं 21 साल का हु, मुझे एडल्ट मूवी देखना बहुत अच्छा लगता है, और सेक्स की कहानियां पढ़ना काफी अच्छा लगता है. मैं रोज रोज एडल्ट मूवी देखता हु, मैं आज तक कभी किसी भी लड़की की चुदाई नहीं पर मन बहुत करता था, अब मेरी ये तमन्ना पूरी हो गयी है, क्यों की कल ही मैंने अपने चचेरी बहन शिल्पा की चुदाई की है वो भी बड़े ही फिल्मी स्टाइल में, क्यों की मैं काफी कुछ एडल्ट मूवी देख के सिख गया हु, कैसे लण्ड घुसाते है कैसे चूत को चाटते है, सबसे बढ़िया तरीका कौन सा होता है चुदाई करने के लिए.

मेरे मम्मी पापा दोनों मामा जी की यहाँ गए थे क्यों की मेरी नानी की तबियत खराब थी, तो मैं घर पे अकेला था, मेरे पापा दो भाई है, बड़े चाचा बगल बाले घर पे रहते है, उनकी बेटी यानी की मेरी चचेरी बहन शिल्पा बहुत ही खूबसूरत है, वो मेरे से एक साल बड़ी है, पर अभी शादी नहीं हुई है वो पढाई कर रही है, तभी मेरा दरवाजा किसी ने खटखटाया, मैं जाके देखा तो शिल्पा थी, बोली कुशाग्र चाची है, मैंने कहा नहीं वो तो मामा जी के यहाँ गए है, तो बोली अरे यार मम्मी भेजी है, बोली जा चाची के यहाँ से चीनी ले आ, तो मैंने कहा कोई बात नहीं मैं दे देता हु, वो अंदर आ गई और मैं चीनी लेने रसोई में चला गया.

मैं रसोई में से चीनी लेके बाहर आया तो देखा की शिल्पा मेरे लैपटॉप के सामने बैठी थी, मैं सोफे ऑफ़ बैठ के एडल्ट मूवी लैपटॉप पे देख रहा था और बंद करना भूल गया, मैं बहुत हड़बड़ा गया था, मैं झट से लैपटॉप को बंद किया और बोला सॉरी, गलती से चालू ही रह गया, मैं डर गया था, पर शिल्पा मुझे तिरछी नजर से देख रही थी, और अपने होठ पे दांत को दबा रही थी, ऐसा लग रहा था वो सेक्स की नशे में आ गई थी, तभी शिल्पा बोली क्या तुम्हे ये मूवी अच्छा लगता है, मैंने कहा हां, तो वो बोली मुझे भी बहुत अछा लगता है, चालू कर ना सुरु से, मैंने स्टार्टिंग से मूवी को चालु कर दिया, वो मेरे साथ बैठ गयी सट के और हम दोनों मूवी देखने लगे,

धीरे धीरे शिल्पा ने मेरे लण्ड को पकड़ लिया फिर वो मेरे में लिपट गयी, उसकी बड़ी बड़ी चूचियाँ मेरे साइन से चिपक गयी, मैं शिल्पा के होठ पे किश कर लिया, वो भी मुझे किश कर रही थी, फिर मैंने उसके टॉप को ऊपर कर दिया और बड़ी बड़ी मदमस्त चूचियाँ दबाने लगा, हम दोनों मूवी भी देख रहे थे और एक दूसरे को किश करते हुए वो मेरे लण्ड को सहला रही थी और मैंने उसके चूची को सहला रहा था, मैंने कहा चाची चीनी का इंतज़ार कर रही होगी, तो शिल्पा बोली वो तो मैंने झूठ बोला था, मम्मी पापा दोनों गाँव गए है, रात को आयेगे, इतना सुनते हु, मैंने उसके कपडे उतार दिए, ब्रा का हुक भी पीछे से खोल दिया बड़ी बड़ी चूचियाँ मेरे सामने झूल रहे थे, मैंने एक एक करके दोनों चूचियों को मुह में ले रहा था, और दबा रहा था शिल्पा सिर्फ आअह आआह आआह आआह कर रही थी,

फिर दोनों लैपटॉप लेके बैडरूम में आ गए लैपटॉप का वॉल्यूम थोड़ा और बढ़ा दिया, और दोनों 69 की पोजीशन में आ गए, यानी की मैंने उसके चूत को चाट रहा था और वो मेरे लण्ड को अपने मुह में लेके चाट रही थी, मैंने उसके क्लीन शेव चूत को खूब चाटा उसके बाद मैंने अपनी एक ऊँगली उसके चूत में घुसा के अंदर बाहर करने लगा ये सिलसिला करीब १५ मिनट तक किया, क्या बताऊँ दोस्त शिल्पा के मुह में आआह आआअह आआअह आआअह आआअहाआ की आवाज़ निकल रही थी और वो वाइल्ड तरीके की कर रही थी, हरेक तीन से चार मिनट में वो अपने चूत की पानी छोड़ रही थी, जैसे ही वो पानी छोड़ती मैं फटाफट चाट जाता. 

फिर मैंने उसको किश करने लगा और बूब को दबाने लगा, शिल्पा बोली कुशाग्र अब मुझे मत तड़पाओ प्लीज, मेरा चूत तेरे लण्ड को पाने के लिए बेक़रार है, मैंने भी अपने लण्ड को दो बार हिलाया मेरा लण्ड करीब 8 इंच का हो चूका था, और सलामी दे रहा था, मेरा लण्ड भी शिल्पा के चूत में जाने को बेक़रार था, मैंने शिल्पा के दोनों टांग को फैलाकर अपने दोनों कंधे पे लिया और अपना लण्ड उसके चूत के सामने रखा, फिर एक झटका दिया, मेरा लण्ड पूरा उसके चूत में चला गया था, फिर वो गांड उठा उठा के चुदवाने लगी,

फिर मैंने शिल्पा को घोड़ी बना और मैंने मैं कुत्ते की तरह हो गया और चोदने लगा, करीब मेरी और शिल्पा की चुदाई २ घंटे तक चली थी, इस बीच मैं दो बार झड़ चुका था पर उससे छोड़ने का मन ही नहीं कर रहा था, इसलिए जैसे ही मैं उसको छेड़ता मेरा लण्ड फिर से तैयार हो जाता, और jab भी मैं शिल्पा की चूत में ऊँगली घुसाता और अंदर बाहर करता और जीभ घुसता उसका भी चूत पानी पानी हो जाता, आपको मेरी कहानी कैसी लगी 

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शिक्षक

माझे नाव विकी शर्मा आहे आणि मी इंदोर चा राहणारा आहे. मी आज परत एक वेळा माझी एक एकदम खरी गोष्ट घेऊन आलो आहे. मित्रांनो हि घटना काही काळा पूर्वी घडली होती आणि तेव्हा मी माझा पुढचा अभ्यास करायला एका खूप मोठ्या कोलेज मध्ये एडमिशन घेतले होते, आता मी तिथे खूप खुश होतो, माझे तिथे खूप सारे मित्र बनले होते आणि मला त्यांचे वर्तन पण खूप आवडले होते.
आम्हि लोक तिथे अभ्यास बरोबर खूप मजे पण करत होतो, तेव्हा माझ्या कोलेज मध्ये एक टीचर होती तिचे नाव होते धारा, ती मला खूप सेक्सी वाटत होती, मी जेव्हा पहिल्या वेळी तिला पहिले होते तेव्हा पासून मी तिचा एकदम दिवाना झालो होतो, तिचे बोलणे तिची सुंदरता तिचे हसणे सर्व काही पाहून मी तिच्या कडे खूप आकर्षित झालो होतो.
मित्रांनो मला असे पण आधी पासून मोठ्या वयाच्या स्त्रिया जास्त करून लग्न झालेल्या खूप आवडतात आणि मी त्यांच्या कडे जास्त आकर्षित होत असतो. धारा चे लग्न झाले नव्हते पण ती आमच्या कोलेज मधून काही वर्षे पूर्वी अभ्यास करून बाहेर निघाली होती आणि आता ती इथेच आम्हाला शिकवत होती आणि तिचे फिगर एकदम मस्त होते. तिचे ३६ चे बोल होते आणि ते एकदम गोल गोल आणि गोरे पान होते, तिची सेक्सी आणि मटकती कमर ३४ इंच ची होती तिची गांड पण एकदम गोल आणि एकदम भरावदार होती तिचा चेहरा पण एकदम सेक्सी आणि मादक होता आणि एकदम लाल रंग चे ओठ होते आणि एकूण म्हणले तर ती एक नंबर ची सेक्सी स्त्री होती, त्यामुळे मी तिच्या वर एकदम लट्टू होतो आणि मी तिच्या सेक्सी अंगाला ज्या दिवस पासून पहिले होते तेव्हा पासून मी तिचा एकदम दिवाना झालो होतो आणि ती खूप हसमुख आणि चांगल्या स्वभाव ची होती.
मग माझे काही दिवस तिथे राहिल्या नंतर तिच्या बरोबर अनेक वेळा हसणे आणि मस्ती मजा पण होऊ लागली होती आणि मग मी शेवट च्या वर्षी पर्यंत आलो तो पर्यंत माझे तिच्या बरोबर खूप चांगले असे बोलणे पण सुरु झाले होते आणि आता आम्ही कधी कधी एक मेका ला मेसेज करून जोक पण पाठवू लागलो होतो, आमच्या मध्ये हे सर्व काही असेच चालू राहिले होते.
आता माझ्या कोलेज चे काही शेवट चे दिवस राहिले होते आणि त्या मुळे सर्व टीचर ला पण आमच्या बरोबर कोलेज मध्ये काही वेळ पर्यंत जास्त थांबावे लागत होते, ते सर्व आम्हाला शिकवत होते आणि आम्ही सर्व एकदम मन लावून त्यांचे ऐकत होतो आणि समजून घेत होतो, मग मी एक दिवस माझ्या काही कामाने कोलेज मध्ये थांबलो होतो आणि मला तिथून माझ्या घरी जाता जाता संध्या काळ चे ६ वाजून गेले होते, तेव्हा मी पार्किंग मध्ये पोचलो होतो आणि मग मी तिथे पहिले कि काही वेळाने धारा मेडम पण तिथे माझ्या समोर चालत येत होती, मी तिला येताना पहिले आणि मी तिच्या जवळ गेलो होतो.
मग मी पहिले ती आज तिच्या चेहर्या वरून काही तरी आजारी आहे असे वाटत होती, तिचा चेहरा एकदम उतरलेला होता, म्हणून मी तिला विचारले कि आज तुम्ही असे का उदास आणि एकदम निराश वाटत आहे, मला सांगा न काय अडचण आहे तर ती मला म्हणली कि आज माझी तब्येत चांगली नाही आहे आणि मग ती असे मला म्हणून ती तिच्या रस्त्या वर पुढे चालू लागली होती.
मग मी तेव्हा तिला म्हणलो कि चला मेडम आज मी तुम्हाला तुमच्या घरी सोडून देतो आहे आणि असे पण तुम्ही मला आता सांगितले आहे कि तुमची तब्येत बरी नाही आहे, पण तिने माझे ऐकून नाही म्हणले आणि ती मला म्हणू लागली कि तू राहू दे माझ्या मुळे तुला पण त्रास सहन करावा लागेल, मी एकटी माझ्या घरी जाते, मग मी तिच्या समोर खूप हट्ट केला होता आणि अनेक वेळा माझ्या बरोबर यायला सांगितले होते आणि मग मी तिला म्हनलो कि तुम्ही आधी पासून दमले आहे आणि असे करत तुम्ही ओटो मधून कोठे पर्यत जाणार आहे? तुम्ही माझ्या बरोबर चला आणि मग थोडा हट्ट केला कि ती माझी बरोबर यायला ऐकली होती, मग ती म्हणली कि चल ठीक आहे तू आता माझ्या मागे इतका लागला आहेस तर मी तुला आज निराश करणार नाही मी तुझ्या बरोबर येते आणि तुझे मान ठेवते. 
असे म्हणून ती माझ्या मागे येऊन बसली होती आणि आता आम्ही दोघे पण माझ्या बाईक वर तिच्या घरा कडे चालू लागलो होतो आणि तेव्हा तिचे बोल माझ्या पाठी ला टच करत होते, आणि त्यामुळे मी तिचे सेक्सी आणि एकदम मुलायम बोल मला स्पर्श करत असल्याने एकदम चांगले अनुभव करत होतो, मला खूप मजा येत होती आणि मग मी पूर्ण रस्त्या मध्ये जाणून बुजून एकदम पुन्हा पुन्हा ब्रेक मारत होतो आणि त्यांचा चांगला अनुभव घेत होतो आणि आता ब्रेक लागत असल्याने ती मला एकदम चिकटून बसली होती.
मग काही वेळ पर्यंत चालले कि आम्ही तिच्या मल्टी पर्यंत पोचलो होतो आणि ती माझ्या मागून उतरून एकदम माझ्या जवळ येऊन उभी होती आणि मी तीला सतत एकटक पाहत होतो, पण मित्रानो मला तिला माझ्या गाडी वरून उतरू द्यायची जरा पण इच्छा नव्हती, मी तर माझ्या मनातल्या मनात असा विचार करत होतो कि माझ्या बरोबर तिचा हा प्रवास पूर्ण आयुष्य असाच चालू राहील आणि मी तिचे मजे घेत राहू, मग तिने मला वर यायला सांगितले होते आणि मग मी पण माझ्या होश मध्ये आलो आणि तिला पटकन हो महाले होते आणि मग मी तिच्या मागे मागे चालत होतो आणि आम्ही दोघे तिच्या फ्लेट वर गेलो होतो आणि मी जाऊन बसलो होतो आणि मग तिने मला पाणी घेऊन पाजले होते.
मग मी तिला म्हणले कि तुम्ही आता आराम करा आणि मग मी तिला सोफ्यावर बसवले होते आणि मग मी तिला विचारले कि आता सांगा मला कि तुम्हाला काय झाले होते? तर ती मला म्हणू लागली कि असे काही नाही जाले बस थोडा थकवा आला होता आणि आता माझे पूर्ण शरीर पण थोडे थोडे दुखू लागले होते, काल रात्री मला सरळ झोप लागली नव्हती आणि या मुळे हे सर्व होत आहे, मग मी तिला म्हणले कि तुम्ही आता आराम करा आणि मग मी म्हणलो कि मी तुम्हाला थोडी मसाज करून देतो, तसे केले तर तुम्हाला हळू हळू थोडे चांगले वाटू लागेल आणि तुम्हाला सरळ झोप पण लागेल. 
मग तिने माझे हे ऐकून मला सरळ नाही म्हणून टाकले होते आणि ती मला म्हणली कि तू राहू दे, मी आता आराम करताना काही औषध घेऊन टाकेन आणि मग काही तास झाले कि मी एकदम ठणठणीत बरी होऊन जाईन, मग मी तिला एकदम मस्ती ने म्हणले कि तुम्ही अजिबात चिंता करू नका, मी तुमच्या बरोबर काही चुकी चे करणार नाही आहे, कि जेणे करून तुम्ही मला घाबरत आहे, मग माझे हे ऐकून मित्रांनो ती थोडी गालातल्या गालात हसू लागली होती आणि मग ती मला म्हणली कि असे काही पण नाही आहे, जसे तू तुझ्या मनात विचार केला आहेस, तसे मी अजिबात विचार करत नाही आहे.
मग मी तिला म्हणलो कि तर मग ठीक आहे आता मी जातो आहे, मग ती मला म्हणली कि तुला माझे बोलणे वाईट वाटले कि काय? तर मी म्हणलो कि तुम्हाला माझ्या वर विश्वास नाही आहे तर मग माझे इथे थांबायचे काय कारण आहे? मग ती माझे असे बोलणे ऐकून पटकन माझ्या जवळ येऊन बसली होती आणि मला म्हणली कि असे काही पण नाही आहे, पण मी तुला काही कारण नसताना हैराण करू पाहत नाही आहे.
मग मी तिला म्हणलो कि मला तुमची मदत करायला कसला हि त्रास होणार नाही आहे आणि हे माझे कर्तव्य पण आहे, आणि तुम्ही मला तुमचे जवळ चे मानत नाही आहे, म्हनून तुम्ही मला असे सर्व काही सांगितले. तेव्हा तिने एकदम माझा हात पकडला होता आणि ती मला तिच्या रूम मध्ये घेऊन गेली होती आणि मी थांबलो होतो आणि मग ती माझ्या समोर तिच्या बेड वर उटली झोपली होती आणि मग मला म्हणली कि तू माझी कमर जरा जोराने दाबून दे आणि माझ्या खांद्या मध्ये काही जास्त त्रास होत नाही आहे, त्यामुळे तिथे तर तू हळू हळू दाबले तरी चालेल.
मित्रांनो तिच्या तोंडून आता हे सर्व ऐकून मी तर एकदम खुश झालो होतो आणि मी पटकन तिच्या जवळ जाऊन बसलो होतो आणि मग तिच्या माने पासून तिच्या खांद्या पर्यंत आणि मग तिच्या पाठी ची मालिश करू लागलो होतो आणि आता तिला हळू हळू थोडा आराम मिळत होता, त्यामुळे तिने आता तिचे दोन्ही डोळे बंद केले होते आणि ती आराम करू लागली होती, आता मी तिची पाठ ची मसाज करून देत होतो आणि ती करत असताना माझा हात पुन्हा पुन्हा तिच्या ब्रा च्या हुक ला लागत होता आणि माझे मन तर करत होते कि यांन आता उघडून टाकू. मग मी तिला विचारले कि आता तुम्हाला कसे काय वाटत आहे? तर तिने तिचे डोळे न उघडता एकदम हळू हळू आवाज मध्ये हो म्हणले आणि मग मी तिच्या गोर्या पाठी वरून तिच्या सेक्सी कमरे कडे येऊ लागलो होतो आणि मग माझी ताकद लावून तिची पूर्ण पाठ आणि कमर ची मसाज करू लागलो होतो आणि कधी कधी असे करताना मी तिचे मुलायम आणि भरलेले गांड पण दाबून देत होतो आणि मग पटकन परत मी कमरे वर येत होतो. मग काही वेळाने हळू हळू तिला चांगले वाटू लागले होते तर मी उठलो होतो आणि तिच्या पाया कडे गेलो होतो आणि मग मी तिला म्हणलो कि मी इथे बसून सरळ मसाज करू शकत नाही आहे आणि मग तिला असे सांगताना मी तिचे दोन्ही पाय पसरून दिले होते आणि मी मध्ये आलो होतो.
मग ती काही समजू शकेल त्या आधी मी पुन्हा एक वेळा तिच्या पाठी वर मसाज करणे चालू करून टाकले होते. मग मी तिच्या कमरे पासून तिची गांड पण दाबू लागलो होतो आणि मग मी हळू हळू खाली उतरू लागलो होतो आणि तिच्या मांडी पर्यंत आलो होतो आणि मग मी तिच्या पाया ची पण मसाज करू लागलो होतो, पण तिने मला काही पण म्हणले नाही, त्या मुळे आता माझी हिम्मत काही जास्त प्रमाणत वाढली होती.
मग मी तिच्या मांडी च्या आत ल्या भागाला पण दाबू लागलो होतो आणि आता मी माझे हात एकदम वर पर्यंत घेऊन जाऊन तिच्या गांडी च्या फटी मध्ये वर पासून खाली पर्यंत मसाज करत होतो, ज्या मुळे जेव्हा माझे हात तिच्या गांडी च्या फटी मध्ये लागत होते तेव्हा ती अचानक आह्ह ओह अहह करत होती. मग मी तिला पाहून लगेच समजलो होतो कि आता ती काही प्रमाणात थोडी थोडी गरम झाली आहे आणि मग काही वेळ पर्यंत असे करून मग मी तिचे पाय पकडले होते आणि मग तीअल एकदम सरळ करून टाकले होते.
आता माझ्या या कामा मध्ये तिने पण मला पूर्ण साथ दिली होती आणि आता ती माझ्या एकदम समोर एकदम सरळ होऊन्न जोपली होती, ज्या मुळे ती तिचे डोळे बंद करून झोपली होती आणि मी तिच्या दोन्ही पायच्या मध्ये बसून तिचे पाय आणि मांडी दाबत होतो.
मग माग च्या सारखे पुढून पण मी माझ्या हाताला खालून वर पर्यन चालवणे चालू केले होते आणि मग मी तिच्या गुडघ्या पासून तिच्या पुच्ची पर्यंत तिच्या मांडी ची मसाज करत होतो आणि मी जेव्हा तिच्या पुच्ची च्या जवळ जात होतो तेव्हा मी माझ्या अंगठ्याने तिच्या पुच्ची च्या ओठाला आपापसात घासून देत होतो, ज्या मुळे ती अहः ओह अहह औऊ करत होती आणि मग मी परत खाली येत होतो. मित्रानो मी असे ५ ते ७ वेळा केले होते आणि आता हळू हळू मला तिच्या पुच्ची मध्ये ओलावा जाणवू लागला होता आणि मग मी खाली जाने कमी करत करत दर दोन सेकंद मध्ये तिच्या पुच्ची ला घासत होतो आणि आता ती एकदम मस्त होऊ लागली होती आणि आता मला ती सतत मोन करत असलेले आवाज येऊ लागले होते आणि ती आग्य अय्यय आय्य एस आह ह्येस्स अह्ह्ह ओअः हौऊ करत होती. 
मग मी पण हा चांगला चान्स आहे हे जाणून घेतले होते आणि मग पटकन तिची सलवार आणि पेंटी एका वेळी एकत्र खाली करून टाकली होती आणि मग मी एक पण मिनिट वाट न पाहता माझे तोंड तिच्या पवित्र पुच्ची मध्ये लावले होते आणि मी तिची पुच्ची मस्त मध्ये चाटू लागलो होतो. मित्रानो मी हे सर्व काम इतक्या अचानक केले होते कि तिला काही विचार करायचा अजिबात वेळ मिळाला नाही आणि मग तिने थोडे घाबरून उठायचा प्रयत्न केला होता, पण मी तिची कमर पकडली होती आणि मग मी तिची पुच्ची अजून पण जोराने चाटू लागलो होतो, आणि त्या मुळे ती आता एकदम मदहोश झाली होती आणि ती परत एक वेळा खाली झोपली होती आणि आता ती हळू हळू तिची कमर हलवू लागली होती आणि माझ्या तोंडाने तिच्या पुच्ची ला चाटून घेत होती आणि मग मी काही वेळाने अनुभव केले होते कि आता तिची पुच्ची एकदम चांगल्या रीतीने ओली झाली आहे.
मग मी माझ्या दोन्ही पण हातांनी तिच्या पुची च्या दोन्ही ओठाला एकदम उघडून टाकले होते आणि मग मी माझी जीभ एकदम आत पर्यंत टाकून तिची पुच्ची चाटू आणि चोकू लागलो होतो, या मुळे ती खूप जास्त उत्तेजित झाली होती आणि मग ती दोन मिनिट मध्ये तिने तिचे सर्व पाणी काढून टाकले होते आणि मी तिच्या पुच्ची चा पवित्र रस पिऊ लागलो होतो आणि मग मी ते थोडे माझ्या बोटाला लावले होते आणि बोटे माझ्या तोंडा मध्ये टाकून मी ते चाटू लागलो होतो.
मग मी तिचा रस चा शेवटचा भाग माझ्या तोंडात भरून घेतला होता आणि मग मी तिच्या वर झोपलो होतो आणि मग मी तिला तीच्या तोंडा मद्धे तिच्या पुच्ची चा रस पाजू लागलो होतो आणि आता त्या मुळे ती अजून पण जास्त जोश मध्ये आली होती आणि माझे तोंड ती एकदम जोर जोराने चोकू लागली होती आणि आता आम्ही एकदम वेड्या सारखे जोर जोराने एक मेकला कीस करू लागलो होतो आणि मग मी काही वेळाने पटकन तिची कुर्ती आणि मग तिची ब्रा पण काढून टाकली होती आणि आता मी तिचे बुब्स पण चोकू लागलो होतो आणि त्यांना जोर जोराने दाबू लागलो होतो. 
मग तिने पण एकदम मादक अंदाज मध्ये माझा शर्ट आणि माझी बनियन पण काढून टाकली होती आणि मग मी तिचे निपल माझ्या अंगठ्या मध्ये आणि बोटा मध्ये घेऊन त्यांना दाबू लागलो होतो तर मी कधी त्यांना घासत होतो, कधी चावत होतो तर कधी चोकत होतो आणि ती पण एकदम मस्ती मध्ये येऊन ओरडत माझे केस ओढत होती आणि माझ्या डोक्या मध्ये तिची बोटे फिरवत होती, मग अंदाजे ५ ते ७ मिनिट पर्यंत मी तिच्या बोल बरोबर खेळत होतो अन मग मी परत तिच्या ओठाला चोकू लागलो होतो आणि मग बोटाने तिची पुच्ची ठोकू लागलो होतो आणि माझे बोट हळू हळू तिच्या पुच्ची मध्ये आत बाहेर करू लागलो होतो.
मग मी माझी पेंट आणि चड्डी पण काढून टाकली होती आणि तिला कीस करत करत माझा लंड तिच्या पुच्ची वर घासू लागलो होतो, ज्या मुळे ती अजून जास्त गरम झाली होती आणि आता तिच्या पुच्ची ने पाणी सोडून टाकले होते, तिने पाणी काढल्या वर मी तिचे पाणी माझ्या हाता मध्ये घेतले होते आणि माझ्या लंड वर लावले होते आणि मग माझ्या लंड ला तिच्या पुच्ची च्या तोंडा वर सेट केले होते आणि मग हळू हळू दाबत देत आत मध्ये टाकू लागलो होतो, त्रास आणि उत्तेजना मध्ये तिच्या तोंडून अहहोग हाह्ह ओह अहह औऊ हो अहह अंम हो अहह ओह हः अऊह हाहा ममं निघत होते आणि तिने मला एकदम जोराने पकडून ठेवले होते. 
मग मी एक जोराने झटका मारला होता आणि माझा लंड तिच्या पुच्ची मध्ये टाकला होता आणि मग मी तिच्या वर झोपून तिच्या ओठाला चोकत होतो आणि तिला हळू हळू झटके देऊन ठोकत होतो आणि मग एकदम जोश मध्ये येऊन ती पण मला एकदम साथ देत होती आणि तिच्या बोल ला माझ्या छाती वर घासत होती आणि ठोकून घेऊ लागली होती.
मग असे करून तिने ५ ते ७ मिनीटे मस्त मध्ये ठोकून घेतले होते आणि मग मी तिला माझ्या वर घेऊन टाकले होते आणि मग मी तिला जरा उचलून तिचे बोल चोकू लागलो होतो आणि ती तिची गांड वर खाली करून माझ्या कडून ठोकून घेऊ लागली होती आणि तिच्या तोंडा तून आता अहः हों हाह्घी आह हायेस हाह्ह ओः आईई अऊअओ आओ हाह्हो अहह मम ओह हः ह्हो एस औउय उएस अहह ओह हः अहः हों हाह्घी आह हायेस हाह्ह ओः आईई अऊअओ आओ हाह्हो अहह मम ओह हः ह्हो एस औउय उएस अहह ओह हः आवाज येत होते आणि मी खूप प्रेमाने तिचे बोल चोकत होतो आणि तिचे निपल पण चावत होतो, मी असे केल्याने तिची उत्तेजना इतकी वाढली होती कि आस औऊ आगग औऔउ ओउ आय्य औऊउ करत ती पाणी काढू लागली होती, मग तिने मला जोराने एकदम पकडले होते आणि ती पाणी काढत होती आणि ती जोर जोराने तिच्या गरम पुच्चीला माझ्या उभ्या लंड वर आपटू लागली होती आणि मग काही वेळ पर्यंत माझ्या छाती ला लागून ती जोराने श्वास घेत होती. 
मग तिने तिचे तोंड माझ्या तोंडा जवळ आणले होते आणि मग मी तिचे गरम श्वास अनुभव करत होतो आणि मग ती मला म्हणली कि वाह खूप जास्त मजा आली रे विकी शेवटी तू मला ठोकून दिलेसच ना, असे म्हणत ती माझे ओठ चोकु लागली होती, मग मी तिला पटकन माझ्या खाली घेतले होते आणि तिचे ओठ चावत म्हणलो कि जवाजवी अजून पण बाकी आहे माझी जान आणि मग आमच्या मध्ये एक जोराने कीस झाली होती आणि त्या बरोबर आमचे ठोकणे पण चालू होते आणि आता तिचे गरम गरम श्वास मला सांगत होते कि ती परत किती प्रमाणात गरम झाली आहे.
मग मी परत एक वेळा तिच्या बोल वर आलो होतो आणि मग मी काही वेळ पर्यंत तिचे बोल चोकले होते आणि परत मी तिच्या गुलाबी ओठाचा रसपान करू लागलो होतो आणि मी तिचे बुब्स पण दाबत होतो आणि घासत होतो आणि मी तिला सतत ठोकत पण होतो, त्या मुळे तिच्या माने वर, चेहर्या वर आणि तिच्या ओठा वर कीस करत आणि चावा घेत तिला ठोकताना मला खूप मजा येत होती आणि ती पण खूप दिवस नंतर ठोकून घेत होती, त्या मुळे ती तिचे सर्व दुख आणि त्रास विसरून ठोकून घेत होती आणि आनंद घेत होती आणि आता तिचे सेक्सी आवाज पण खूप वाढले होते आणि ती एकदम मस्ती मध्ये ठोकून घेत होती, ती मला म्हणत होती अहः हों हाह्घी आह हायेस हाह्ह ओः आईई अऊअओ आओ हाह्हो अहह मम ओह हः ह्हो एस औउय उएस अहह ओह हः हो ठोक मला उफ्फ्फ थोडा आत पर्यंत टाक ना, मी खूप दिवस नंतर ठोकत आहे, तू तर खूप मस्त सेक्स करतोस अहः हों हाह्घी आह हायेस हाह्ह ओः आईई अऊअओ आओ हाह्हो अहह मम ओह हः ह्हो एस औउय उएस अहह ओह हः मी केव्हा पासून असे सेक्स करायला तडफडत होते, मला तुझ्या बरोबर खूप मजा आली, मी तुला लहान मुलगा समजत होते पण तू तर खूप मोठी वस्तू निघाला आहेस, तू किती दिवस झाले लपला होतास माझ्या नजरेतून.
मग दहा मिनिट नंतर माझे अंग कडक झाले होते आणि मी पाणी काढणार होतो आणि मग मी माझ्या लंड मधून विर्याचा फवारा तिच्या पुच्ची मध्ये टाकला होता आणि तिने पण खूप सारे पाणी माझ्या लंड वर सोडून दिले होते, मग मी एकदम निढाल होऊन पडलो होतो आणि तिच्या एका बाजूला पडलो होतो आणि मग असे दोन चार मिनिट पडून होतो मग ती तिचे ओठ माझ्या ओठा कडे घेऊन मला म्हणली कि वाह तू तर आज मला तुझी एकदम दिवानी बनवून टाकले आहे, तू असे मस्त सेक्स करायला कोठून शिकला आहेस? मग मी तिला म्हणलो कि हे सर्व तर तुमच्या या मस्त सेक्सी शरीर चे जादू आहे माझी जान, माझे चालले तर मी रात्र दिवस तुमच्या बरोबर असे करत राहीन आणि तुम्हाला मजा देत राहू.
मित्रानो मी तिला असे म्हनत तिच्या गरम आणि ओल्या पुच्ची ला पण माझ्या हाताने घासत होतो, तेव्हा काही वेळाने तिने एकदम मादक असे आह्ह हो अहह केले होते आणि मग मी एक हाताने तिचे गाल पकडत तिचे गुलाबी रसाळ ओठ ला परत एक वेळा माझ्या ओठा मध्ये पकडले होते, पण मित्रांनो मला या वेळी तिला एकदम नवीन स्टाईल मध्ये ठोकायचे होते, त्या मुळे मी पलंग वर माझी कमर भिंती ला लावून बसलो होतो मग मी तिला माझ्या गोद मध्ये बसवले होते आणि मग हळू हळू माझा लंड तिच्या पुच्ची मध्ये टाकला होता आणि माझा लंड आता एकदम तिच्या पुच्ची च्या आत पर्यंत घुसला होता आणि आता तिच्या तोंडून आईई ग्ग्ग मेले असा आवाज आला होता आणि आता ती एकदम चिटकून मला लागून बसली होती, मग मी तिला एकदम बाहो मध्ये जोराने पकडले होते आणि ती एकदम उड्या मारून मारून जवून घेत होती आणि मजा पण घेत होती. मग मी तिला पण मदत करून तिला वर खाली होण्यात साथ देउ लागलो होतो.

मित्रांनो ती सतत वर खाली करत असल्याने तिचे गोल मुलायम आणि लटकणारे बुब्स माझ्या छाती वर घासू लागले होते आणि आम्हाला आता ठोकून घ्यायची खूप मजा येत होती आणि आम्ही मस्त मध्ये कीस पण करत होतो, मी कधी तिची मान वर कीस करत होतो तर कधी तिच्या पाठी वर माझा हात फिरवत होतो आणि तिला ठोकत पण होतो आणि त्यामुळे तिच्या तोंडून अहः हों हाह्घी आह हायेस हाह्ह ओः आईई अऊअओ आओ हाह्हो अहह मम ओह हः ह्हो एस औउय उएस अहह ओह हः आवाज वाढू लागले होते.
मग काही वेळाने तिला मागे घेतले होते आणि तिचा एक बोल तोंडात घेऊन ओढत जोर लावून पिऊ लागलो होतो, त्यामुळे ती आता एकदम जोर जोराने उड्या मारून ठोकून घेत होती, मग आमचे जवने असेच ३० ते ४० मिनिट चालले होते आणि तिने दोन वेळा पाणी सोडून दिले होते, मग मला वाटले कि आता माझे पण वीर्य निघनार आहे आणि मग मी एकदम तिला ठोकले होते आणि मग ती पण तिच्या तोंडून अहः हों हाह्घी आह हायेस हाह्ह ओः आईई अऊअओ आओ हाह्हो अहह मम ओह हः ह्हो एस औउय उएस अहह ओह हः आवाज करू लागली होती आणि तिने पण माझ्या बरोबर पाणी काढून टाकले होते, मग ती एकदम घामाने भरली होती आणि ती एकदम निढाल झाली होती, पण मला तीच्या चेहर्या वरून एकदम सरळ दिसत होते कि ती एकदम संतुष्ट झाली होती.
मग आम्ही असेच काही वेळ पडून राहिलो होतो आणि एकमेकाची स्तुती करत होतो. मग आम्ही ठोकत ठोकत आता रात्र चे दहा वाजले होते आणि मग मी पण तयार झालो होतो आणि माझे कपडे घालून एकदम तयार होऊन तिला बाय म्हणून माझ्या फ्लेट वर आलो होतो, मित्रानो त्या दिवस नंतर मी तिला अनेक वेळा ठोकले होते, मग मी तिला कधी तिच्या फ्लेट वर तर कधी माझ्या फ्लेट वर तिला खूप जोर जोराने ठोकले होते आणि तिने पण पूर्ण रिती ने एकदम मजा घेतली होती. तिने दर वेळी मला एकदम साथ दिली होती आणि आता आम्ही एकमेका बरोबर खूप खुश होतो.

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कामवाली - Marathi Font Sex story

Monday, 13 November 2017

हेल्लो मित्रांनो आज पर्यंत मी माझ्या जीवन मध्ये घडलेली खरी घटना लिहित आलो आहे. हि घटना आता ३ महीने पूर्वीची आहे, मी थोडी माझी माहिती देतो आहे, मी दिसायला एकदम मासूम मुलगा आहे, मी एकदम काटकुळा आहे पण माझ्या आत मध्ये खूप स्टेमीना आहे आणि मी रांड पण ठोकत असतो तर ती पण पाणी काढून टाकते. आधी मी दोन वेळा पैसे देऊन करतो, पण नंतर ती स्वतः मला बोलवून घेते. आणि मी म्हणले कि माझ्या कडे पैसे नाही आहेत तर ती फुकट मध्ये ठोकून घ्यायला तयार होऊन जाते, तर विचार करा कि मी कसे जोर जोराने तिला ठोकून खुश करत असेन, आता मी माझ्या गोष्टी वर येतो आहे.
माझ्या बहिणीचे लग्न होते, आम्ही गावाला गेलो होतो आणि मी एकदम उदास होतो कारण कि जो पर्यंत मी दिल्ली मध्ये असतो तो पर्यंत मला पुच्चीची कधी कमी होत नाही. इथे माझ्या कोन्टेक्ट मध्ये खूप भाभी आणि आंटी होत्या तर मी त्यांच्या कडून माझे काम करून घेत होतो, पण आता गावाला माझे काय होणार असे विचार करून मी एकदम उदास झालो होतो. पण जायचे तर होतेच. मग मी जेव्हा तिथे गेलो होतो तेव्हा पाच सहा दिवस सर्व काही एकदम नॉर्मल होते पण हळू हळू मला जोश येऊ लागला होता, पण मी काही करू शकत नव्हतो.
मग मी लक्ष दिले तिथे एक काम करणाऱ्या कामवाली वर. ती दिसायला काळी होती पण तिचे फिगर एकदम मस्त होते. मी विचार केला कि हिला पटवले तर मी इथे असे पर्यंत माझे काम निघून जाईल. मग मी तिला नेहमी प्रेमाने बोलवत होतो आणि माझ्या कडे जे खायला असेल ते तिला देत होतो. ती ते सर्व पाहत होती. मी तिला लपून खायला देत होतो आणि ती खुश होत होती.
एक दिवस ती काम करत होती आणि तेव्हा मी डाळिंब खात होतो तर मी तिला म्हणले कि खाऊन घे. तर ती माझ्या समोर वाकली होती आणि तिचे मस्त बोल मला दिसले होते, ती जेव्हा माझ्या कडून घेत होती तेव्हा माझा खांदा तिच्या बोल ला घासला होता, तेव्हा तिने काही लक्ष दिले नाही, मी म्हणले कि निवांत खाऊन घे, कोणी येणार नाही, मग ती बसली होती, मग मी हळू हळू माझे खांदे तिच्या बोल वर घासू लागलो होतो, तिला समजले आणि ती उठली होती जसे रागावली असेल, मग मी पण एकदम घाबरलो होतो कि ती कोणाला काही सांगणार तर नाही ना.
मग मी तिला दुसरा दिवस जवळ बोलवले होते आणि तिला काही पैसे दिले होते, ती नाही म्हणत होती. मग मी तिला म्हणले कि तुझ्या साठी चांगले कपडे घे, तर ती मला पाहू लागली होती आणि म्हणली कि मी माझ्या पतीला खूप प्रेम करते आहे. मग मी विचारले कि तुझा पती कोठे आहे? तर ती म्हणली कि बाहेर गेले आहेत त्याला ६ महिने जाले आहेत, तर मी म्हणले कि तू कसे काय एकटी राहून घेतेस? तर तिने म्हणले कि तुम्ही काय करता? तर मी तिला माझी सर्व माहिती सांगितली होती कि मला दिल्ली मध्ये मुलींची काही पण कमी नाही आहे. तर ती हसू लागली होती.
मला वाटले कि आता काही तरी काम होईल, मग मी तिला म्हणले कि मी तुला १००० रुपये देतो, पण तू रात्री माझ्या कडे ये. मग ती ऐकली होती आणि तिने ११ वाजता मला मोबाईल वर कोल केला होता आणि सांगितले कि मी बाहेर उभी आहे, दरवाजा उघडा. मी पटकन दरवाजा उघडला होता आणि ती आत मध्ये आली होती, मग मी दरवजा बंद करून टाकला होता, मग मी तिला पाहून एकदम खुश झालो होतो. मी सरळ तिचे कपडे काढू लागलो होतो आणि ती पाहत राहिली होती, तिचे पूर्ण शरीर काळे होते पण तरी तिचे मादक शरीर मला आवडत होते.
तिची पुच्ची केसा मध्ये लपली होती, मला राहवले नाही आणि मी तिच्या पुच्ची वर माझे तोंड लावले होते, ती एकदम लाजली होती, मग मी तिला बेड वर झोपायला सांगितले होते पण ती झोपली नाही. मी उभे उभे तिच्या पुच्चीला एकदम जोर जोराने चाटू लागलो होतो आणि तिचे बोल एक एक करून तोंड मध्ये घेऊ लागलो होतो, बहुतेक १० मिनिट मध्ये ती एकदम गरम झाली होती आणि मला कीस करू लागली होती, मी परत तिला धक्का दिला होता आणि तिला बेड वर झोपवले होते आणि तिचे पाय पसरले होते, मग मी पटकन तिच्या पुच्ची वर माझे तोंड लावून दिले होते.
मग ती आधी मला विरोध करत होती आणि दूर करत होती पण मी ऐकले नाही आणि ५ मिनिट नंतर ती स्वतः माझे तोंड पकडून तिच्या पुच्ची वर दाबू लागली होती, मी माझी जीभ तिच्या पुच्ची मध्ये टाकून दिली होती, ती एकदम तडफड करत होती आणि माझी जीभ चोकत होती, तिच्या साठी हे नवीन होते, मग ती म्हणली कि आता उशीर करू नकोस, मला ठोकून दे, मला समजले कि आता उशीर केला तर तिचे निघुन जाईल, मग मी माझा लंड तिच्या पुच्ची वर ठेवला होता.
माझा लंड काही जास्त नाही पण ६ इंच होता, तिला पण राहवले नाही आणि तिने पुच्ची मध्ये लंड टाकून घेतला होता, कारण कि १० दिवस झाले मी पण एकदम भुकेला होतो, तर मला भीती होती कि माझे लवकर निघून जाणार नाही ना, मग मी माझ्या जिभेने तिची पुच्ची खूप चाटली होती, ती एकदम वेडी झाली होती. मग तिने माझा लंड तिच्या पुच्ची मध्ये घेतला होता आणि आता मला पण कंट्रोल झाले नाही.
मी माझा लंड टाकून तिचे बोल तोंड मध्ये घेऊन चोकू लागलो होतों, ती हळू हळू हलत होती आणि मला समजले कि आता जास्त उशीर केला तर मी तडफड करत राहून जाईन, मग मी तिला जोर जोराने झटके मारू लागलो होतो.
आम्ही दोघे थंडी मध्ये पण एकदम घामाघूम झालो होतो, तिने अचानक तिचे शरीर एकदम टाईट करून घेतले होते आणि मला जोराने पकडले होते, मला समजले कि तिचे निघाले आहे, मी १०-१५ झटके मारले होते आणि मी पण पाणी काढून टाकले होते, तिने म्हणले कि तू तर माझ्या पती पेक्षा पण चांगले ठोकत आहेस, कोठून शिकले आहे हे सर्व?
तर मी तीला लेपटोप वर मूवी लावून दिली होती आणि मी तिला तसे ठोकू लागलो होतो, ती सर्व पोज करू शकत नव्हती, पण आम्ही रात्री च्या ३ वाजे पर्यंत सेक्स करत होतो, त्या नंतर तिने म्हणले कि आता मला जावे लागेल पण आता तू मला रोज ठोकत जा. तू म्हणशील तिथे मी येते. मग मला तर विश्वास बसला नाही कि हि तीच मुलगी आहे जी म्हणत होती कि मी माझ्या पती वर खूप प्रेम करते आहे.
मग मी तिला म्हणले कि ठीक आहे, मग आम्ही जिथे जागा मिळेल तेव्हा एकदम मस्त जोर जोराने ठोकत होतो, एक वेळा तर मी तिला वोशारूम मध्ये ठोकत होतो आणि अर्धा तास पर्यंत मी तीला ठोकत होतो तरी तिने पण काढले नाही आणि मी पण माझे पाणी काढले नाही, मग कोणी तरी दुसरा माणूस येऊ लागला होता, तर आम्ही लपून गेलो होतो आणि तो गेला कि मग जेव्हा मी जाऊ लागलो होतो तेव्हा तिने माझा हात पकडला होता आणि म्हणले कि मला असे अर्धे तहानलेले सोडून जाऊ नकोस, मग आम्ही एकदम जोर जोराने सेक्स केले होते आणि खूप वेळ पर्यंत मी तिला ठोकले होते. मग माझी नजर तिच्या बहिणी वर पडली होती, ती थोडी सुंदर होती पण तेव्हा गर्भवती होती, त्या मुळे मी विचार केला कि परत गेलो कि तिला ठोकून देईन.

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Maa Ne Help Kiya Bhai Behan Ki Chudai Ke Khel Me

Monday, 28 August 2017

Hi, friends mera naam Suman hai or main ye jo story post karne ja rahi hu woh mere aur mere bhai (Manish) k beach abhi kuch hi dino pahle ghati thi, main or mera parivaar new delhi me rahte hai, mere bhai ne v issi site pe bahut saree chudai ki story post ki hue hai, kyunki usne mere mom ko roj choda hai or apna experience share kiya hai.
Jab usne mujhe ye baat batai to main v apni or apne bhai ki chudai ki story likhne k liye ready ho gaye or uske yahoo id se main ye story aap logo ko pahucha rahi hu, doston agar aap logo ko ye story pasand aaye to mujhe mere bhai k yahoo id-manishsaxena166@yahoo, com pe mail jarur karein, mujhe apke mail ka intezaar rahega, to chaliye main aap logo ko jyada bore na karte hue main apni story pe aati hun.
Jaisa ke maine aapko bataya ki main delhi ki rahne wali hun, or mere age abhi 18 saal hai, 18 saal k age me hi mere boobs kisi 21 saal ki girl ki tarah bade-bade or phue hue hai, mere waise to normally short clothes hi pahnti hun, jismai mere gand or jyada bade-bade ho jate hain, or mera gora rang dekh kar kopi v mujhe apne sapno me soch soch kar muth marne lgega, mere puri body ai hi aise, mai apne bhai k bare me thora bata dun, uske age 23sal ki hai, or woh thora thora handsome v hai. Gym jane ke karna uski body ek dum 40 saal k mardon jaise ho gaye hai, uske 10 inch k lund jo bahut mota hain, chudai karte samye main bahut chillati hun kyunki uske mote lund mere kuwari chut me jab jata hai to mere jaan hi nikaal deta hai.
Ye ghjatna mere sath kuch din pahle hi ghati thi, mere ghar me main, mera bhai or mom rehti hai, shuru shuru mian sex k prati ko intrst nahi tha, lekin ek din jab main school se bank marke apni sahliyoon k sath movie dekhne aye hue the, jo ki ek adult type movie thi, ham sab saheliyaan platinum ka ticket lekar pltinaum wali sheet pe jaake baith gaye, itne me movie shuru ho gaye, movie me kafi hot hot scene the, maine dekha ki mere sheet k piche ek couple baitha hua hai or woh log aapas me kiss kar rahe the, usme jo lady thi woh us aadmi k lund ko pakad k upper-niche kar rahi thi, andhera jyada hone k karna mujhe bas unki body hi dikhaye de rahi thi.
Main unhe dekhakar thori-thori garam hone lagi thi or main apni chut me v fingur dalke sahlane lagi thi, mujhe bahut maza aa raha tha or woh dono to ab chudai karne lge the, mujhe ye dekh kar bahut maza aa raha tha, fir thori der me mera pani nikal gya, mujhe bahut maza ya, fir woh dono v jhad chuke the, kuch de raise hi dekhne k bad movie khatam hoo gaye, or lights on ho gaye, main pichhe mud kar dekh to mere hosh ud gaye woh mera bhai (manish) or mere mom (sangita ) the, maine apne aap ko jaise taise unse chupya or ham log bahar nikal haye.
Jab main ghar aa rahi thi to maine socha ki mom or mere bhai aapas me chudai karte hai, shuru-shuru me to mujhe bahut gussa aya lekin baad me maine soncha ki dad ki death hue v kafi tym ho gya or mom ko v kisi ki jarurat thi to mom ne ghar me hi chudai karna sahi samjha, itne me mahshus kiya ki mere chut dibara se gili ho chuki hai, mujhe ab is sab main bahut maza ane laga tha. Main mann hi mann soch rahi thi ki kash main v apne bhai se chudwa sakti, mera bhai v mujhe jam kar chodta sari raat, maine soch ki main jarur apne bhai se chudwaungi,
Kuch dn aise hi bit gaye main roj raat me mummy or bhaiya ki chudai dekhti thi or rooj raat me apni choot me kabhi ungli to kabhi candel ghusatithi, ab maine jitna chota kada hota tha main usse hi pahan k bhaiya k samne jati thi, or unko apni gaand matka matka k dikhati thi, mujhe lagta tha bhaiya v mujhe note kar rahe hai, maine apne kapdo k ander bra or penty v nahi pahnti thi, jisse mere boobs kafi hilte the aur jab main bhiya k paas pahuchati thi. Main jor-jor se uchalne lagti thi jisse mere boobs or tezi se upper niche hote the, main notice kiya tha ki bhaiya ka lund khada ho raha hai, mujhe apna kaam banta nazar aa raha tha,
Ek din jab bhaiya mom ki chudai kar rahe the to...
Bhaiya-aajkal suman badi ho gayi hai, uske boobs mujhe deewana ban rahe hai. Mom-to kya hua chod de usse, maine v nate kiya hai ki woh kuch dino se bahut chudai mang rahi hai
Bhaiya-haan main achcha mauka dekh k usse kal chod dunga.
Maine unki ye baateen sun k maze main jhumne lagi, aue apne kamrte main aker fingering karke soo gaye or agle din ka wait karne lagi
Agle din jab main so rahi thi to maine raat me sote samay kuch nahi pahna tha, or bas ek kapda dal k hi so rahi thi, itne main mom mere kamre me aa gaye or mujhe nanga dekh kar unhone bhaiya ko ishara kiya, mere neend thori-thori khul chuki thi maine dekha ki mom bhaiya dono mere samne khade hain or mom bhaiya ko dheere se boli ki ye achcha mauka hai chod de, main mann hi mann khush hue or sone ka natak karne lagi. itne main mom door band karke chali gaye. Bhaiya mere paas dheere dheere aye aur mere boobs ko pakad k masalne lage, maine sone ka natak kiya fir unhone mere upper se kapda hata diya or mere pura badan nanga ho gaya, maine abhi v sone ka natak kiya.
Fir bhaiya mere upar aa gaye or mere hontho pe kiss karn lage, woh mere hontho ko chuse jaa rahe the, maine ek dum se apni ankhe kholi lekin bhaiya ko mujhse darr nahi laga maine jhuta mutha natak kiya or apne apko chudane lagi lekin bhaiya k body kea aage mere ek na chali or fir maine haar maan li, mere mann ki murad jo puri ho rahi thi fir unhone mujhe uthaya or mere apna 10 inch ka lund bahar nikal diya, shuru-shuru me to mujhe bahut maza aaya, lekin ek dum se woh mere balon ko pakad k mera muh apne lund ko taraf le gaye or maine unke lund ko chusne lagi mere pura muh unke lund se bhar gaya tha or main saans v nahi le paa rahi thi.
Wo ankhe band karke maze liye jaa rahe the, lagbhag 15 minut tak mujhe lund chusane ke baad woh jharne lage or sarra virya woh mere muh me hi dal diya mera muh unke virya se bhar gya tha, maine saara virya pi gaye, fir unhone mujhe jhukne ka ishara kiya aur main khuk gaye fir unhone mere chut k paas apna muh le jake chatne lage mujhe bahut annand aa raha tha, lagbhag 10 min tak mere chut chatne k baad main jhad gaye or unhone mera saara virya pi liya,
Iske baad woh mujhe seedha lita diye or mere chut pe cream lake laga di ayr apna kala lund lekar mere chut k muh par rakh diya mujhe bahut dard ho rha tha, fir woh mere lips pe apni lips ko rakh diya or ek jordar jhatke k sath apna adha lund mere chut me daal diya mere to jaise kisi ne garam garam loha daal diya ho aise halat ho gaye the, main chillana chahti thi lekin unhone mujhe muh se band ka rakha tha, mere ankhon me ansu aa gaye.
Fir unhone ek jor dar jhatka mara or unka pura lund mere chut ko pharta hua andar chala gaya, main to behosh hone wali thi, fir dheere-dheere woh jhatka marne lage or mera dard kuch kaam ho gaya ab main maze se chud rahi thi or sisakriyaan “aahhhhhhhhhhhiuuuuuuuaaaa” bhare jaa rahi thi. Wo mujhe or jor se chode jaa rahe thae or mujhe maza aa raha tha, lagbhag 25 minute ki damdar chudai karne k baad wo jhar gaye or main v unke sath ki jhar gaye.
Fir uss din bhar hamne 5 baar chudai ki, mere se chala v nahi jar aha tha , lekin baad me mom ne mujhe cream laga di mere chut pe mere chut to puri fat gaye the or usme se halka halka khoon nikal raha tha.

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Indore Me Bhabhi Ki Mast Chudai

Sunday, 27 August 2017

Hello friends, main hu Rahul, meri umar 22 saal hai, aur main basically indore se hun or main ek business man hun, main aaj apni ek story share karna chahta hoon, mujhe shuru se hi bhabhiyo me bahut interest raha hai or mari story bhi ek bhabhi se hi judi hui hai unka naam Kalpna hai woh bhi indore se or ha ek baat or woh mere cousin brother ki wife hai ye baat aaj se ek mahine pahle ki hai baat us samya ki hai jab mere brother k ghar ka inauguration tha or mere brother ne program ko manage karne k liye mujhe bulaya tha.
Kyun ki unke yaha koi tha nahi jo sab manage kar sake to main chala gaya, ab main apko meri bhabhi k bare me bata hun woh bahut hi beautiful hai and uka figure itna sexy hai ki koi bhi unpar fida ho jaye unka sari pahnne ka tarika masha allah kya kamar hai unki dekhte hi katne ka mann karta hai, to story yaha se shuru hoti hai jab main unke ghar gaya tab bhabhi ghar shif karne ki teyari me lagi hui thi.
Aur bhaiya ghar par nahi the woh job karte hai to sham ko hi aate hai, main gaya to bhabhi ne mujhe bethaya or pani pilaye fir kuch der baad main bhi unke saath saman pack karane me lag gaya, aaj se pahle maine bhabhi k liye kabhi galat nahi socha tha apr aaj jab ai bhabhi k sath saman pck kara raha that oh mera haat usne baar baar touch ho raha that oh kuch der baat mere andar aag lagne lagi to ab mai jaan buj kar unko baar baar touch karne laga mai kabhi unko kamar mai touch karta to kabhi jang par but mujhko kuch nahi bol rahi thi kuch samay aisa hi chalta raha fir kuch der baad maine notice kiya woh bhi mujhe touch karne lagi or ek samay aisa aaya k jab hum dono itne pass khade the pure ek dusre ko touch ho rahe the aise karte hue hame lagbhg 2 ghante ho chuke the ab bhabhi ko dekh kar aisa lag raha tha k woh ab full josh me aa gayi hai but mujhe dar lag raha tha k ekdam se main kaise kuch karu.
To maine us din kuch nahi kiya isi bich main chalte firte bhabhi ko halka halka touch kar diya karta tha or kabhi kabhi woh bhi ab mujhko touch karne lag gayi thi, main samajh gaya tha k bhai bi wahi chahti hai jo main chahta hun fir main bhabhi ko chodne ki planning karne laga isi doran bhabhi k yaha kuch guest aa gaye to unko Ujjain jana tha ek shaadi me or humko bhi jana tha toh hum bhaiya ki car se ujjain gaye us waqt car me bhabhi mere sath pichhe wali seat par baithi thi or mujhe mouka mil gaya bhabhi ko chhedne ka to maine bhabhi ki kamar me dhire dhire haat ferna shuru kiya kuch der ese hi chata raha fir mujse raha nahi gaya to mai ab bhabhi k boobs press kar diya bhabhi kuch nahi boli to mera confidence or bad gaya fir jab hum ujaain pahuch gaye to hum vaha ek hotel mai ruke the sab taiyar ho rahe the sham ko program k liye or main bhi usi room me tha us samaya woh 4-5 log the jo teyar ho rahe the sab ready ho kar chale gaye.
Ab main or bhabhi hi bache the baki, main washroom me tha face wash kar raha tha or washroom ka gate khula tha to maine dekha bhabhi sari change kar rahi hai kya sexy lag rahi rahi thi bata nahi sakta maine socha ye moka hai to main bhabhi se cream lene k bahane unke paas chala gaya us waqt unhone sari nahi pahan rakhi thi or mai cream k bahane unke itni kareeb chala gaya k mai almost unse chipak hi gaya tha bhabhi purse me se cream nikal rahai thi or main unki kamar dekh raha that oh mujhse raha nahi gaya or maine unki kamar mai haat daal diya or woh mujhe ghurne lagi or bolne lagi k ye kya kar rhe ho itne mai maine unko pakada or smooch karna shuru kardiya woh mujhse alag hone ki koshish karne lagi but maine unko itna tight pakada hua tha ki woh chhoot hi nahi pa rahi thi fir maine dhire dhire unko kiss karte hue unki kamar mai haat ferne laga.
Ab woh mujko kuch nahi bool rahi thi ab woh bhi full josh mai aa gayi thi fir dhire dhire mai unke boobss press karne lage kya boobs the yar unke jab maine unka blaous khola tha dekhta ho reh gayaek dam pink pink chuchiya thi unki or mai unko kiss karte hue unke boobs chusne laga to woh aaaahhhh uuuuuuhhhhhhh ki avaj nikalne lagi fir dhire dhire mai unki kamar par kiss kane laga jo mujhe bahut pasand hai kiss karte karte maine unka peticot utar diya ab woh mere samse only panti mai thi kya sexy kag rahhi thi fir kiss kartte hue mai unki chut par pahuch gaya or panti k upar se hi kiss karne laga fir dhire dhire maine apne danto se unki panti kholi kya waqt tha yar wo,unki penti khol kar ab mai unke pairo se kiss karte hue unki jango ko chumte hue unki chut ka raas pine laga or bhabhi apne haatho se mera sar unki chut mai dabane lagi or siskiyaaa bharne lagi…karib 10 min, tak mai unki chut chata raha fir dhire dhire mai unki kamr se hote hoon.
Unke boobs chusne laga ab woh itni garam ho chuki thi ki unse raha hi ja raha tha but mujhse bol kuch nahi rahi rahi thi to maine unko or nahi tadpate hue apna lund unki chut me daal diya, aur dhire dhire dhakka maarne laga, mera lund garm samandar me dakhil ho chuka tha, mujhe masti ka ehsaas ho raha tha, aur main dhakke pe dhakke maar raha tha or ab dhire dhire woh bhi maje lene lagi, Main chodta raha, aur wo gand uchhal uchhal kar maje lootne lagi. Unki tight chut ki garmi se mujhe behad maza aa raha tha.
Fir jab humne chudai khatam kiya to woh bahut khush dikhai de rahi thi to maine puch liya bhabhi kaisa laga to boli life me pehli baar main puri tarah se satisfy hui hun tumhare bhaiya itna maja nahi dete hai, fir hum indore wapas aa gaye or kai fir indore me bhi hamne chudai ki hai. woh story mai baad mai sunaunga, ok guysss byeee fir milte hai or ha ek baat or agar indore mai koi bhi bhabhi ya gal apni life enjoy karna chahti hai to mujhe comments se batayen. Kahani padhne k baad apne vichar niche comments me jarur likhe, taaki hum apke liye roz or behtar kamuk kahaniyan pesh kar sake.

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क्योंकि वो समलैंगिक ह

Saturday, 12 August 2017

आपकी खिदमत में पेश है एक और सच्ची कहानी जो समलैंगिक जिंदगी के एक और पहलू को उजागर करती है।
यह कहानी राजस्थान के जोधपुर की है.. पात्र के आग्रह पर उनका बदला हुआ नाम यहाँ पर प्रयोग करूंगा क्योंकि समलैंगिकता एक ऐसा अभिशाप है जिसको हमें सारी उमर भुगतना है..
खैर छोड़िए.. इस विषय का कोई अंत नहीं है इसलिए मैं कहानी की शुरुआत करने जा रहा हूँ।
मेरा नाम ललित है, मैं राजस्थान के जोधपुर का रहने वाला हूँ.. मैं समलैंगिक हूँ और मुझे लंड देखना व मुंह में लेकर चूसना पसंद है इस बात का पता लगे हुए मुझे ज्यादा दिन नहीं हुए थे।
कद-काठी की बात करें तो मैं थोड़ा मोटा हूँ.. मेरा बदन लड़कियों की तरह नर्म और मुलायम है… मेरी छाती कुछ कुछ लड़कियों जैसी है और मेरे बूब्स भी उभरे हुए हैं.. जब टी-शर्ट पहनता हूँ तो वो उभरकर ऐसे लगने लगते हैं जैसे मैंने ब्रा पहन रखी हो और उसके अंदर मेरे चूचे कैद हो रखे हों.. जब चलता हूँ तो मेरे चूचे उछलते हुए चलते हैं.. और कई मर्द उन्हें देखते रहते हैं।
लेकिन अभी तक मैंने कोई लंड हाथ में नहीं पकड़ा था और ना ही चूसा था।
एक दिन की बात है जब मैं अपने पास की मार्किट में कुछ सामान लेने गया हुआ था, मुझे पेशाब लग आया तो मैं वहाँ के एक मूत्रालय में गया।
जब मैं मूत रहा था तो मेरी नज़र पास में खड़े एक आदमी के लंड पर पड़ी.. उसका लंड सोया हुआ भी 6 इंच का था और उसके हाथ में लटका हुआ मूत की मोटी सी धार मार रहा था जिसका शोर पूरे मूत्रालय में सुनाई दे रहा था।
मैं तो उसके जबरदस्त मोटे लौड़े को देखता ही रह गया.. लेकिन जल्दी ही उसको भी पता लग गया कि मैं उसके लंड को देख रहा हूँ और देखते ही देखते उसका लंड खड़ा होने लगा।
उसका लंड किसी जैक की तरह ऊपर उठता हुआ पूरा तन गया.. अब वो उसको हाथ में लेकर हिलाने लगा जिससे उसका लौड़ा 8 इंच का हो गया और उसका लाल सुपाड़ा फैलकर लॉलीपॉप की तरह हो गया और उत्तेजना में उसके लंड की टोपी की त्वचा पीछे खुल गई जिससे उसके लंड में और ज्यादा तनाव आ गया और वो उसके हाथ में ही झटके मारने लगा।
अब मेरी भी हालत खराब हो रही थी, पहली बार लंड देखा था और वो भी इतना मोटा.. मैं तो तड़प रहा था उसे हाथ में लेने के लिए.. उसे जीभ फिराकर चाटने और चूसने के लिए..
वो आदमी भी मुझे देखते हुए कि मैं उसका लंड देख रहा हूँ, अपने लौड़े को हिलाए जा रहा था, उसके चेहरे पर हवस का नशा मैं साफ देख सकता था!
ना उससे बर्दाश्त हो रहा था और ना मुझसे, लेकिन मैं घबराहट की वजह कुछ बोल नहीं रहा था, क्योंकि कभी ऐसा किया नहीं था.. तो फिर उस अधेड़ उम्र के आदमी ने ही पहल करते हुए कहा- क्या बात है.. लेना है क्या?
मैंने हाँ में सिर हिला दिया।
वो फिर बोला- कोई जगह है आस-पास?
मैंने ना में सिर हिला दिया।
तो उसने कहा- ठीक है, मेरे पीछे पीछे आओ, मैं ले चलता हूँ तुम्हें!
उसने अपना खड़ा लंड मुश्किल से एडजस्ट करते हुए पैंट की चेन में अंदर धकेला और शर्ट से उसको ढकते हुए मूत्रालय के बाहर निकल गया..
मैं भी बिना कुछ सोचे समझे उसके पीछे पीछे चलने लगा।
मार्किट से कुछ दूर चलने के बाद हम इलाके के बाहरी हिस्से में आ गए.. जहाँ पर कुछ पुराने खंडहर थे।
वो मेरी तरफ मुडा़ और मुझे अंदर आने का इशारा करके एक खंडहर के अंदर चला गया.. वहाँ ज्यादा रोशनी नहीं थी इसलिए मुझे डर लग रहा था।
एक बार मन किया कि वापस भाग जाऊँ लेकिन फिर उसके मोटे लंड को चूसने के ख्याल ने मुझे उस खंडहर के अंदर जाने पर मजबूर कर दिया.. मैं भी अंदर चला गया।
जाकर देखा तो वो खंडहर की दीवार के साथ कमर लगाए हुए मेरा इंतजार कर रहा था।
मेरे अंदर जाते ही वो सीधा खड़ा हुआ और पैंट के ऊपर से ही लंड को पकड़कर हिलाते हुए मुझे दिखाने लगा और फिर उसको सहलाने लगा।
उसका लंड पैंट में फिर से तन गया।
अब उसने मुझे पास आने का इशारा किया।
मेरे पास जाते ही उसने अपनी पैंट उतार अंडरवियर नीचे खींच लिया और अपने लंड को आगे करते हुए मेरे हाथ में थमा दिया..
ओह.. क्या गजब भारी लौड़ा था उसका..
पहली बार किसी का लंड हाथ में लिया था.. मेरे तो मन में उसको चूसने की आग लग गई और मैं तपाक से नीचे बैठा और उसकी पैंट और अंडरवियर को घुटनों तक सरकाते हुए उसके लंड के सुपाड़े को मुंह में ले गया और उसको लॉलीपॉप की तरह चूसने लगा।
जैसे ही मैंने उस पर जीभ फिराना शुरु किया वो ‘आह.. आह…’ की आवाज निकालने लगा और बोला- पूरा ले ले मेरी जान…ये तेरा ही है चूस जा इसे.. आह.. कहकर उसने लंड मेरे गले में उतार दिया।
मेरी आंखें बाहर आ गईं… मैंने उसके हाथ सिर पर से हटाते हुए उससे दूर हटने लगा.. लेकिन उसने फिर से पूरा लंड गले तक दे दिया.. फिर अपने ही हाथों से आगे पीछे करते हुए मेरे मुंह को चोदने लगा।
उसने मेरे बाल अपनी मुट्ठी में भींच लिए और लंड को मुंह में पेलने लगा।
अब मुझे भी मजा आने लगा.. उसके लंड से हल्की हल्की वीर्य की गंध भी आ रही थी लेकिन उसका लंड चूसना मुझे बहुत अच्छा लग रहा था।
अब मेरे हाथ उसकी नंगी गांड पर फिरने लगे और मैंने उसे दोनों हाथों से दबा लिया और लौड़े को जीभ से चाटते हुए मजे से चूसने लगा।
5 मिनट तक ऐसे ही लंड चुसाई चली.. उसके बाद उसने मुझसे खड़े होने के लिए कहा।
खड़े होते ही उसने मेरे हाथ ऊपर करवा कर टी-शर्ट निकाल दी और मेरे चूचे नंगे हो गए।
उसने दोबारा अपना लंड मेरे हाथ में दे दिया… मेरे हाथ में लंड देकर वो आगे पीछे करने लगा और मेरे चूचों को मसलने लगा.. मेरे चूचों पर किसी मर्द के हाथों का अहसास मुझे पहली बार हुआ था और वो मुझे पागल किए जा रहा था.. मैं सिसकारी लेता हुआ चूचे दबवा रहा था और सेक्स में डूबता जा रहा था।
उसके लंड को इसी उत्तेजना में मैं जोर जोर से रगड़ने लगा.. वो भी पागल होने लगा.. हमारी आहें सारे खंडहर में सुनाई दे रही थीं।
अब उसने मेरे चूचे अपने मुंह में ले लिये.. हाय.. मैं तो मर ही गया.. उसकी गर्म जीभ जब मेरे निप्पलों पर तैर रही थी तो मैं आनन्द के सागर में डूबने लगा.. मैं मजे के मारे उसके बालों को नोचने लगा और उसका मुंह अपने चूचों में दबा दिया।
मेरे चूचे चूसते हुए उसके हाथ मेरे चूतड़ों पर फिर रहे थे और वो मेरी फांकों के बीच में उंगली फिराता हुआ मेरे चूतड़ों को सहला रहा था।
मेरा एक उसके लंड पर था और दूसरा उसके सिर के बालों को नोच रहा था।
कुछ देर वो ऐसे ही मेरे बदन से खेलता रहा, फिर उसने मुझे खंडहर की दीवार की तरफ मुंह करने को कहा।
मैं घूम गया और उसने मेरे हाथ दीवार पर चिपकाते हुए अपने हाथों के नीचे दबा लिये।
मैं नीचे से बिल्कुल नंगा अपने गोल गोल नंगे चूतड़ लिए उसके लंड पर अपने चूतड़ों को रगड़ रहा था..
वो भी पीछे से बिना लंड डाले ही मुझे बाहर से चोदने की कोशिश कर रहा था और धक्के मारते हुए अपने बदन को मेरे बदन रगड़ते हुए मुझे दीवार में धकेल रहा था..
उसका लंड मेरी गांड में घुसने के लिए फड़फड़ा रहा था.. अब उसने अपने दोनों हाथों को मेरी बगलों से आगे की तरफ निकालते हुए मेरे दोनों चूचों को दबा लिया और उनको भींचने लगा।
मैं बदहवास होने लगा.. उसके लंड का मेरी गांड पर रगड़ना और उसके सख्त हाथों का मेरे चूचों को दबाना.. आह.. आह… मैं उसके नशे में खो सा गया..
अब उसने मेरी गांड में लंड घुसाने की कोशिश तेज कर दी और मेरे छेद को लंड से टटोलता हुआ उसमें अपना 8 इंच का लौड़ा घुसाने की कोशिश करने लगा।
उसका लंड काफी लंबा भी था और मेरे चूतड़ मोटे होने के बाद भी छेद पर आराम से पहुंच रहा था।
वो मेरे ऊपर चढ़ने लगा.. जैसे कोई सांड किसी भैंस पर चढ़ता है लेकिन लंड अंदर नहीं जा रहा था।
मेरे कदम लड़खड़ाने लगे लेकिन अपना जोर लगाते हुए मेरे ऊपर चढ़ने की कोशिश करते हुए मुझे दीवार में धकेले जा रहा था और दोनों हाशों से मेरे चूचे भी मसले जा रहा था।
तीन चार कोशिशों के बाद उसका लंड का सुपारा मेरी गांड के छेद में घुसने लगा..
‘आह.. आह.. चला जा अंदर.. आह जा रहा है..’
‘आह.. मर गया..’
टोपी अंदर घुसने लगी..
‘आह..’
वो चढ़ता रहा..
‘आह.. आराम से..’
‘बस बस.. हो गया.. आह..ओह पूरा लंड अंदर घुस गया.. आह.. क्या गर्म गांड है तेरी हाय जान.. चोद दूं तुझे.. आह मेरी रंडी..’
कहते हुए उसने मेरे चूचों के निपल चुटकी में मसल दिए और मेरी गर्दन पर चूमने लगा।
धीरे अब उसने लंड को आगे पीछे धकेलना शुरु किया.. मेरा दर्द पहले से कम हो चुका था.. वो मेरे चूचे पकड़े हुए मुझे चोदने लगा.. उसके लंड ने मेरी गांड को खोल के रख दिया था जिसका अहसास मुझे अंदर बाहर जाते हुए लंड से हो रहा था।
उसने अपने एक हाथ की उंगली मेरे मुंह में दे दी, मैं उसे चूसने लगा और दूसरे हाथ से वो मेरी गांड को सहलाते हुए चोदने लगा।
उसके धक्कों से मेरा सिर दीवार पर टकरा रहा था और मैं छिपकली की तरह दीवार से लगा हुआ अपनी गांड उठाकर उससे चुदवा रहा था।
‘आह मेरी रानी.. तू तो गजब है..’ कहते हुए वो मेरी गांड को पेल रहा था।
पांच मिनट तक चुदाई चलती रही और उसकी स्पीड एकाएक बढ़ने लगी.. उसने मेरा गला पकड़ लिया और जोर जोर से धक्के मारने लगा।
वो मेरी गांड को फाड़ देना चाहता था।
अब मेरा दर्द बर्दाश्त के बाहर होने लगा और आंखों से आंसू आने लगे.. मैं रोता हुआ उससे चुद रहा था लेकिन उसके मोटे लंड की चुदाई मजा भी उतना ही दे रही थी।
वो चोदता गया.. चोदता गया.. और 2 मिनट बाद मुझे दीवार में धकेलते हुए मेरी गांड में वीर्य का फव्वारा मारने लगा.. और मेरे ऊपर निढाल हो गया।
उस दिन वो मेरी पहली चुदाई थी..
हम दोनों ने अपने कपड़े पहने और सही करके खंडहर से निकल लिए।
हमने फोन नम्बर भी लिए और उसने जल्दी ही दोबारा मिलने का वादा किया और हम अपनी अपनी राह चले गए।
एक हफ्ते बाद उसने मुझे फिर बुलाया.. हम उसी सुनसान जगह पर गए.. मैंने उसने लंड को पैंट पर से पकड़ कर हाथ में ले लिया.. उसका लौड़ा तन गया..
मैंने चेन खोलना चाही तो उसने मेरा हाथ रोक लिया।
मैंने कहा- क्या हुआ, आज नहीं चुसवाओगे क्या?
‘चुसवाउँगा… लेकिन तुम्हें मेरा एक काम करना होगा!’
‘क्या काम है?’
‘मुझे पैसे चाहिएँ?’
‘पैसे?’
‘हाँ पैसे…’
‘कितने पैसे चाहिएँ?’
‘पांच हजार…’
‘लेकिन इतने पैसे मैं कहाँ से लाऊँगा? ‘मैं तो एक स्टूडे़ंट हूँ और थोड़ी सी पॉकेटमनी मिलती है।’
‘कहीं से भी ला, मुझे नहीं पता!’
‘यह आप कैसी बात कर रहे हो? मैं इतने पैसे नहीं दे पाऊँगा।’
कहते ही उसने मेरे मुंह पर जोर का तमाचा मारा- साले गंडवे.. लंड तो बड़े मजे से चूस रहा था.. पैसे नहीं देगा?
मेरी आंखों से आंसू आने लगे..
अगले ही पल उसने मेरे सिर में पर थप्पड़ मारा- साले रंडी की औलाद! अगर लंड चाहिए तो पैसे ले आना.. नहीं तो मुझे फोन मत करना कभी!
कह कर वो मुझे रोता हुआ छोड़कर वहाँ से चला गया।
मुझे नहीं पता था कि एक समलैंगिक को अपनी इच्छा पूरी करने के लिए इतना जलील होना पड़ता है… मेरी आत्मा जैसे फूट फूट कर रो रही थी.. और भगवान से पूछ रही थी.. कि मुझे समलैंगिक क्यों बनाया तूने.. क्या मुझे सारी उम्र ऐसे ही रो रो कर जीना है?
दोस्तो, ललित सिर्फ अकेला ऐसा गे नहीं है जो इस तरह की प्रताड़ना का शिकार हुआ है.. पता नहीं कितने ही गे अपनी इच्छाओं को पूरी करने के लिए इस तरह की घटनाओं का शिकार होते हैं.. कुछ को लूट लिया जाता है और कुछ खुद ही लुट जाते हैं..
क्यों?
क्योंकि वो समलैंगिक है.. उनको एक सामान्य जीवन जीने का कोई हक़ नहीं है..?

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