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चचेरी बहन की चूत की पानी

Thursday, 16 November 2017

मेरा नाम कुशाग्र है मैं लखनऊ में रहता है, मैं 21 साल का हु, मुझे एडल्ट मूवी देखना बहुत अच्छा लगता है, और सेक्स की कहानियां पढ़ना काफी अच्छा लगता है. मैं रोज रोज एडल्ट मूवी देखता हु, मैं आज तक कभी किसी भी लड़की की चुदाई नहीं पर मन बहुत करता था, अब मेरी ये तमन्ना पूरी हो गयी है, क्यों की कल ही मैंने अपने चचेरी बहन शिल्पा की चुदाई की है वो भी बड़े ही फिल्मी स्टाइल में, क्यों की मैं काफी कुछ एडल्ट मूवी देख के सिख गया हु, कैसे लण्ड घुसाते है कैसे चूत को चाटते है, सबसे बढ़िया तरीका कौन सा होता है चुदाई करने के लिए.

मेरे मम्मी पापा दोनों मामा जी की यहाँ गए थे क्यों की मेरी नानी की तबियत खराब थी, तो मैं घर पे अकेला था, मेरे पापा दो भाई है, बड़े चाचा बगल बाले घर पे रहते है, उनकी बेटी यानी की मेरी चचेरी बहन शिल्पा बहुत ही खूबसूरत है, वो मेरे से एक साल बड़ी है, पर अभी शादी नहीं हुई है वो पढाई कर रही है, तभी मेरा दरवाजा किसी ने खटखटाया, मैं जाके देखा तो शिल्पा थी, बोली कुशाग्र चाची है, मैंने कहा नहीं वो तो मामा जी के यहाँ गए है, तो बोली अरे यार मम्मी भेजी है, बोली जा चाची के यहाँ से चीनी ले आ, तो मैंने कहा कोई बात नहीं मैं दे देता हु, वो अंदर आ गई और मैं चीनी लेने रसोई में चला गया.

मैं रसोई में से चीनी लेके बाहर आया तो देखा की शिल्पा मेरे लैपटॉप के सामने बैठी थी, मैं सोफे ऑफ़ बैठ के एडल्ट मूवी लैपटॉप पे देख रहा था और बंद करना भूल गया, मैं बहुत हड़बड़ा गया था, मैं झट से लैपटॉप को बंद किया और बोला सॉरी, गलती से चालू ही रह गया, मैं डर गया था, पर शिल्पा मुझे तिरछी नजर से देख रही थी, और अपने होठ पे दांत को दबा रही थी, ऐसा लग रहा था वो सेक्स की नशे में आ गई थी, तभी शिल्पा बोली क्या तुम्हे ये मूवी अच्छा लगता है, मैंने कहा हां, तो वो बोली मुझे भी बहुत अछा लगता है, चालू कर ना सुरु से, मैंने स्टार्टिंग से मूवी को चालु कर दिया, वो मेरे साथ बैठ गयी सट के और हम दोनों मूवी देखने लगे,

धीरे धीरे शिल्पा ने मेरे लण्ड को पकड़ लिया फिर वो मेरे में लिपट गयी, उसकी बड़ी बड़ी चूचियाँ मेरे साइन से चिपक गयी, मैं शिल्पा के होठ पे किश कर लिया, वो भी मुझे किश कर रही थी, फिर मैंने उसके टॉप को ऊपर कर दिया और बड़ी बड़ी मदमस्त चूचियाँ दबाने लगा, हम दोनों मूवी भी देख रहे थे और एक दूसरे को किश करते हुए वो मेरे लण्ड को सहला रही थी और मैंने उसके चूची को सहला रहा था, मैंने कहा चाची चीनी का इंतज़ार कर रही होगी, तो शिल्पा बोली वो तो मैंने झूठ बोला था, मम्मी पापा दोनों गाँव गए है, रात को आयेगे, इतना सुनते हु, मैंने उसके कपडे उतार दिए, ब्रा का हुक भी पीछे से खोल दिया बड़ी बड़ी चूचियाँ मेरे सामने झूल रहे थे, मैंने एक एक करके दोनों चूचियों को मुह में ले रहा था, और दबा रहा था शिल्पा सिर्फ आअह आआह आआह आआह कर रही थी,

फिर दोनों लैपटॉप लेके बैडरूम में आ गए लैपटॉप का वॉल्यूम थोड़ा और बढ़ा दिया, और दोनों 69 की पोजीशन में आ गए, यानी की मैंने उसके चूत को चाट रहा था और वो मेरे लण्ड को अपने मुह में लेके चाट रही थी, मैंने उसके क्लीन शेव चूत को खूब चाटा उसके बाद मैंने अपनी एक ऊँगली उसके चूत में घुसा के अंदर बाहर करने लगा ये सिलसिला करीब १५ मिनट तक किया, क्या बताऊँ दोस्त शिल्पा के मुह में आआह आआअह आआअह आआअह आआअहाआ की आवाज़ निकल रही थी और वो वाइल्ड तरीके की कर रही थी, हरेक तीन से चार मिनट में वो अपने चूत की पानी छोड़ रही थी, जैसे ही वो पानी छोड़ती मैं फटाफट चाट जाता. 

फिर मैंने उसको किश करने लगा और बूब को दबाने लगा, शिल्पा बोली कुशाग्र अब मुझे मत तड़पाओ प्लीज, मेरा चूत तेरे लण्ड को पाने के लिए बेक़रार है, मैंने भी अपने लण्ड को दो बार हिलाया मेरा लण्ड करीब 8 इंच का हो चूका था, और सलामी दे रहा था, मेरा लण्ड भी शिल्पा के चूत में जाने को बेक़रार था, मैंने शिल्पा के दोनों टांग को फैलाकर अपने दोनों कंधे पे लिया और अपना लण्ड उसके चूत के सामने रखा, फिर एक झटका दिया, मेरा लण्ड पूरा उसके चूत में चला गया था, फिर वो गांड उठा उठा के चुदवाने लगी,

फिर मैंने शिल्पा को घोड़ी बना और मैंने मैं कुत्ते की तरह हो गया और चोदने लगा, करीब मेरी और शिल्पा की चुदाई २ घंटे तक चली थी, इस बीच मैं दो बार झड़ चुका था पर उससे छोड़ने का मन ही नहीं कर रहा था, इसलिए जैसे ही मैं उसको छेड़ता मेरा लण्ड फिर से तैयार हो जाता, और jab भी मैं शिल्पा की चूत में ऊँगली घुसाता और अंदर बाहर करता और जीभ घुसता उसका भी चूत पानी पानी हो जाता, आपको मेरी कहानी कैसी लगी 

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भौजाई के चूंचे भांज दिये

Wednesday, 22 May 2013



हाये दोस्तों मेरा नाम है आजाद और मैं आज आपको बताने जा रहा हूं ऐसी कहानी जो कि आपको ले चलेगी अपने जवानी के दिनों की तरफ जब आप चूंचे देखने और दबाने के लिए मालों का एक एक किलोमीटर पीछा किया करते थे। मेरी एक भाभी हैं, सांवली सलोनी, गठीली गांड कटीली नजरों वाली। उनकी चूंचियां तो इतनी नुकीली हैं कि बस देखो तो लगता है कि दिल में ही घुस जाएंगी। उस दिन मैं अपने खेत पर काम कर रहा था, वहां धान की कटाई हो रही थी। भैया की तबियत ठीक न थी और इसलिए रात होने पर भाभी खलिहान में मेरे लिए खाना लेकर आईं। मैं खलियान में राशन की देखभाल कर रहा था, कि भाभी के पायल की झंकार सुन कर मेरा दिल डोलने लगा। जैसे जैसे भाभी अपनी चूंचे दलकाते हुए और बड़ी गांड मटकाते हुए चांदनी रात में मेरे पास आती जातीं, मैं उनको चोदने के बारे में ही सोचता रहा।
आखिर आकर वो बोलीं – बबुआ जी खाना लाई हूं खा लो। मैं घर जा रही हूं। मुझे आपके भैया की देखरेख करनी है, उनकी तबियत ठीक नहीं है। इससे पहले कि भाभी चली जातीं, मैं आह्ह !! आह्ह!! करते करते झूठ मूठ का नकल मारके वहीं खलियान में पुआल पर ढेर हो गया। भाभी ने पूछा क्या हुआ तो मैने कहा दर्द है, वो बोलीं कहा दर्द है तो मैने धोती के अंदर ईशारा करते हुए कहा – यहां दर्द है भाभी! उन्होंने मेरे लंड की तरफ देखा जो धोती को अप्ने उपर किसी झंडे की तरह उठाए हुए था। वो कहने लगीं, “अरे यहां दर्द थोड़े ही होता है, हट मजाक करते हैं आप। देवर जी, मजाक की आदत आपकी अभी गयी नहीं”। मैने आव देखा ना ताव अपनी धोती फेंक दी खोल कर और नंगे फिर दोहरा होकर तड़पने लगा। अब भाभी को खाट पर बैठना ही पड़ा। बैठ कर उसने मेरे लंड को अपने हाथों में ले  लिया और लगीं सहलाने। मुझे अब मजा आ रहा था।
मैने ये नाटक जान बूझ कर किया था। मैने कहा, “भाभी अब थोड़ा अच्छा लग रहा है, जैसे ही उन्होंने मेरे लंड को पकड़ के अपने हाथों मे सहलाना शुरु किया मैने महसूस किया कि वो और कठोर होने लगा। मैने कहा, ” भाभी ये तो और भी कठोर हो रहा है अब इसमें और दर्द हो रहा है, प्लीज इसे शांत करा दीजिए, ये आपको देख कर ऐसा करने लगता है। आप ही इसे शांत करा सकती हैं। वह  मेरे सुपाड़े को पकड़ कर मसलते हुए उसे और जोर जोर से रगड़ने लगीं। मुझे और मजा आने लगा था। मैने अनायास ही उनके चूंचे पकड़ लिये तो वो अपने हांथ से हटाते हुए बोलीं ” खबरदार, ये तेरे भैया की अमानत हैं, इन्हें ना छूना!” मैने अपने हाथ उनके चूंचे से हटाते हुए उनको अपने लंड को सहलाते हुए देखता रहा। मेरा लन्ड अब पूरी तरह तन चुका था और मैने देखा कि भाभी पसीज रहीं थी। उनका पल्लू ढलक चुका था और बड़े चुंचे नुमाईंद हो रहे थे।
मैने अपने नजरों को उन चूंचो पर धंसाते हुए अपने को कंट्रोल से बाहर जाते हुए देखा। अब भाभी ने अपना सिर झुकाते हुए मेरे लंड के पास किया और अपनी जीभ से मेरे लंड के सुपाड़े का स्वाद लेने लग गयीं। आह्ह!! उनके जीभ के सटते ही मुझे 440 वोल्ट का करन्ट लगा और फिर वो अचानक से मेरे लंड को अपने मुह में निगल गयी। वो मस्ती में आ चुकी थी। उसने कहा ” देवर जी, आपके भैया के पास इतना बड़ा लंड क्यों नहीं है। उनका तो मुझे देख कर खड़ा भी नहीं होता, घंटो चूसने के बाद दो मीनट के लिए खड़ा होता है और फिर वीर्य उगल कर सो जाता है।

चूंचे की धनी भाभी

ऐसा सुन कर हंसते हुए मैने कहा, कोई बात नहीं भाभि, ऐसा है कि वो नहीं तो हम सही तो हैं। हमने तो आपको पटाने के लिए ही ऐसा किया था, ऐसा सुनते ही भाभी अपने असली रुप में आ गयीं। चांद की रोशनी में दूधिया बदन से एक एक कपड़ा उतरता चला गया प्याज के छिलके की तरह। वो मुझसे ऐसे लिपट गयीं जैसे कि बेल किसी लता से लिपट जाती है। मेरा लंड उनके योनिद्वार पर एकदम फिट बैठ चुका था और मेरे हाथ अनायास उनके चूंचे के उपर जमे थे। मैने चूंचे को गोलाई में जड़ पर जमाते हुए हल्के हल्के दूहना शूरु किया और फिर मस्ती में स्तन मर्दन करते हुए भाभी के गुलाबी होटों के जाम को पीने लगा। वो मेरे उपर थीं। मैने उनके चूंचे को थोड़ा अपना सर नीचे करते हुए अपने मुह में दबोचते हुए चूसना श्उरु किया। वो  मस्ताते हुए बोली पिलो देवर जी। आज अपनी भाभी के चूंचे ऐसे पी लो जैसे कभी मां के पिये होंगे। वैसे भी भाभी मां के समान होती है। मैने माधरचोद को उसकी माधरचोदाई के लिए गाली देते हुए कहा, अभी तो तेरे मुह में लंड दूंगा साली।
मैं खटिया से नीचे उतर गया, उसका सिर खींच कर खाट के किनारे लाया और नीचे लटका दिया। वो खाट पर लेटी थी और उसका सिर नीचे लटका हुआ था। अब उसके मुह में लंड देकर मैने कहा ले चूस साली। चुदक्कड़ अब तेरी चूत रोज बजाउंगा। वो गल्गलाने लगी, जैसे ही लंड मुह में गया, मैने धक्का मार मार कर उसकी सांसे रोक दीं। मुझे बहुत  मजा आ रहा था। मेरा लड एकदम लोहा हो चुका था, उसके साथ कठोर देसी मुखाथुन का मजा लेते हुए मैने उसके चूंचे को अपने नाखूनों से नोचना जारी रखा, ये अति उत्तेजना के फलस्वरुप हो रहा था।
मैने अब उसकी टांगे उठा के अपने कंधे पर रख लीं और उसके हाथ अपने गले के दोनों ओर से कर के पकड़ने को कहा। मैने अपने बलिष्ट भुजाओं में उसे उपर उठाते हुए अपने खड़े लंड को उसकी चूत पर लगा दिया। वो अपने आप सेट हो गया था। छरहरी काया वाली भाभी को जैसे ही मैं अपने हाथों में झुलाते हुए गांड को नीचे करता, मेरा लंड फचाक से उसकी चूत में घुस जाता। धीरे धीरे मैने स्पीड बढा दी। इस स्टाइल में उसे चोदते हुए मैने उसके सारे कस बल निकाल दिये थे। वो चिल्लाते हुए कह रही थी ” आह!! चोद रहे हो कि मार रहे हो, देवर जी, कमर टूट जाएगी, उतार के चोदो, ऐसी चुदाई तो आपके भैया कभी नहीं करते।” आधे घंटे तक चोदने के बाद मैने उसे नीचे उतार कर उसकी टांगों के बीच में आकर चोदना शुरु किया और वो धकाधक लंड लेने लगी। चोदते हुए मैं उसके चूंचे बारी बारी पी रहा था। आखिर में जब वो झड़ी तो उसकी चूत से पिचकारी निकल कर मेरे चेहरे को भिगोता चला गया।
मैने अपने लंड को बाहर निकाल कर उसके चूंचे के उपर रगड़ते हुए मूठ मारना जारी रखा। धका धक मारते हुए मैने अपना वीर्य उसके चूंचे पर छिड़क दिया और वीर्य से सने लंड को पीने के लिए मुह मे दे दिया। अब ये मजा हम रोज ही लेते हैं, भाभी मेहरबान है, मेरा लंड पहलवान है।

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बुड्ढा मारे बहू की चूत दबाके होली में

बुड्ढा मारे बहू की चूत दबाके होली में

होली आ गयी, रामखेलावन बुड्ढे को चूत मारने का मन कर रहा था। अस्सी की उमर में बतीसी तो निकल गयी थी पर लंड बुड्ढे का साबूत था अब भी। एक दम झक्कास, बिना किसी दोष के एक दम जवान लंड की तरह। बुड्ढी तो कब की खाट पकड़ चुकी थी और ऐसे में उसकी चूत मारना एक दम बेकार ही था। वैसे भी उसका भोसड़ा अब सूख कर छुहारे जैसा हो गया होगा। ऐसे में रामखेलावन को याद आया, उसकी बहु जो कि अक्सर अकेले ही रह रही है, क्योंकि बेटा मुंबई में गया हुआ है, और वो दो सालों से अकेले रह के बोर हो रही होगी, फागुन माह में तो कुतिया की चूत भी खुजलाने लगती है चुदाने के लिए तो यह तो मामला वैसे भी उसकी बहु का था। दो सालों से लंड का स्वाद न चखने पर उसकी बहु को कैसा लगता होगा।

यह सोच कर रामखेलावन लोटा लेकर हगने चला। धोती उपर उठा, ली। आज लंगोट नहीं पहनी थी, सो लँड बाहर लटक रहा था, ठिक वैसे ही जैसे कि गदहे का लंड लटकता रहता है। इसलिए उसने जानबूझ कर भी अपना लौंडा लटका के दिखाने के लिए लोटा पकड़ लिया। अब उसका आठ इंच का लंड बाहर लटक रहा था। चापाकल पर वो डंडा लेकर टेकते हुए पहुंचा तो बहु से कहा – बहु जरा चापाकल तो चला दो! लोटा भरना है, झाड़ा फिरने जाना है। धनिया ने बाहर निकल कर घूंघट में से झांकते हुए जैसे ही चापाकल पर आई, तो देखा कि बाबा का लंड तो एक दम साबूत लटका हुआ है। बुड्ढे ने पूछा – रामू आ रहा है क्या होली में। तो बोली नहीं बगल के मोबाइल मे फोन आया था कि अगली होली में आएंगे। बुड्ढे की आंखें चमक उठीं। बोला कि बहुत दुख है बहु तुमको क्या बताएं। और फिर झाड़ा फिरने चला गया। जब रात हुई तो आंगन में बुड्ढा बुड्ढी सो गये।
बुड्ढे को नींद नही आ रही थी। वो उठ के बहु के कमरे में चला गया और वहां जाकर उसने अपनी बहु को जगाया। बोला बहु जरा पैर दरद कर रहे हैं तेल लगा के दबा दो ना! बहु ने कहा अच्छा बाबूजी और तेल सरसों का लाकर पैरों में लगाने लगी। जैसे ही जवान बहु ने बुड्ढे के पैर को छुआ बुड्ढे का लंड टन टना के खड़ा हो गया। उसने बहु को कहा जरा उपर लगाना। धनिया को लाज लग रही थी, और बाबूजी उसका हाथ पकड़ के उपर कर के बोल रहे थे कि जरा और उपर। धनिया समझ गयी। उसे भी दो सालों से लंड महाराज के दर्शन नहीं हुए थे। उसने ढिबरी बुझा दी और बुड्ढे का साबूत लंड सीधा ही पकड़ लिया। बुड्ढा खुश हो गया। बोला बहु अब मेरे बकसे में रखा खजाना तेरा हो जाएगा। वैसे भि बुड्ढी अब गहनों का क्या करेगी। और धनिया ने बुड्ढे के लंड में तेल की मसाज शुरु कर दी। बुड्ढे का लंड खड़ा होकर दस इंच का हो गया। धनिया चौकते हुए बोली आपका लंड बुढ्ढा नहीं हुआ बाबूजी अभी तो ये पूरा ही साबूत है। बुड्ढे ने कहा, आजकल के लौंडो में दम कहां हम तो पचास सौ दंड रोज पेलते थे और फिर दो किलो दूध और एक किलो दही खा कर मस्तीकरते थे। आज कल के लौंडे साले गुटखा पान खा कर के अपनी सेहत खराब कर लेते हैं उपर से हस्तमैथुन करके और कमजोर हो जाते हैं

बहु के साथ देशी मुखमैथुन

इस बात को सुन कर धनिया ने बुड्ढे का लंड मुह में ले लिया और चूसने लगी। रामखेलावन बोल रहा था आह बहू रहने दो ये क्या कर रही हो हम सब ये तो नहीं करते हैं, पाप लगता है। गाली देते हुए धनिया ने कहा कमीने बहु चोदने से बडा पाप क्या है और अगर अब चोद ही रहे हो तो अच्छे से मजा लो। ये नये लोगों के खेल हैं जो बुड्ढे नहीं जानते। और फिर धनिया ने मुह में लंड लेकर चूसना शुरु कर दिया। बुड्ढा हाय आह आह ये क्या, आह मुह में ही मलाई ले लोगी तो चूत में क्या दूंगा, यह सब करता रहा। धनिया ने लंड को चूस कर लोहा बना दिया। अब बुड्ढा खड़ा हो गया और बहु का चिर हरण करने लगा। धनिया को नंगा कर उसके चूंचे पकड़ लिये और चूसने लगा। अपना लंड खडा देख कर उसे जोश आ रहा था और उसने धनिया को खाट पर लिटा कर के चोदने के लिए उसके पैर खाट से किनारे खींच लिये और पेटीकोट उपर उठा कर चूत में झांटों के बीच छेद टटोलने  लगा। बस जैसे ही छेद हाथ आया, उसने सुपाड़ा रगड़ कर अंदर लंड ठोंक दिया। जैसे ही मोटा लंड अंदर गया, धनिया की आंखों में आंसू आ गये, कुछ खुशी के आंसू कुछ दर्द के आंसू।
खुश इसलिए थी कि उसे मरद के लंड का विकल्प मिल गया था और दखी इसलिए थी कि उसे बहुत दिनों से चूत के बंद पड़े दरवाजे को इतने मोटे लंड से अचानक खोल देने पर दरद हुआ था। लंड से पेलकर बुड्ढा उसे निहाल कर रहा था, वो सच में रामू उसके मरद का बाप निकला। दनादन आधे घंटे तक चोदते हुए बुड्ढे ने मस्त चोदा धनिया को और फिर धनिया ने बुडडे को लिटा कर उसके भाले जैसे लंड पर अपनी चूत रख कर चोदना शुरु कर दिया। लेटे लेटे बुड्ढा उसके चमत्कारी चूंचों से खेल रहा था और चूत धकाधक लँड को निगल रही थी। वाह रामखेलावन बुड्ढे ने अपनी बहू की चूत का उद्घाटन करके आज कमाल ही कर दिया था। पूरे रात बुड्ढे ने कभी उपर कभी नीचे रह के मजा लिया और जब वो लंड का सारा पानी खाली हो गया तो उसने बहु से मस्त सरसों के तेल से मसाज कराया और लंड को रिलैक्स करने का मौका दिया। अब रामखेलावन बुड्ढे की पतोह चोदने की गड्डी निकल पड़ी थी और उसने जम कर चोदना जारी रखा चूत को। अगली बार जब उसका बेटा रामू आया तो उसने भी चोदा अपनी बीबी को लेकिन तब तक चिड़िया हाथ से निकल चुकी थी। अगले सीजन में रामखेलावन ने अपनी बहु को एक सुंदर सा पोता दिया।

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भरी हुई चूत का कोई ना वारिस : ससुर ने पेला

भरी हुई चूत का कोई ना वारिस : ससुर ने पेला 
हाय दोस्तों मैं मीरा हूं और मैं अपनी कहानी ‘भरी हुई जवानी’ अपने दोस्त आजादराक्स की मदद से आपको सुनाने जा रही हूं। मैं एक छोटे से शहर सहारनपुर में अपने सास ससुर के साथ रहती हूं। मेरी शादी कम उम्र में हो गयी और जब मैं जवान हुई तो मेरे पति देव कमाने के लिए अरब चले गये। भरी हुई जवानी और अकेले पन का अहसास, घर में कोई ना जवां मर्द ना देवर और मैं अकेले और तन्हा रहने लगी। अचानक से एक दिन जो भी हुआ उसने मेरी जवानी की सूरत बदल दी।

उस दिन मैं अपने हैंडपंप पर जो कि आंगन के बीचोबीच लगा हुआ है और खुले में है, उसपर नहा रही थी। सास ससुर अपने कमरे में सोए हुए थे और मै सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट में नहा रही थी। अपने सर पर पानी डालते हुए मैने जैसे ही ब्लाउज का बटन ढीला किया अपने भरे हुए चूंचे मुझे दिखे, मैने दोनों बटन खोल कर इंडियन ब्रा नुमाइश करनी शुरु कर दी। बहुत दिनों बाद मैने अपनी भरी हुई जवानी को अपने हाथों में लेकर देखा था।
अपने ब्रा के अंदर हाथ डालकर मैने रगडना शुरु किया, गर्मी के मौसम में वैसे भी बहुत ज्यादा पसीना होता है कि मेरी ब्रा के लेस खुल गये। अब मैं पूरी नंगी थी। पतिदेव द्वारा मसली गयी चंद दिनों की छुई हुई चूंचियां आज भी कंवारी दिखती थीं। मैने उनको अपने हाथों में भर के देखा और सोचने लगी कि काश कोई होता मेरी इस भरी हुई जवानी का लुत्फ लेने वाला कि सामने से ससुर जी धोती उठाए चले आए। मुझे उनके इस तरह आने की उम्मीद न थी, पर शायद उनको बाथरुम जाना था, उनकी नजर मेरे चूंचों पर पड़ी और वो सर झुकाकर अंदर बाथरुम में चले गये।
मैं सोच न पायी कि क्या करुं। मुझे शैतानी सूझी, बाहनचोद, सालो हो गये चूत मराए और आज एक मौका था, ससुर जी पचास के थे पर कसरती बदन में अभी भी काफी जान बाकी थी, और उनकी हसरत भरी निगाहें जिनमें वासना और सहानुभूति झलकती थी, उनको मैं देख सकती थी। मैने जानबूझकर अपना पेटीकोट उठा कर अपनी चिकनी टांगों के बीच झांट वाली बुर को नुमाइश किया और लोटे से पानी निकाल कर अपने बुर पर डालने लगी, चप चप और तभी मेरे ससुर जी बाथरुम से निकले, उनकी नजर इस बार मेरी कालि काली झांटों के बीच चमकती हुई झांटदार पर गोरी चूत पर जाकर टिक गयी।
मैने देखा उनकी धोती के भीतर लंड एकदम से खड़ा होकर उजले कपड़े को झंडे की तरह लहरा रहा था। बुड्ढे का दिल बेईमान हो चुका था और मैं चाहती भी यही थी।
और तभी ससुर जी की धोती नीचे गिर गयी, शायद उनको भी चोदने का मन कर रहा था, सास की सूख के छुआरा हो चुकी चूत को मारने में उनको भी खास मजा नहीं आता रहा होगा, इसलिए उन्होंने इस मौके का फायदा उठाने से न चूकने का फैसला किया होगा। इस प्रकार से जैसे ही वो नंगे धड़ मेरी तरफ बढे, मेरी चूंचियां जोर जोर से उपर नीचे होने लगीं, ये सब मेरी सांसे तेज होने से हो रहा था और मैने अपना मुह छुपा लिया। उन्होंने आकर मेरे चूंचे को पकड़ लिया और चूसने लगे, मेरे बायें स्तन को अपने दोनों हाथों में भरकर उन्होंने दायें स्तन के निप्पल को अपने मुह मे ले लिया। भीगी हुई जमीन पर वो बैठ गये थे।
मै अपनी खुशी छुपा ना पा रही थी, और मैने उसके लंड को देख लिया था इसलिए मेरी चुदाई की भयंकर आशंका मेरे दिमाग में घर कर गयी थी। ससुर जी ने मेरे चूंचे को चूसते हुए मेरे चूत को देखने के लिए मेरे पेटीकोट को उतार दिया और फिर मुझे वहीं चापाकल पर लिटा दिया। मेरा भीगा हुआ बदन और भरी हुई जवानी उनको पागल कर रही थी और मैने चोदने के लिए बस आज अपना बदन उनको सौंप दिया। ससुर जी काफी रोमांटिक थे, उन्होंने मेरे हर बदन के हिस्से को हर तरफ से एक एक इंच को सहलाया। मेरा रोम रोम खड़ा हो गया, सालों बाद लंड का अवसर मिला था और वो भी रिश्ते में ससुर लगने वाले एक पराये मर्द का लंड्।

भरी हुई गांड में ससुर का मोटा लौड़ा

मै मारे खुशी के आह्लादित थी और उन्होंने आश्चर्य देते हुए अपनी जीभ से मेरा अंगूठा पीना शुरु कर दिया। ये रोमांस मैं समझ नहीं सकती थी कि क्या गुल खिला रहा था मेरे अंदर में। उन्होंने अपने मुह मे मेरे बायें पैर के अंगूठे को ले कर मेरी चूत के फांकों को सहलाना शुरु कर दिया। बुर के सालों बाद सहलाये जाने से वो फर फरा के पानी फेंकने लगी, बेचारी भरी हुई जवानी में भरी हुई चूत को ये मजा बर्दाश्त नहीं हो रहा था और उसमें अजब गजब अहसास हो रहा था। मेरे अंगूठे चूस कर ससुर जी ने मेरी गर्दन को चूसना और मेरे साईड आर्म्स को सहलाना शुरु किया। मैं एकदम मदहोश थी कि उनके  लंड का मोटा सुपाड़ा मेरे मुह में टकराया। “ले पीले बेटी मेरा मोटा लंड जिसको तेरी सास अपने मुह में भर नहीं पायी, कभी” उनकी धीमी फुसफुसाहट मेरे कानों मे टकराई।
मैने उनके लंड को मुह में लिया और वो 69 पोजिशन में थे, मेरी चूत उनके मुह में थी। वो मेरे उपर लेटे थे, उनकी चुभती हुई हड्डियां मेरे सारे भरी हुई शरीर में लंड के घुसने का अहसास करा रहा था और ऐसा लग रहा था कि जैसे मेरा सारा शरीर चूत में बदल गया हो। मैने उनके लंड को पीते हुए बेताबी से उनके अंड्कोषों को मसलना शुरु कर दिया था और वो मेरी भग को लगभग किसी टाफी की तरह मसल रहे थे और मेरी चूत में जीभ को अंदर बाहर कर रहे थे।
आधे घंटे तक उन्होंने मेरी चूत का पान किया और आखिर में कामरस गटक गये। इसके बाद खड़ा लंड खींच कर मेरी गाँड में डाल दिया। मैं चिल्लाती रही और भीगी हुई, भरी हुई इंडियन गांड मारकर उन्होंने मुझे बेहाल कर दिया। मेरी गांड एकदम खुल गयी थी, किसी नाले की तरह जब उन्होंने मेरी गांड में अपना वीर्य छोड़ा। वीर्य से भरी हुई गांड से टपकता कामरस मेरी चूत में घुसता चला गया। मैने अपने ससुर जी को अपनी भरी हुई जवानी का वारिस बना लिया है।

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Awesome Sex With Sister

Tuesday, 21 May 2013

Hello dosto mera naam aanad hai aur me 23 sal ka hu, me jaipur ka rahne wala hu aur abhi ek nayi job ki talash me hu. Meri height 5,9" h aur me girls se openly baat kar leta hu. Mere family me hum chaar log hai, me, papa, mammi aur meri chhoti bahan nisha, jo ki 21 saal ki hai aur m.Com k previous year me hai. Wo bahaut hu sexy hai aur ek dum gori hai, uska figure 32 28 34 hai aur vo mujhe bahaut hi achi lagti hai. Meri ek hi bahan hai to me bachpan se hi use bahut pyaar karta hu aur vo jo bhi mangti hai use lakar deta hu, acha ab me sidha story pe aata hu.
Ye kahani aaj se 1 saal pahle ki hai, to dosto ek din ki baat hai sardiyo ke din the aur thnad bahut thi, raat ke 9 baje huye the aur me apne room me lappy pe xxx dekh rha tha, jo ki mujhe bahut pasand hai, aur me itna uttejit ho gaya tha ki me control nahi kar paa rata tha aur muth maarne hi vala tha ki mera door kisi ne knock kiya, me ek dum se dar gaya aur lappy ko turant band kar diya aur kapde pahan ke gate khola to dekha bahar meri bahan khadi h to aaj mene pucha kya hua to boli ki neend nahi aa rhi hai to mene socha ki aapse sath koi movie dekh lu to mene kaha thik hai aaja aur hum fir movie dekhne lage aur movie dekhte dekhte vo so gayi mere hi room me jab mujhe confirm ho gaya ki nisha so gayi hai to mene fir se xxx dekhna shuru kar diya.
Thodi der baad mujhe sex ka nasha chadhne laga aur achanak mene nisha ko apne bagal me sote huye dekha to me use dekhta hi rah gaya. Pata nahi us din kya hua but me apne aap pe control nahi kar paya. Us din nisha ne white top aur black lower dala hua tha aur mujhe vo bahut hi pyaari lag rahi thi. Mene fir dheere dheere uske hoth aur galo ko sahlane laga. Muje bahut maza aa raha tha aur dar bhi lag raha tha.
Fir mene uski boobs ko upar niche hote dekha to meri halat aur kharab ho gayi. Mene dheere dheere uske pet pe hath ferne laga aur uski top ko upar kiya me uski pink bra ko dekhte hi pagal ho gaya aur uski neval ko kiss aur suck karne laga aur dheere dheere uske boobs ko dabane laga mujhe bahaut maza aa raha tha fir mene uske lower me hath dalke uski panty ke upar se uski choot ko sahlane laga, fir mene uske lips choose aur muth mari aur uske kapde thik karke so gaya. Dusre din me bahut bechain tha aur na chahte huye bhi saare din apni behan ke baare me hi sochne laga.
Hum dono bhai bahano ko ice cream aur cold drink ka bahut shock h aur hum thand me bhi colddrink peete hai aur icecream bhi khate hai, to mujhe ek idea aaya aur me nind ki goli le aaya aur cold drink aur ice cream bhi laaya . Uske baad mene uski cold drink me 2 goli nind ki daal di aur raat ko 9 baje uske room me jake usko bola ki jab mammi papa so jaye to mere room me aa jana me cold drink aur ice cream laaya hu.
To vo bahut khush huyi aur 10:30 baje mere room me aa gayi. Mene use phle ice cream di aur fir cold drink di, vo cold drink peeke boli muje nind aa rahi h to mene bola thodi der ruk ja na movie dekhta hai to usne bola thik h thodi der dekh lete hai fir me so jaungi mene bola ok. Aur vo 30 min baad so gayi. Uske baad mene thodi der xxx dekhi aur mene usko aawaz di aur hilaya par jab vo nahi uthi to me bahut khush hua
Aur mene uske lips pe khoob smooch kiya aur uski neck pe bhi kiss kiya, usne us din blue color ka night suit pahna tha. Mene der na karte huye pahle uska button wala shirt utara aur fir uska lower bhi utar diya. Vo bahut sexy lag rahi thi usne red color ki bra and panty pahni huyi thi. Me use dekhte hi pagal ho gaya light me vo aur bhi mast lag rahi thi mene uski puri body ko suck and kiss krna shuru kar diya. Muje itna maza aa raha tha ki me bata nahi skta fir mene uski bra ko utar diya aur uke boobs ko suck krne laga aur press karne laga fir mene uski neval ko kiss kiya bahaut maza aa rha tha fir mene uski thai ko kiss kiya suck kiya uske baad mene uski panty ko utaar diya.
Me to uski bina balo wali chut dekhke pagal hi ho gaya tha, itna maza aaya bahut jayda. Fir mene uski chut pe kiss kiya aur fir uski chut ko chahtne laga aur fir uski chut pe vasline lagayi aur ek ungli anadar daal di vo thodi jhatpatayi aur shant ho gayi fir mene ungli andar bahar krne laga aur jab vo aram se andar bahar hone gayi to mene fir dusri ungli dalke uski chut me andar bahar krne laga. Me aur pagal ho gaya fir mene apna lund phle uske hoth pe ghumaya aur fir uski chut pe rub kiya. Uske baad uske boobs ke bich me dalke uske boobs ko chodne laga. Mujhe itna maza aa raha tha ki jaise me jannat me tha. Fir thodi der baad mera liquid nikal gaya jo ki kuch uske boobs pe gira aur kuch uske hotho pe. Fir mene apna land saaf kiya aur apna virya uske muh me thoda daal diya aur baki uske boobs pe mal diya. Aur fir usko kapde pahna ke so gaya.
10 -15 aise hi chalta raha hum roj cold drink peete aur vo mere room me hi so jati aur fir me uske sath vo sab karke use uske room me chhod aata jisse kisi ko shaq na ho. Ab me use chodne ke liye tadap raha tha. Par mujhe koi mauka nahi mil raha tha. Fir ek din mujhe mauka mila meri sis ne kisi entrance ke liye form fill kiya tha aur uska centre chandigarh aaya. To papa ne mujhe sath me jane ke liye bola aur hum vaha pahuch gaye. Humne hotel me room book kiya aur fir fresh huye aur nisha ne exam diya. Uske baad mene papa ko phone karke dol diya ki hum ghumne ja rahe the to do teen din baad aayenge. Bahaut manane ke baad papa man gaye. Jab mene ye baat nisha ko batayi to vo bahut khush huyi. Fir hum shaam ko hotel me aa gaye aur fresh huye. Uske baad humne khane ka order krne ki sochi.
Fir muje ek idea aaya ki kyu na aaj nisha ko choda jaye aur iske alawa koi rasta nahi tha use chodne ka. To dosto mene plan banaya. Mene niche gaya aur ek vodka ka half le aaya aur ek coke le aaya mene thodi coke pee lee aur vodka usne mix kar di aur fir cigratte ka packete liya. Aur viagra ki teblet leke aur ice cream leke mene khane ka order kiya aur room me aa gaya. Thand bahut thi. Nisha apni nighy me baithi tv dekh rahi thi. Thodi der baad kahana aa gaya aur mene chupke se vigra ki teblet uske khane me mila di. Fir humne khana khaya aur cold drink peen eke baad vo bolne lagi ki iska taste kuch ajib sa hai mene bola ki new flavour aaya hai market me to mene socha aaj try karte hai. To usne ok bola aur cold drink peene lagi. Use nasha chadne laga aur vo let gayi. Mene mauke ka fayda uthaya aur usse frank hone laga. Vo bhi dheere dheere mujhse frankly baaten krne lgayi.
Fir mene cigratte jalayi to vo shock hoke boli bhaiya aap cigratte peete ho to mene bola ha yar kabhi kabhi but tu kisi ko boliyo mat. Usne bola ye galat hai to mene use samjhaya. Fir mene bola ki chal movie dekhte hai me tv pe channel chnge kar rha tha to ek porn movie chal rahi thi me vaha ruk gaya aur 5 min tak use dekhne laga. Nisha bhi vo movie bade gaur se dekh rahi thi fir usne remote leke channel change kar diya.
Mene usko sorry bola to usne koi jawab nahi diya. Fir dheere dheere me usse baat krne laga aur usne kaha use bahaut garmi lag rahi thi to mene use sone ke liye bola. But usne bola ki use bahaut garmi lag rahi hai mene bola me kuch karta hu aur use sula diya. Fir mene fir se vahi xxx movie dekhne laga.
Mujhe pata hi nahi chla ki vo kab jaag gayi aur movie dekhne lagi. Jaise hi mujhe pta chala mene tv off kar diya aur usse pucha kya hua to boli nind nahi aa rahi hai sir bhari ho raha hai aur bahaut tej garmi lag rahi hai. To mene use bola ki tu ek kaam kar apna night siut utar de aur aise hi soja blanket me, to vo mana krne lagi fir mene bola ki me to alag bed pe hu na to tu kyu sharma rahi hai to vo badi muskil se maan gayi. Tab me bahar gaya aur usne kapde change kiya aur vo let gayi. Fir jab me aaya to fir se movie dekhne laga vo sone ka natak kar rahi thi aur movie dekhke garam ho rahi thi.
Fir mene dekha ki vo apne blanket ke andar kuch kar rahi hai. Uski ankhe band thi fir me uske pas gaya aur uski thai ko sahlane laga use bahut maza aa raha tha. Lekin usne aakhen nahi kholi, fir me uske boobs dabane laga use aur maza aane laga fir mene uska blanket hata diya aur uski neval ko kiss karne lga aur pet ko chatne laga aur uski chut ko panty k upar se hi rub karne laga. Vo siski le rahi thi. Aur usne akhen khol di.
Me dar gaya aur vo chillane lagi fir mene badi muskil se use samjhya, vo bhi bahaut garam ho gayi thi to chup ho gayi. Aur mene uski black bra aur panty ko utar diya. Aur me uske boobs ko suck krne laga aur uski chut ko hath se sahlane laga. Use bahaut maza aane laga. Aur vo bahaut jor jor se siski bharne lagi.Fir mene apne kapde utar diye aur bas underwear me rah gaya, fir mene underwear ko bhi utar diya aur vo mere 8" ke lund ko dekhke ghabra gayi.
Mene use samjhaya aur fir hum 69 ki positon me aa gaye pahle to usne mana kiya fir vo lund chusne ke liye taiyar ho gayi. Aur hum ek dusre k lund aur chut ko chusne lage. Thodi der ke baad hum alag guye aur mene uske muh me apna lund daal diya aur vo chusne lagi mene tej tej dhakke dene lga fir me uski chut chatne laga vo jhat patane lagi aur thodi der bad jhad gayi. Fir me uske boobs ko chodne laga aur lund uske hoth tak jata to vo jibh nikal ke lund ko sahla deti. Me to jaise jannat me pahuch jata. Aur thodi der baad hum alag huye. Me abhi tak nahi jhada tha cz mene viagra ki goli kha lee thi uski chut suck karte samay. Fir mene uski chut pe cold cream lagayi aur apne lund pe bhi lagayi. Aur lund ko uski chut pe rub karne laga vo fir se garam ho gayi thi.
Mene dhere dheere lund nisha ki chut me dalne laga to use bahaut dard hone laga vo dard se kasmasane lagi aur boli ki bhai bahut dard ho raha hai fir me ruka aur uske hoth choosne laga aur boobs press krne laga fir use thodi rahat mili aur achanak mene ek shot maara aur mera adha lund uski chut me ghush gaya uski cheekh meree muh me hi nikal gayi aur mujhe dhakka dene lagi fir mene uske boobs suck krne laga.
Fir mene uske lips ko lock kiya aur ek aur tej shot mara jisse mera pura 8" ka lund uski chut me chala gaya vo to ek dum tadfadayi aur rone lag gayi uski aankho se aansu aa rhe the me boobs dabane laga aur thodi der baad usko jab maza aaya to mene lips alag kiye vo gussa kar rahi thi aur ro rahi thi ki aapne muje maar dala meri jaan nailki ja rahi hai pls bahar nikalo. Mene use kiss kiya aur samjhaya ki pahli baar dard hota hai to vo chup ho gayi. Fir mene pahle dheere dheere fir tej tej shot marne start kar diye. Ab uski cheeken siskiyo me badal gayi. Aur vo maze lene lagi. Aur apni gand utha utha kar mera sath dene lagi. Fir thodi der baad vo jhad gayi par me use chodta raha.
Fir mene apna lund uske muh me daal diya aur ki berahmi se muh ko chodne laga. 5 min muh ko chodne ke baad mene fir se uski chut ko choda aur thodi der bad hum dono jharne wale the to mene apna lund bahar nikal ke uske muh me daal diya aur muh me hi apna liquid daal diya. Jo use jabardasti peena pada par use ulti ho gayi. Uske baad humne apne aap ko saaf kiya aur ek dusre se chipak ke let gaye. Nisha bilkul chup thi vo mjse baat nahi kar rahi thi. To mene pucha ki tu kuch bol kyu nahi rahi h to vo rone lag gayi.
Mene pucha kya hua to boli ki aap mere bhai ho aur humne bahut galat kaam kiya hai. Humne paap kiya hai agar kisi ko pata chal gaya to kya hoga. To mene use bola ki phli baat to kisi ko kuch pata nahi chalega. Na tu kisi ko batayegi aur na me. Ye baat hamare bich me hi rahegi. Aur rahi baat sahi aur galat ki to ye hamari need hai. Aur usko khub samjhane ke baad vo maan gayi. Fir humne 2 din tak khub chudayi ki aur maza kiya. Next part me bataunga kaise mene uski gand maari. Aur usko jannat ka maza diya

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मोम की चुदाइ

Sunday, 21 April 2013

आज मेन आपको मेरे और मेरे मोम के सेक्स कि कहनि सुनता हुन। येह बात आज से करिब 6-7 साल पेहले कि है जब मेरि उमर 20 साल कि थि और मेरि मोम 32 कि थि। मेरि जवनि शुरु हुइ थि उनकि जवनि के शोलेय भदकते थे। मेरि मोम बहुत सेक्सी और सुनदर है। शे हस गोत अ बेऔतिफ़ुल बोदी शपे 36-28-36। शे हस गोत मेद बूबस अस वेल्ल अस बुत्तोसकस उनका सुदोल गोरा बदन बहुत हसिन हे। वैसे वोह मेरि रेअल मोम नहि हे वह मेरे दद कि सेसत्रेतरी थि बाद मेन पपा ने मता जि कि सोनसेनत से उस्से उनोफ़्फ़िसिअल्ली शदि कर लि। मेन पेहले उनको सनधया औनती कहता था पेर अब मोम हि कहता हुन।
में मोम को जब भि देखता तो मुझे उनका सेक्सी फ़िगुरे देखकर मन मे गुदगुदि होति थि। मैने उनको एक दो बर दद के ओफ़्फ़िसे मेन अधा ननगा (जैसे जब वह सकिरत पेहनति थि तो उनकि थिघस बदि जबरदसत होति थि तब वह मेरे पपा कि सेसत थि। एक दो बार मेने मोम को दद के ओफ़्फ़िसे के पवत रूम मेन जो चनगिनग रूम सुम रेसत रूम था मेन छुप कर कपदे चनगे करते भि देखा था। और मेन उनके चूचे और चद्दि के नीचे के अरेअ को छोदकर पुरा ननगा देख चुका था। मोम कि बोदी एकदुम सनगमरमर कि तरह चकनि थि। उनकि जनघेन ऐसि लगथ थि जैसे दो केले का जोदा हो। उनके होनथ एकदुम गुलब कि पनगुरियो कि तरह थे और गाल एक दुम कसमिरि सेब जैसे पिनक।
मोम एकदुम तिते फ़ित्तिनग के कपदे पेहनति थि और मेन उनको बहुत नज़दीक से देखकर अपनि अनखो को सुकुन दिया करता था। मतलब जब से मेरा लुनद खदा होना सुरु हुअ वोह बुस सनधया (मोम) को हि तलशता और सोचता था। मेन उनकि बोदी को देखकर अपने मा और अनखोन कि पयस बुझया करतह था। लेकिन पेहले जब तक वह सनधया औनती थि मुझे उनसे नफ़रत थि और मेन सोचता थना कि एक दिन इनको तसल्लि से चोदकर अपनि भदस निकलुनगा। पेर बाद मेन उनके लिये मेरे पपा के पयर ने और उनके अच्चहे बहविऔर ने मुझे चनगे कर दिया।
अब वो हमरे घर पेर फ़िरसत फ़लूर मेन रेहति थि दद और उनका बेद रूम फ़िरसत फ़लूर पेर था और हुम लोग गरौनद फ़लूर पेर रेहते हेन। दद सनधया(मोम) के साथ फ़िरसत फ़लूर पेर हि सोते हेन बेद रूम के सथ हि एक और रूम हे जो अस अ सोम्मोन रूम उसे होता हे। धीरे धीरे मेन मोम के और करिब आने लगा वह शयद मेरा इरदा नहि समझ पा रेहि थि वह मुझको वहि 12-15 साल का बछचा समझति थि पेर अब मेन जवन हो गया था। जैसे हि मेने सोल्लेगे मेन अदमिस्सिओन लिया तो दद ने ओफ़्फ़िसे का वोरक भि मुझको सिखन सुरु कर दिया और मेन भि फ़री तिमे मेन रेगुलरली ओफ़्फ़िसे का कम देखने लगा। मोसतली मेन अस्सौनतस का कम देखता हुमन कयोनकि मेन सोम्मेरसे सतुदेनत था।
सोल्लेगे मेन भि मुझे कोइ लदकि मोम से जयदा सेक्सी नहि लगति थि। अब मेन जब मौका मिले मोन को तौच करके, जैसे उनकि जनघोन पेर हाथ फ़ेर के, उनके चूतद पेर रुब करके या कभि जनबुझकर उनके बूबस छु लिया करता। मोम पता नहि जनबुझकर या अनजने इगनोरे कर देति थि या वह मेरा मोतिवे नहि समझ पति थि।
कभि दद रात को मुझे अपने बेद रूम मेन बुलते थे और ओफ़्फ़िसे के बरे मेन मोम और मेरे साथ दिससुस्स करते। कयोनकि मोम मोसतली निघत गोवन मेन होति थि और मेन पुरि तसल्लि से उनकि बोदी का मुअयना करता था। उनके बूबस बिलकुल पके हुये आम जैसे मुझे बदा ललचते थे, कै बार मोम को भि मेरा इरदा पता चल जता था पेर वोह कुच नहि केहति थि। अब तो मेरि बेचैनि बदति जा रेहि थि और मेने मोम कि चुदै का पक्का इरदा कर लिया और मौके कि तलश करने लगा।
एक दिन जब दद ने मुझे फ़िरतस फ़लूर पेर रात को 11 बजे बुलया तो मेन उपेर गया तो दद ने बतया कि उनको निघत मेन 1 बजे फ़लिघत से 1 वीक के लिये उरगेनत बहर जना हे और वोह मुझे और मोम (सनधया) को जरुरि बतेन बरिएफ़ करने लगे। मोम थोदा घबरा रहि थि तो दद ने कहा सनदी दरलिनग उ दोनत वोर्री तुम और रज सब समभल लोगे, रज तुमहरि मदद करेगा। कोइ परोबलेम हो तो मुझे सल्ल करना वैसे यौ विल्ल मनगे थेरे विल्ल बे नो परोबलेम। उसके बाद दद ने मुझेसे कहा कि सनदी थोदा नुरवौस हे तुम जरा बहर जओ मेन उसको समझता हुन।
मेन बहर आ गया तो दद ने उनदेर से दूर बनद कर दिया, लेकिन मुझको दौबत हुअ कि दद मेरि अबसेनसे मेन सनधया (मोम) को कया समझते हेन। मेन केय होले से चुपके से देलहने लगा। लुसकिली दूर पेर सुरतैन नहि चदा था और लिघत भि ओन थि। लेकिन मेने जो देका तो मेन सतुन रेह गया दद मोम को बहोन मेन लेकर किस्स कर रेहे थे और मोम सरी कर रेहि थि। फ़िर दद ने मोम के होनथ अपने होनथो पेर लेकर दीप किस्स लिया तो मोम भि जबब देने लगि। फ़िर दद मे मोम का गोवन पेचे से खल दिया और पीथ पेर रुब करने लगे। मोम और दद अभि भि एक दुसरे को किस्स कर रेहे थे और दोनो लमबि सनसे ले रेहे थे कि मेन सुन सकता था। फ़िर दद ने मोम का गोवन पीछे से उथया और उनकि चद्दि भि नेचे करके मोम के चूतद पेर रुब करने लगे। मोम कि पीथ दरवजे के तरफ़ थि जि करन मुझे मोम कि गनद और चूतद के दरशन पेहलि बार करने का मौका मिला। मोम के चूतद एक दुम सनगमरमर से मुलयम और चिकने नजर आ रेहे थे मोम सरी भि कर रेहि थि और मसति मेन लमबि सनसेन भि ले रहि थि।
फ़िर अचनक दद ने मोम का गोवन आगे से उपेर किया और उनकि चूत पेर उनगलियन फ़िरने लगे पेर मेन कुच देख नहि पया कयोनकि वोह दुसरि सिदे थि। फ़िर दद दुसरि तरफ़ पलते तो मोम कि चूत वलि सिदे मेरे तरफ़ हो गयि और अब मेन मोम कि चूत थोदि बहुत देख सकता था। पेर दूर से कुछ नज़र सफ़ नहि आ रेहा था मोम कि छोत का मेन अनदज़ लगा सकता था कयोनकि दद वहन पेर उनगलियन फ़िरा रेहे थे और मोम के खदे होने के करन चूत पुरि ननज़र नहि आ रेहि थि। वोह बुस एक छोति लिने से दिख रेहि थि जहन दद उनगलि फ़िरा रेहे थे। उसके बद दद नीच झुके और मोम कि चूत पेर अपने होनथ रख दिये। ये मुझे साफ़ नहि दिख रेहा था पेर मेन गुएस्स कर सकता था मोम अब जोर जोर से सिसकरियन लेकर मज़ा ले रहि थि और दद भि मसति मेन थे।
लेकिन अचनका जने कया हुअ कि दद रुक गये और उनहोने मोम को छोद दिया और मोम को लिपस पेर किस्स करते हुये बोले दरलिनग इ म सोर्री इ सनत गो बेयोनद लेत इ सोमे बसक, रज इस अलसो औत अनद इ म गेत्तिनग लते इ म वेरी सोर्री। मोम भि तब तक शनत हो चुकि थि पेर वोह उनसतिसफ़िएद लग रेहि थि। वोह नोरमल होते हुये बोलि इतस ओक और उनहोने अपना गोवन थीक किया। उसके बद दद ने मुझको अवज लगते हुये कहा रज र उ थेरे बेता मेन चौकन्ना हो गया और अपने को नोरमल करने लगा कयोनकि मेरा लुनद एकदुम खमबे के मफ़िक खदा हो गया था और मेरि धदकन भि नोरमल नहि थि। लेकिन जब तक दद दूर खोलते मेन नोरमल हो गया था। फ़िर दद ने दरवजा खोला और बोले दरिवेर को बुलओ और मेरे समन गदि मेन रखो। रात कफ़ि हो गयि हे उ दोनत नीद तो सोमे ऐरपोरत इ ल्ल मनगे अनद पलेअसे सी थे थे ओफ़्फ़िसे अनद फ़ोर ओने वीक तके लेअवे फ़रोम थे सोल्लेगे अनद अस्सिसत सनदी। मेन और मोम दद को दरोप करने जना चहते थे पेर दद ने सत्रिसकतली मना कर दिया। दद को हमने गूद बये कहा और दद ने हुमको बेसत ओफ़ लुसक कहते हुये किस्स किया।
जब दद चले गये तो मोम ने मुझसे कहा कि रजु आज तुम उप्पेर वले कमरे मेन हि सो जाओ मुझे कुच अच्चहा नहि लग रेहा हे। मेन तो ऐसे मौके कि तलश मेन हि था मेन एकदुम से थोदा झिझकने का नतक करते हुये हौन कह दिया। मोम और मेन फ़िरसत फ़लूर पेर आ गये और मोम बेद रूम मेन चलि गयि उनहोने मुझे पुछा कि र उ सोमफ़ोरतबले ना मेने कह येस। वोह बोलि असतुअल्ली इ म नोत फ़ीलिनग वेल्ल इसलिये तुमको परेशन किया मेन कह इतस ओक मोम। फ़िर मो उनदेर चलि गयि और मेन बहर सोम्मोन रूम मेन लिघत ओफ़्फ़ करके सो गया। मोम थोदा घबरा रेहि थि इसलिये उनहोने दरवजा बनद तो किया पेर लोसक नहि किया और निघत लमप ओफ़्फ़ नहि किया। अब मेरे को तो नीनद कहन आनि थि मेन तो मोम के सथ सपनो कि दुनियन सजा रेहा था और मेरि नज़र मोम कि असतिवितिएस पेर थि। करिब अधे गहनते बद मोम मेरे कमरे मेन आयि और जैसे हि उनहोने लिघत ओन कि तो देखा मेन भि लेता हुअ जग रेहा हुन।
मोम बोलि रज लगता हे तुमको भि नीनद नहि आ रेहि हे 2।00 बज गये हेन तुम भि शयद अपने दद के बरे मेन और कल ओफ़्फ़िसे के बरे मेन सोच रेहो हो। मैने कहा बात तो आप थीक कर रहि हेन पेर पता नहि कयोन मुझे ऐसि कोइ वोर्री नहि हे पेर नीनद नहि आ रेहि हे आप सो जाओ मेन भि सो जता हुन थोदि देर मेन नीनद आ जयेगि। मोम बोलि ओक रज पेर मेन थोदा सोमफ़ोरतबले नहि फ़ील कर रेहि हुन तुम सो जओ मेन लघत ओफ़्फ़ कर देति हुन।
तब मेन मोम से कहा कि मोम अगर आप बुरा ना मने तो ऐसा करतेन हेन कि उनदेर हि मेन भि अपके पास बैथा हुन बतेन कते हुये शयद नीनद आ जये। वोह बोलि गूद इदेरा चलो अनदेर आ जओ और मेन और मोम उनदेर बेद रूम मेन चले गये। मेन उनदेर चैर पेर बैथ गया और मोम बेद पेर बैथ गयि। फ़िर मोम बोलि रजु थनद जयदा हेन तुम भि बेद पेर हि बैथ जाओ। मेने मना करने का बहना बनया पेर मोम ने जब दुबरा बोला तो मेन उनके समने बेद पेर बैथ गया और रजै से अधा सोवेर कर लिया। अब मेन मोम को तसल्लि से वथ कर रेहा था और रजै के उनदेर मेन पयजमे का नदा थोदा धीला कर लिया था। फ़िर मेने मोम से कहा कि ओफ़्फ़िसे कि बात नहि करेनगे कुछ गप्प शप करतेन हेन मो बोलि ओक। तो मेने कहा मोम तुम बुरा ना मनो तो तुमसे एक पवत बात केहनि थि मोम बोलि सोमे ओन दोनत फ़ुस्स खुल कर कहो।
मैने कहा मोम उ र मोसत बेऔतिफ़ुल लदी इ एवेर मेत, इ रेअल्ली मेअन इत मेन गप्प शप नहि कर रेहा हुन। मेन आज से नहि जब से तुमको देखा हे तुमको अपनि कलपना अपना पयर और सब कुच मनता हुन। उ र रेअल्ली गरेअत मोम अनद उर फ़िगुरे इस मरवेलौस अनद एवेन मोसत गोरगेऔस गिरल ओफ़ 16 सनत बेअत उर बेऔती अनद सेनसुअलिती। मेन ये सब एक हि सथ कह गया कुछ तो मेन कहा कुछ मेन कहता चला गया पता नहि मुझे कया हो गया था। मोम मुझे देखति रहि और हसने लगि बोलि तुम पगल हो एक बुदिया के दिवने हो गये हो। मैने कहा नो मोम उ र मरवेल्लौस कोइ भि जवन लदकि तुमहरा मुकबला नहि कर सकति। मोम पलेअसे अगर तुम मेरि एक बात मन लो तो मेन तुमसे जिनदगि मेन कुछ नहि मनगुनगा। मोम बोलि अरे बुद्दहु कुछ बोलो भि ये शयरोन कि तरह शयरि मत करो मेन तुमहरि कया हेलप कर सकति हुन। मैने कहा मोम पलेअसे बुरा मत मन्नना पर मेन तुमको सबसे खुसुरत मनता हुन इसलिये अपनि सब से खुबसुरत लदी कि खुबसुरति को एक बर पुरि तरह देख लेना चहता हुन, मोम पलेअसे मना मत करना, नहि तो मेन सहसमुच मर जौनगा और अगर जिनदा भि रेहा तो मरे जैसा हि समझो।
मोम एकदुम चुप हो गयि और सोचने लगि फ़िर धीरे से बोलि रजु तुम सहसमुच दिवनेहो गये हो वह भि अपनि मोम के। अगर तुमहरि येहि इच्चहा हे तो ओक बुत परोमिसे मेरे सथ कोइ शररत नाहि करना नहि तो तुमहरे दद को बोल दुनगि और आनख मरते हुये बोलि तुमहरि पितै भि करुनगि। मैने कहा ओक पेर एक शरत हे कि मेन अपने आप देखुनगा आप शनत बैथि रेहो। मोम बोलि ओक मेन मोम के नज़दीक गया और मोम का गोवन का पेछे का बुत्तोन खोलकर मोम के गोवन को दोवन कर दिया फ़िर उसको उनकि कमर से नेचे लया। इसके बद मेने रजै हतयि। अब मोम मेरे समने उपेर से सेमि नुदे हो गयि थि उनके उप्पेरपेर केवल बरा हि रेह गयि थि।
मोम बिलकुल बुत कि तरह शनत थि मेन नहि समझ पा रेहा था कि उनको कया हुअ हे। मुझे लगता हे कि वह बदे सोनफ़ुसिओन मेन थि पेर मेन बदा खुस था और एक्ससितेमेनत मेन मेरि खुसि को और बदा दिया था। फ़िर मेने मोम का गोवन उनकि तनगोन से होते हुये अलग कर दिया। अब मोम केवक पनती और बरा मेन बेद पेर लेति थि। फ़िर मेने मोम कि बरा का हूक खोल दिया मोम कि एक चेख सि निकलि पेर फ़िर वह चुप हो गयि। फ़िर मेन मोम कि बरा को उनके शरिर से अलग कर दिया। उनके बूबस देखकर मेन पगल हो गय और एक्ससितेमेनत मेन मेने उनके बूबस को चूम लिया। मोम कि सिसकरि निकल गय पेर नेक्सत मोमेनत वहो सत्रिसत होति हुयि बोलि रजु बेहवे उरसेलफ़ तुमने वदा किया था। मेने कहा मोम तुम इतनि मसत चीज़ हि कि मेन अपना वद भुल गया। फ़िर मेने मोम कि पनती को निकलने लगा और मोम ने भि इसमे मेरि मदद कि पेर वोह एक बुत सि बनि थि। उनकि इस हरकत से मेन भि थोदा नुरवौस हो गया पेर मेने अपना कम नहि रोका। और पनती के नेकलते हि मेरे कलपनये सकर हो गयि थि मेन मोम कि चूत पेहलि बार देखि थि एकदुम चिकनि मकमल जैसि और एकदुम बनद ऐसा लगति थि जैसे सनतरे कि दो फ़नकेन होन। मेने बलुए फ़िलमोन मेन बहुत सि चूतेन देखि थि पेर वोह एकदुम चौरि और मरकस वलि होति हेन पेर मोम कि चूत को देखकर येह लगता हि नहि था कि वोह एक 32 साल कि औरत कि चूत हे। सबसे बदि बात ये थि कि वोह एक दुम सलेअन सवे बलद थि और गोरि ऐसि कि तजमहल का तुकदा। अब मेरे समने एक 32 साल कि लदकि ननगि लेति थि आप खुद सोचो ऐसे मेन एक 20 साल के लदके का कया हाल हो रेहा होगा।
फ़िर मेने कहा मोम पलेअसे मेन एक बर तुमहरि बोदी को महसुस करना चहता हुन कि एक औरत कि बोदी के रेअल तौवह का कया अहसस होता हे। मोम बोलि तुम अपना वदा यद रखो सोच लो वदा खिलफ़ि नहि होनि चहिये। मेन उनका सहि मतलब नहि समझ पया पेर उनकि ननगि कया देखकर मेन पेहले हि बेशुध हो चुका था अगर कोइ कमि थि तो मोम के रेसपोनसे कि और मेरे पेहले एक्सप कि वजह से झिझक कि। फ़िर मेन मोम के लिपस का एक दीप किस्स लिया उअर उनको उनकि पेथ से बहोन मेन ले लिया और उनकि पीथ पेर रुब करने लगा। मोम का कोइ रेसपोनसे नहि आया पेर उनके बूबस का तौच मुझे पगल कर रेहा था ऐसा तौच मुझे पेहलि बर हुअ था मेन समझ नहि पा रेहा था कि वोह बूबस थे या मरबले और वेलवेत्ते का मिक्स, आअह फ़रिनदस इत वस अ रेअल्ली गरेअत फ़ीलिनग। उसके बाद मेने मोम को पलता और अब उनकि पीथ पेर किस्स करने लगा और उनके बूबस को मसलने लगा। ऊह इ वस इन 7थ सकी फ़रिएनदस इ सनत तेल्ल उ कया मज़्ज़ा आ रेहा था। मोम भि अब कोइ विरोध नहि कर रहि थि पेर उनका रेसपोनसे बहुत पोसितिवे नहि था। पेर मुझे अब इस बात का कोइ अहसस नहि था कि मोम कया सोच रहि हे। मिएन तो सचमुच जन्नत के दरवजे कि तरफ़ बद रेहा था और मोम कि बोदी का तसते ले रेहा था।
मोम के बूबस का रस सचमुच बदहि रसीला था मेने अब उनके निप्पले पेर दनतो से कतना सुरु किया तो मोम पेहलि बार चीखि और बोलि अरे कात दलेगा कया, आरम से कर हरमि। मिएन समझ गया कि अब मो भि मसत हो चुकि हेन मेने अपना पयजमा उतर दिया और बनियन भि उतर दि अब मेन केवल उनदेरवेअर मेन था। कुच देर मोम के बूबस छोसेने के बाद मेने मोम कि नवेल पेर किस्स करना सुरु कर दिया तो मोम बे पेर उछलने लगि और सिसकरिया लेने लगि। मिएन हथोन से उनके बूबस दबा रेहा था और होनथोन से उन नवेल को चुम रेहा था। फ़िर मेन और नेचे गया और मोम के अबदोमेन के पस और पुबिस अरेअ मेन किस्स करने लगा। दोसतोन मेन बता नहि सकता और आप भि केवल मस्सुस कर सकते हिएन कि कया मज़्ज़ा आ रेहा था।
इसके बाद मेने मोम कि तनगोन पेर भि हाथ फ़िरना शुरु कर दिया उनकि तनगेन बदि मुलयम और समूथ थि। मुझे लगता हे मो अपनि बोदी का बहुत खयल रेखति हेन और दद भि तो उनकि इस लजबब बोदी के गुलम हो गये थे। बुत शे इस गरेअत लदी रेअल्ली इन अल्ल रेसपेसत और इस तिमे तो वोह मेरि सलिओपेत्रा बनि हुयि थि। अब मेन मोम कि तनगोन और जनघोन पेर अपना कमल दिखन शुरु कर दिया और मेन कभि उनको चुमता कभि दबता और कभि रुब करता। मोम भि अब तक मसत हो चुकि थि और मेरा पुरा साथ दे रहि थि पेर मेने अब तक एनत्री गते पेर दसतक नहि दि थि मेन मोम को पुरा मसत कर देना चहता था और मेने अपने लुनद को फ़ुल्ल सोनत्रोल मेन रखा था। मेन मोम कि बोदी को अभि भि अपने होनथो और उनगलियोन और हथोन से हि रोनद रेहा था।
अब तो मोम भि पुरि तरह गरम हो चुकि थि और वदे वलि बात भुलकर मसति मेन पुरे जोर से मेरा सथ दे रहि थि। और चेखने लगि अरे रजु अब आ भ जा यार पलेअसे मत तदपा जलिम जलदि से मेरे उपेर आ जा। मेने कहा बुस मोम जुसत वैत मेन तययर हो रेहा हुन बु एक मिनुते रूक जाओ मेन भि आता हुन। तभि मोम ने मेरा उनदवेअर नेचे खेनसक दिया और वोह बोलि अबे मदर छोद अपनि मोम कि बात नहि मनेगा। इतना कहकर उनहोने अब मेरा लुनद पकद कर जोर से दबा दिया मेरि तो चीख निकल गयि और अब तक जो मेरा लुनद तययर था बिलकुल बेतब हो गया।
मेने मोम कि दोनो तनगोन को दूर करते हुये उनकि रिघत थिघ पेर बैथ गया और उनके चूतद को दोन्नो हथोन से धकेलते हुये अपना लुनद उनकि चूत के पास ले गया और पुरे जोर का धक्का दिया तो मेरा अधा लुनद उनक चूत मेन समा गया। मेरि तो चेख निकल गयि लेकिन मोम को कुछ तसल्लि हुयि और वोह मेरे अगले असतिओन का इनतज़ार करने लगि। मेने एक और ज़ोरदर धक्का लगया तो पुरा लुनद उनदेर चला गया अब मेने धीरे धीएरे उनदेर बहर करना सुरु किया और मोम कि दुसरि जबघ को अपने कनधे कि तरफ़ रख दिया रिघत थिघ पेर बैथ कर अपना चुदै करयकरम सुरु कर दिया। अब तो मोम पुरे मज़े मेन आ गयि और मेरा पुरा सहयोग करने लगि। पुरे कमरे मेन मेरे और मोम के चुदै परगरम का मुसिस सुरु हो गया।
मोम भि शह्हह।।अह्हह करने लगि बोलि अनदर तक घुमदे अपना लुनद,,मैं भि जोर से अनदर बहर करने लगा बोलि मसति आ रहि है तुझेभि, मज़ा आ गया आज बहुत दिन बाद जवानि का मज़ा पाया है कसम से आज तुने मुझे अपनि जवानि के दिन याद दिला दिये अयययययीईईईइ ईईईईईस्सस्सस्सस्स मैर भि बहुत जोश के साथ चुदायि कर रहा था मैं बोलै आज तेरि चूत कि धज्जियान उदा दूनगा अब तु दद से चुदवाना भूल जायेगि हर वकत मेरा हि लुनद अपनि चूत मे दलवाने को तदपा करेगि मोम - आआआआआह्हह्हह्हह्ह आआआयीईईईइ कया मज़ा आ रहा है, फ़ुसक मे हरद र्रर्रर आआआआआ ज्जज्जज्जज्जज्ज ऊउ जूऊऊउ सोमे ओन और फ़सत उ मी दरलिनग। मेन भि बोला येस मी फ़ैर लदी सुरे।
मोम बोलि मुझको सनधया के नाम से बुलओ कहो सनधया मेरि जान, मेने ओक सनधया दरलिनग ये ले मज़्ज़ा आअ रेहा हे ना आज मेन भि अपने लुनद से तेरि चूत को फ़द के रख देता हुन। वह चिल्ला रहि थि आअह गूद। म्मम्मम्मम्मम्मम आआअह्हह्हह्हह्हह्ह उह्हह्हह्हह्हह्ह म्मम्मम्मम्म। फ़िर अचनक जब मुझे कुछ दबव सा महसूस होने लगा तो मोम बोलि रजु अब बुस एक बार अब धीरे धीरे कर दे मेरा तो पनि निकल दिया तुने। मेने सपीद थोदा कम कर दि और अब मोम और मेन थकने भि लगे थे। अचनक मेरा सरा दबव मेरे लुनद के रसत मोम कि चोत कि घति मेन समा गया और मोम भि शनत हो गयि। और हु दोनो एक दुसरे के उपेर लते गये। मेरा लुनद मोम कि चूत के उनदेर हि था एक दुसरे से बिना कुच बोले हि हुम दोनो वैसे हि सो गये। मोरनिनग जब नीनद खुलि तो 6।00 बज गये थे और मेरा लुनद मोम कि चूत मेन वैसे पदा था।
मेने मोम को जगया तो वह शरमने सा लगि फ़िर बोलि रजु तुम तो एकदुम जवन हो गये हो, तुमने आज इस 32 सल कि बुदिया को 16 साल कि गुदिया बना दिया।तब मेने कहा अब तु मुझे बुलयेगि कयो बोल? और उसने मुझे अलग करके दूर करते हुये कहा जरुर मेरि जान। अपने उपर लितया मुझे किस्स किया मैने भि फिरसे मोम के मथे पर, बूस पर, नभि पर किस्स कर बगल मे हि लेत गया और सुबा तक एक सथ लिपत केर चिपक कर सोये रहे, 7।00 बजे मोम ने उथया और मुसकरयी, बोलि यद रखना इसको रज रखना?मैं भि बोला ऐसे हि एनत्रतैनमेनत करति रहना।

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