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किरायेदार भाभी की चुदाई मजेदार

Saturday, 2 December 2017

स्तो हमारा नाम राघवेंद्र है और हमारे घर में पिछले 3 महीनो से एक नये किरायेदार रहने के लिए आए हुए है। उनकी फेमिली में 3 लोग है भाभी, भैया और उनकी एक छोटी लड़की और वह लोग हमारे घर के सबसे ऊपर वाले हिस्से में रहते है। जहाँ पर 3 रूम और एक किचन है और एक टॉयलेट बाथरूम अटेच है। भाभी के पति सप्ताह में 5 दिन बाहर रहते है और रविवार को ही घर में पूरे दिन साथ में रहते थे।
वो दिखने में अच्छी थी और उन्हें देखकर लगता था कि शादी को अभी केवल 4 या 5 साल हुए है। हमारा रूम भी छत पर ही था। भाभी रात तक काम करती थी और वह हमारे सामने कई बार दिखती थी.. क्योंकि किचन रूम के बाहर था और इतनी ज्यादा बार बार दिखने की वजह से हमारा भी मन उनको बार बार देखने को होता था और में छत पर कुछ सामान फेंकने के बहाने या फ़ोन पर बात करने के बहाने से भाभी के सामने बार बार जाता था।
फिर में रात भर भाभी के बारे में सोचने लगा। भाभी के ख़याल से ही हमारा 7 इंच लंबा लंड खड़ा हो जाता था। अब हमने एक प्लान बनाया क्यों ना भाभी से बात की जाए और उनसे फ्रेंडशिप बड़ाई जाए और फिर में उनसे पानी माँगने के बहाने जाता था और हमने उनसे बातें करना शुरू कर दिया। धीरे धीरे हमारी दोस्ती बढ़ने लगी और में उनसे बहुत बातें करने लगा। उनको कोई सामान माँगना होता था तो वह हमसे कहती थी। वह हमें धीरे धीरे बहुत अच्छी लगने लगी।
अब एक दिन हमने उनको कहा कि भाभी हम फिल्म देखने चलें तो उन्होंने मना कर दिया और ये सुनकर हमें भाभी के ऊपर बहुत गुस्सा आया.. लेकिन में क्या कर सकता था? फिर एक दिन में कंप्यूटर पर थोड़ी तेज़ आवाज़ में गाने सुन रहा था तो वो अपने रूम से निकल कर हमारे रूम में आई और उन्होंने हमसे कहा कि क्या तुम्हारे पास कंप्यूटर है? और तुमने हमें कभी बताया ही नहीं वह क्यों? फिर हमने उनसे बोला कि इसमे बताने वाली क्या बात है? तो उन्होंने कहा कि उन्होंने पिछले 6 महीनो से कोई नयी फिल्म नहीं देखी है और उन्होंने बोला कि एक अच्छी सी फिल्म की डीविडी लेकर आओ और हम साथ में फिल्म देखेंगे।
अब हमने कहा कि ठीक है और फिर हमने उनसे पूछा कि क्या आपको हॉलीवुड फिल्म पसंद है? अब उन्होंने कहा कि हाँ हमने कहा कि इस कंप्यूटर में 100 से ज्यादा फिल्म है क्या आप देखेंगी? उन्होंने कहा कि हाँ लेकिन खाना खाने के बाद। अब हमने कहा कि ठीक है और वह जल्दी से खाना बनाने चली गई और हमने भी खाने के बाद अपने रूम का दरवाज़ा बंद कर दिया और लाइट बुझा दी यह देखकर में दंग रह गया और हमें लगा कि वो नहीं आने वाली तो हमने क्या किया कि अपने कपड़े उतारे और केवल अपनी अंडरवियर में ही सो गया रात को करीब 11.30 बजे हमारे रूम के दरवाज़े पर आवाज़ हुई हमने झटके से दरवाज़ा खोला तो क्या देखा कि वो हमारे सामने खड़ी थी और में भाभी के सामने अंडरवियर में ही था और हमने उस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया और फिर हमने उनसे बोला कि हमें लगा कि आप नहीं आओगी.. तो उन्होंने कहा कि चलो अंदर चल कर बातें करे। अब यह सुनकर हमारा लंड एकदम से फनफनाने लगा.. खेर हमने भाभी के सामने शर्ट पहनी और भाभी के सामने बैठ गया उन्होंने कहा कि में यह सोच रही थी कि बेबी सो जाए तब आराम से फिल्म का मज़ा लेंगे।
भाभी ने उस समय सूट पहन रखा था और दुपट्टा नहीं डाला हुआ था और हमारी नजरे बार बार उनकी चूची को देख रही थी और अब भाभी ने हमें फिल्म चलाने को कहा और हमने फिल्म चलाई। 45 मिनट देखने के बाद वो बोली कि क्या कोई हिन्दी फिल्म नहीं है तुम्हारे पास? अब हमने कहा कि एक है तो उन्होंने कहा कि चलाओ तो हमने बोला कि ठीक है और हमने मर्डर फिल्म लगा दी.. फिल्म चलने लगी भाभी सोफे पर लेट कर फिल्म देख रही थी और में अपने बेड पर।
फिर जब फिल्म चल रही थी तो में भाभी को बार बार देख रहा था और वो भी कभी कभी हमें देखती अब बहुत गरम सीन शुरू हुआ और भाभी हमें देखती और मंद मंद मुस्कुराई और में भाभी को बार बार देखता और मुस्कुराता रहा। अब हमने उनसे कहा कि भाभी आप बेड में आराम से लेट जाओ और में सोफे पर लेट जाता हूँ।
अब उन्होंने कहा कि ठीक है और में उठकर गया और फिर हमारा लंड हमारी शर्ट में टेंट बना हुआ था तो उसे भी भाभी ने देख लिया और लंड को देखकर अपनी गर्दन को हल्का सा घुमा लिया और मुहं उधर की तरफ घुमा कर हल्का सा मुस्कुराई। हमें ये देखकर मज़ा आ गया। फिर में सोफे पर लेट गया और वो बेड पर आराम से लेटी हुई थी हमारा लंड अब एकदम लंबी रोड बन चुका था.. मन तो कह रहा था कि अभी भाभी को लेटाकर पूरा का पूरा लंड उनकी बुर में डाल दूँ लेकिन हिम्मत नहीं हो रही थी।
अब हमने अपने लंड पर बार बार हाथ फैरना शुरू किया और में भाभी को भी देख रहा था और वह भी हल्का हल्का मुस्कुराती और जब उनसे हमारी नज़रें मिली अब फिल्म ख़त्म हो गयी और फिर हमने एक दूसरी हॉलीवुड फिल्म जो की हिन्दी में डब थी वह लगा दी। फिल्म चलते चलते 2 बज चुके थे और भाभी को जब हमने मुड़कर देखता तो वह किसी भी तरह से नहीं हिल रही थी। फिर हमने उठकर उनको पास से देखा क्या ग़ज़ब लग रही थी.. हमने मोबाइल की लाईट जला कर देखा तो वह सो चुकी थी। हमारे लंड का बुरा हाल हो चुका था और फिर हमने हिम्मत की और भाभी के पास में लेट गया।
करीब 20 मिनट लेटने के बाद हमने धीरे से उनको टच किया.. लेकिन वह कुछ नहीं बोली और हमने फिर से उनको कसकर टच किया और उनकी पीठ पर हाथ फैरे तो उन्होंने कोई विरोध नहीं किया और हमने धीरे धीरे उनकी बुर सहलाई। क्या बताऊँ मित्रों दिल की धड़कन तेज़ी से बढ़ती जा रही थी और इतना मज़ा आ रहा था कि क्या बताऊँ और अब डर पूरी तरह से ख़त्म हो चुका था। हमने उनकी सूट के अंदर हाथ डालकर बूब्स को दबाना शुरू किया और भाभी के निप्पल को रगड़ना शुरू किया। लेकिन ये सब ठीक से नहीं हो पा रहा था। बार बार ब्रा बीच में फंस रही थी। फिर हमने उनकी सूट उतारा और जब सूट पीठ तक आया तो ऊपर नहीं हो पा रहा था। अब हमने भाभी को हल्का सा ऊपर उठाया और में क्या बताऊँ मित्रों.. में भाभी के ऊपर कूद पड़ा और उनको पागलो की तरह किस करने लगा। अब वो उठी और उन्होंने अपनी सलवार को भी उतार दिया। हमने उनकी बूब्स को मुहं में लिया और ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा। हमें इतना मज़ा कभी नहीं आया था और हमने उनको बहुत देर तक चूसा, चाटा और दबाया। अब हमने अपनी शर्ट और अपना अंडरवियर को उतार दिया और हमारा लंड बार बार भाभी की नाभि पर और भाभी के पेट पर लग रहा था।
हमने एक हाथ से उनकी पेंटी को उतारा और उनकी बुर को सहलाने लगा.. उनकी बुर पर बहुत छोटे छोटे बाल थे। लगता था कि जैसे 5 दिन पहले उन्होंने अपनी झांट साफ की थी और फिर हमने अपनी बीच की ऊँगली को उनकी बुर में डाल दिया। उनकी बुर से पानी निकल रहा था और में उनकी बूब्स को लगातार चूस रहा था। अब भाभी ने कहा कि बस अब हमसे रहा नहीं जाता.. प्लीज डालो ना इसे हमारी बुर में। बहुत दिनों से यह लंड की प्यासी है प्लीज। अब हमें और भी जोश आ गया और में भाभी के दोनों पैरो को फैलाकर बुर के सामने बैठ गया और हमने लंड को बुर पर सेट किया और जोश में आकर एक जोर का धक्का मारा और अब हमारा पूरा का पूरा लंड उनकी गीली बुर में एक बार में ही चला गया और फिर भाभी के चहरे से साफ पता लग रहा था कि उनको कितना दर्द हुआ है।
थोड़ी देर बाद वह सिसकियाँ लेने लगी और में धीरे धीरे लंड को बुर में आगे पीछे करने लगा और चुदाई में व्यस्त हो गया। फिर करीब 30 मिनट की चुदाई के बाद में उनकी बुर में ही झड़ गया और पूरा का पूरा वीर्य बुर में डाल दिया और भाभी के ऊपर ही पड़ा रहा और उनकी चुचियों को चूसने लगा और वह मस्त होकर चुदाई के मजा लेने लगी और फिर कुछ देर बाद में उठा और लंड को बुर से बाहर निकाला पूरी बेडशीट वीर्य से गीली हो चुकी थी। फिर हमने उठकर कपड़े पहने और भाभी अपने रूम पर चली गई.. लेकिन उसके बाद हमारी चूत चुदाई के सिलसिला जारी रहा और हमने बहुत बार चुदाई का मजा लिया ।

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भाभी की चुदाई नौकरी के बहाने

Friday, 1 December 2017

ल्लो दोस्तों, मेरा नाम राहुल है और में हल्द्वानी का रहने वाला हूँ. मेरी उम्र 27 साल है और में दिखने में थोड़ा अच्छा हूँ, लेकिन मेरे शरीर की बनावट में कोई कमी नहीं है में अच्छा ख़ासा लंबा चौड़ा हूँ और एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता हूँ.
यह घटना आज से तीन महीने पहले की है जब में एक दिन अपने बहुत पक्के दोस्त की दुकान पर बैठा हुआ उससे बातें कर रहा था.
तभी कुछ देर बाद उसकी दुकान पर एक 25 साल की भाभी जी आई, उनका नाम आरती था और वो कुछ कपड़े खरीदने आई थी,
तो वो उसे कपड़े दिखाने लगा और मज़ाक भी कर रहा था, शायद वो उसकी पुरानी ग्राहक थी, वो भी इसलिए उसकी बातों का बहुत हंस हंसकर जवाब दे रही थी.
में भी वहीं पर बैठा अपने मोबाईल पर मैसेज पढ़ रहा था और में भी अपनी मस्ती में मस्त होकर मैसेज को पढ़कर हंस रहा था.

मैसेज दो मतलब का

तभी वो भाभी मेरी तरफ देखकर मुझसे बोली कि क्या तुम हमारी बातें सुनकर हंस रहे हो? तब मेरा ध्यान उनकी तरफ गया, उनका फिगर का आकार करीब 24-28-32 था और वो दिखने में एकदम पतली बिल्कुल मस्त और बहुत ही सुंदर थी.
में कुछ देर उनके सेक्सी उभरे हुए बूब्स को घूरकर देखता रहा और फिर में वहां से उठा और उन्हे अपना मोबाइल दिखाकर दोबारा मैसेज पड़ने लगा, वो मैसेज दो मतलब का था जिसको पढ़कर वो भी हंसने लगी और मेरी तरफ देखने लगी.
दोस्तों कसम से क्या बताऊँ जिस अंदाज से उसने मुझे देखा, में उन पर फिदा हो गया और में लगातार उनके सुंदर चेहरे, सेक्सी बदन को देखता रहा. फिर उसने मुस्कुराकर मुझसे पूछा कि आप क्या करते हो? तो मैंने उन्हे अपने बारे में सब कुछ बता दिया, तभी उसने मुझसे कहा कि प्लीज तुम मेरी भी अपनी कम्पनी में नौकरी लगवा दो.
मैंने उन्हे अपना मोबाईल नंबर दे दिया वो कुछ देर बाद वहां से चली गई और फिर उसके चले जाने के बाद मेरे दोस्त ने मुझे बताया कि इस भाभी की चुदाई  कई लोगों ने की है .
तभी तो वो हर किसी को अपने जाल में फंसाकर अपना बना लेती है. फिर मैंने भी अपने दोस्त से कहा कि अपने को उससे क्या बस भाभी की चुदाई से मतलब है
एक बार भाभी की चुदाई हो गयी उसके बाद अपने अपने रास्ते और फिर हम दोनों हंसने लगे.

फोन आने का इंतजार

अपने दोस्त से उसकी सारी जानकारियां ले ली और उसका फोन आने का इंतजार करने लगा.
ठीक दो दिन बाद उसका मेरे नंबर पर फोन आया और वो मुझसे बोली कि मेरी नौकरी का क्या हुआ? तो मैंने उन्हे कहा कि वक़्त आने पर सब लगा दूँगा, लेकिन उसके बदले में मुझे क्या मिलेगा? तो भाभी मुझसे बोली कि जो आप मुझसे चाहोगे वो सब कुछ मिलेगा.
मैंने कहा कि आप एक बार और सोच लो? तो भाभी बोली कि हाँ मैंने सब कुछ पहले ही सोच लिया है.
तभी मैंने मौका देखकर भाभी से कहा कि अगर में भाभी की चुदाई माँग लूँ तो बोलो क्या कहोगी?
वो बोली कि चल हट झूठा मुझसे मजाक करता है और उसने फोन कट कर दिया. फिर कुछ देर बाद उनका दोबारा फोन आया और मैंने फोन कट करने के बारे में पूछा तो वो बोली की बेट्री खत्म हो गई थी और फिर उसने मुझे दूसरे दिन मिलने को अपने घर पर बुलाया. अब तक हम बहुत खुलकर बातें करने लगे थे, वो मुझे अपनी हर एक बात बता रही थी.

घर पर  इंतजार

उसके बाद मैंने कहा कि ठीक है हम कल मिलते है और फोन रख दिया और फिर अगले दिन उन्होंने मुझे फोन करके अपने घर का पता बताया जो कि मेरे घर से करीब पांच किलोमीटर दूर था. में अपनी बाइक लेकर करीब दिन में दो बजे उससे मिलने चला गया और वो अपने घर पर मेरा इंतजार कर रही थी.
घर पर पहुंचते ही उन्होंने जल्दी से मुझे अंदर बुलाकर बैठने को कहा.
कुछ देर बैठकर उनसे पूछा कि उनका पति कहाँ है? तो वो बोली कि वो इस समय ड्यूटी पर गये है इसलिए वो घर पर एकदम अकेली है और फिर उन्होंने मुस्कुराकर मुझसे पूछा कि बताओ क्या पियोगे?
मैंने कहा कि जो आप पिला दो, वो बोली कि जहर, तो में भी मज़ाक में बोला कि हाँ भाभी वो भी आप मुझे पिला दो, लेकिन अपने गुलाबी रसीले होंठो से लगाकर.
अब वो शरमाकर नीचे देखने लगी कि तभी मैंने उनका एक हाथ पकड़ लिया और उन्हें अपनी तरफ खींच लिया और वो झट से मेरे ऊपर आ गिरी.

भाभी जोश में

तुरंत अपने होंठ उनके होंठो पर रख दिए, लेकिन उन्होंने मुझसे मना नहीं किया और फिर वो मेरा साथ देने लगी. अब में उन्हे किस करते हुए उनके गले को चूमने लगा और उनके बूब्स को ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा कुछ देर बाद उन्हे भी मज़ा आने लगा और उनका शरीर गरम होने लगा.
उन्होंने सेक्सी आवाज़े निकालनी शुरू कर दी और ज़ोर से आअहहह उफ्फ्फ्फ़ प्लीज वाह मज़ा आ गया स्सईईईई करने लगी और सिसकियाँ लेने लगी.
जोश में आकर बिना कुछ बोले और कस कसकर उनके बूब्स को दबाना और मसलना शुरू कर दिया. अब में कभी उनके होंठो पर किस करता तो कभी गालों पर, कभी गले को चूमता और धीरे धीरे उनके बूब्स के बीच में अपना मुहं डालते हुए वहां पर ज़ोर ज़ोर से चूमने लगा,
लेकिन तभी उन्होंने मेरा हाथ एक ज़ोर का झटका देकर तुरंत अपने बूब्स पर से हटा दिया और तुरंत अपना ब्लाउज उतार दिया और फिर ब्रा को उतारते हुए उन्होंने मेरी शर्ट को भी उतार दिया.
अब में बहुत ज़ोर से पूरे जोश में आकर उनके बूब्स को दबाने और चूसने लगा, जिसकी वजह से भाभी को बहुत मज़ा आ रहा था और वो भी जोश में आती जा रही थी और अब मेरा एक हाथ भाभी की चूत को सहला रहा था, वो सिसकियाँ ले रही थी और आआअहह आईईईई उफफ्फ्फ्फ़ कर रही थी.
दोस्तों में अपने एक हाथ से उनके एक बूब्स को दबा रहा था और दूसरे से उनकी चूत को मसल रहा था.
कुछ देर बाद जब मैंने उनकी चूत के छेद में अपनी एक उंगली डाली तो वो बहुत ज्यादा जोश में आ गई और आईईईइईई सीईईईईईईई करने लगी और वो मेरे सर को ज़ोर से अपनी छाती के ऊपर दबाने लगी.

भाभी की चूत में लंड

मैंने भाभी की ब्रा को उतार दिया और उनके मस्त गोल, बड़े बड़े बूब्स को दबा दबाकर चूसने लगा और वो मेरे कपड़े उतारने लगी. फिर कुछ ही देर बाद में सिर्फ़ अंडरवियर में था और भाभी भी पेंटी में थी. मैंने भाभी के पूरे बदन को किस किया और चाटना करना शुरू कर दिया.
भाभी ने भी मेरा जमकर पूरा पूरा साथ देना शुरू कर दिया था और अब मैंने उनको स्मूच करते हुए भाभी की चूत में अपना लंड डाल दिया.
एक बार में मेरा आधा लंड ही अंदर गया था और फिर दूसरे झटके में मैंने अपना पूरा लंड अंदर डाल दिया और मेरे ऐसा करते ही उनके मुहं से एक ज़ोर की चीख निकल पड़ी और उन्होंने मुझे कसकर पकड़ लिया.
उनके होठों को अपने होठों में दबा लिया और कुछ देर रुक गया. धीरे धीरे जब भाभी की चुदाई का दर्द कम हो गया तो मैंने अपने लंड को अंदर बाहर करना शुरू कर दिया था और अब भाभी को भी बड़ा मज़ा आने लगा था.

चूत झड़ गयी

उन्होंने भी मेरा साथ देना शुरू कर दिया और वो मुझसे बोली कि हाँ और ज़ोर से करो राहुल आह्ह्ह्हह्ह तेज उफ्फ्फ्फ़ हाँ जितना तेज आईईईइ तुम कर सकते हो करो. फिर में भी उनके मुहं से यह बात सुनकर ज्यादा जोश में आ गया और में अपनी पूरी ताक़त से उनकी चूत में अपने लंड को झटके देने लगा.
फिर भाभी की चुदाई करीब 30 मिनट तक चली और इतनी देर में भाभी तीन बार झड़ चुकी थी और में भी कुछ देर बाद उनकी चूत के अंदर ही झड़ गया. फिर हम दोनो नंगे ही एक दूसरे से लिपटकर लेटे रहे और में उनके बदन से कुछ देर खेलता रहा.
दोस्तों मैंने उनको अपनी चुदाई से पूरी तरह से खुश कर दिया था और वो मेरी चुदाई से बहुत संतुष्ट थी. फिर कुछ देर बाद में वहां से अपने घर पर चला आया.

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अम्मी ने गांड मरवा दी मेरी

Thursday, 16 March 2017

मेरा नाम हबीब है में मुंबई में रहता हूँ में १८ साल का हूँ ,घर में मेरी अम्मी (४६) और आपा (२२) के साथ रहता हूँ ,मेरे अब्बाजान दुबई में नोकरी करते है , में बचपन से ही सेक्स की जानकारी नहीं के बराबर रखता हु, और जब में 16 साल का था तो अब्बू ने मेरे को पि सि लाकर दिया था, or ghar  par  brodband  ka  कनेक्सन भी करवा दिया था,अब्बू हर तिन महीने से घर आते रहते है , आपा (जिसका नाम रजिया है ) कॉलेज छोड़ चुकी है ,  और बच्चो को टुसन पढ़ाती है, वो दिखने में बहुत ही हसीं है ,
 अम्मी (जिसका नाम नजमा है ) थोड़ी मोटी है लेकिन पेट बहार नहीं आने दिया है , एक साल पहले मेरे अब्बू आये तो उन्होंने एक टूटर को मेरे लिए लगा दिया , वो टूटर hindu  था  और बहुत ही smart  था , वो ४० साल का था और कंवारा था ,
 एक दिन अम्मी और आपा दोनों ही किसी काम से बहार गयी थी , और टूटर जिसका नाम राज है वो aa  गया और मुझसे अम्मी के बारे में पूछा.
मैंने जब बताया की वो और आपा कल ही आएगी तो वो खुश हो गए , और बोले तुम्हारे pc  पर में काम कर सकता हूँ क्या मैंने कहा क्यों नहीं सर
और सर ने नेट पर एक साईट  चलादी जिसमे बहुत ही सेक्सी विडिओ थे , raj sir ne उसमे एक विडिओ दिखाया जो गे विडिओ था उसमे एक लड़का एक आदमी का लुंड चूस रहा है और बाद में गांड भी मरवाता है'में पहली बार ये सब देख रहा था , मुझे बहुत ही अजीब लग रहा था , और अच्छा भी लग रहा था.
फिर सर ने धीरे धीरेमेरा लंड सहलाना शुरू कर दिया , अब सर ने मेरी चुम्मी ले लीऔर कहा की कैसा लग रहा है में तो पागल ही हो गया था . बहुत ही मजा आरहा था क्योंकिपहले कभी मैंने ये सब नहीं किया था.
सर ने मेरा लंड पजामे से बहार निकल लिया और बोले = हबीब तेरा तो लंड बहुत ही छोटा है ,तू इसकी मालिश नहीं करता है क्या ,मैंने कहा नहीं सर तो सर ने कहा - अगर तू मालिश नहीं करेगा तो तेरा लंड छोटा रहा जायेगा और तू कभी अपनी बेगम को चोद नहीं पायेगा ,
क्या तुमने कोई लड़की को चोदा है कभी मैंने कहा नहीं सर ,सर ने कहा - अभी तक कोई लड़की को नहीं चोदा तुम 18 साल के हो चुके हो , जब की मुसलमानों में तो 18 साल के लड़के 2-3 बच्चो के बाप बन जाते है ,और तुम अभी तक लंड हिलाना भी नहीं सीखे हो .मुझे अजीब सा लग रहा था पर मज़ा भी बहुत आ रहा था ,सर मेरा लंड हिला रहे थे और मेरी पप्पिया भी ले रहे थे , तभी कालबेल बजी मेरा खड़ा लंड एक ही झटके में बेठ गया . बहार मेरा दोस्त जुनेद आया था , वो भी राज सर से ही टुसन पढता था उसे देख कर राज सर बहुत ही खुश हो गए और उसको गले से लगा लिया ,और सर ने जुनेद से पूछा -जुनेद तुम्हारी अम्मी कैसी है . जुनेद बोला ठीक है सर आपको बहुत ही याद करती है ,मुझे भी आपकी बहुत याद आती है
आप ने तो घर आना ही छोड़ दिया है . राज बोले जुनेद क्या करू तेरे बाप ने तो मेरी इज्जत ही ख़राब कर दी थी .जुनेद ने कहा - अब कोई डर नहीं है अब्बू कुवैत गए है और महीने से आयेंगे आप आराम से घर आओ अम्मी आपको बहुत ही याद करती है ,यह सुनकर राज सर बहुत ही खुश हो गए और उन्होंने जुनेद को
अपनी गोद में बिठालिया और उसकी पप्पी करने लगे . मेरी समझ में कुछ नहीं आ रहा था तभी सर ने पूछा हबीब तेरी अम्मी कब आएगी मैंने कहा वो तो कल ही आएगी.
सर बोले आओ फिर आज में तुम्हे जन्नत की सैर कराता हूँ. अब सर ने जुनेद की पेंट उतर दी और मुझे भी अपना पजामा उतारने को कहा सर भी अपनी पतलून उतारने लगे ,में थोडा डर रहा था तभी जुनेद बोला हबीब मेरे यार डर मत सर बहुत ही मज़ा देते है और जुनेद मेरे पजामे को उतार कर मेरे लंड को हिलाने लगा और अचानक ही उसने मेरे लंड को अपने मुंह में ले लिया में तो जैसे हवा में उड़ने लगा ,आज जिन्दगी में पहली बार इतना मज़ा आ रहा था जुनेद मेरा लंड चूस रहा था और सर ने अपना लंड खड़ा किया सर का लंड बहुत ही गोरा और लम्बा था करीब १० इंच का और २ इंच मोटा भी था .अब सर जुनेद के पीछे चले गए और जुनेद की गांड पर अपना थूक लगाने लगे . मुझे लगा की अब तो जुनेद की गांड फट ही जाएगी लेकिन जुनेद तो पूरा का पूरा लंड अपनी गांड में झेल गया ,और मेरा लंड जोर जोर से चूसने लगा थोड़ी देर बाद मुझे ऐशा लगा की में उड़ रहा हु अचानक ही मुझे पेशाब के जैसा लगा ,और मेरे लंड से सफ़ेद सा कुछ निकलने लगा और वो सब जुनेद निगल गया . थोड़ी देर बाद सर भी जुनेद की गांड में ही झड गए . जुनेद ने सर का लंड भी चाट चाट कर साफ़ कर दिया  ,जुनेद ने अपना लंड जो मेरे से भी छोटा था उसको हिलाने लगा और वो भी झड गया ये मेरी जिन्दगी का पहला तजुर्बा था .फिर सर चले गए घरपर में और जुनेद ही रह गए जुनेद मेरा दूर का रिश्तेदार भी लगता था .रत को हम एक ही बिस्तर पर सो गए और हम बातें करने लगे, मैंने जुनेद से पूछा ये सब कब से चल रहा है तो जुनेद ने बताया की बात एक साल पहले की है .जब उसने राज सर से टुसन चालू की थी राज सर दोपहर में उसको पढ़ने आते थे ,तब जुनेद के घर में जुनेद की अम्मी और जुनेद ही होते थे कभी कभी जब सर आते तो जुनेद को उसकी अम्मी कोई काम से उसको बहार भेज देती थी ,ऐसे ही एक दिन जब जुनेद की अम्मी ने उसको किसी काम से बहार भेजा तो थोड़ी देर बाद जुनेद को याद आया की वो पैसे तो लाया ही नहीं .जब जुनेद वापस घर आया तो घर का मेन गेट बंद था तो जुनेद पीछे के रस्ते से घर में आया तो उसने देखा की राज सर उसकी अम्मी के साथ एकदम नंगे बिस्टर पर लेटे हुए है . जुनेद सब समझ गया . तभी राज सर ने उसको देख लिया और राज सर ने उसे इशारे से चुप रहने को कहा और जब चुदाई पूरी हो गयी तो राज सर जुनेद की अम्मी के मुंह में झड गए अब जुनेद वापस मेन गेट से घर के अंदर आया .राज सर ने जुनेद को 200=रूपये दिए और कहा किसी को पता चला तो तुम्हारे घर की बहुत ही बदनामी होगी .
अब जुनेद भी अपनी अम्मी से खुलने लगा और एक दिन उसके अब्बू किसी काम से दिन के लिए बहार गए थे और जुनेद को पैसो की जरुरत पड़ी तो उसने अपनी अम्मी को कहा
अम्मी ने मना कर दिया तो जुनेद ने अम्मी को धमकी दी वो अब्बू को सर के बारे में बतादेगा. अम्मी एकदम से सकपका गयी और उससे माफ़ी मांगने लगी , अम्मी ने उसको समझाया की वो ये सब कीसी से नहीं कहेगा और जुनेद को पैसे भी दिए .
दुसरे दिन सर जब आये तो अम्मी ने उसे बहार जाने को कहा तो जुनेद ने कहा मुझे भी अब देखना है की आप लोग क्या करते हो सर ने भी अम्मी से कहा कोई बात नहीं
जुनेद अपना ही बच्चा है और राज सर ने जुनेद के सामने ही उसकी अम्मी को चोद डाला और राज सर ने अपना पूरा माल अम्मी के मुंह पर उढेल दिया—और उस रात को सर ने जुनेद की अम्मी को चार बार चोदा और जुनेद को भी लंड हिलाना सिखा दिया ,
अब जुनेद अपनी अम्मीके सामने ही अपना लंड हिलाता और उसकी अम्मी सर से चुद्वाती थी .
एक दिन उसकी अम्मी को पीरियड आ रहे थे और वो दो तिन दिन से राज सर को चूत नहीं मिल रही थी ,और राज सर ने अम्मी को कहा आज गांड मरने दो ना लेकिन अम्मी बोली नहीं मैंने कभी गांड नहीं मरवाई है सर बोले टेंसन मत करो बहुत ही मज़ा आएगा . और सर ने मुझसे कहा जाओ थोडा तेल लेकर आओ .में तेल लाया और सर ने जुनेद के सामने ही उसकी अम्मी को नंगा कर दिया और उसकी गांड के छेड़ पर तेल डाल दिया और सर ने अपना लंड अम्मी की गांड में धीरे धीरे डालने लगे अम्मी करह रही थी सी सी सी सी सी आहा हा हा अल्लाह आह मर गयी अपना लंड निकाल लो राज अब दर्द हो रहा है
सर ने कहा बस दो मिनिट और सर ने अपना पूरा लंड अम्मी की गांड में ठेल दिया अम्मी जोर से चिल्लाई है अल्लाह और अम्मी रोने लगी मैंने सर से कहा प्ल्ज़ छोड़ दो मेरी अम्मी को तो सर ने कहा -जुनेद पहली बार गांड मारा रही है इसलिए दर्द हुआ है दो मिनिट में अम्मी चुप हो गयी और सिसकिय भरने लगी और कहने लगी राज आहा मज़ा आ रहा है दल दो पूरा फाड़ दो मेरी गांड आहा आहा और करीब दस मिनिट में सर अम्मी की गांड में ही झड गए –
---और पुरे तिन दिन राज सर ने अम्मी की खूब गांड मारी , इसी बीच में और अम्मी काफी खुल चुके थे में कभी कभी अम्मी के बूब छू लेता था और अम्मी भी रात में कभी कभी मेरा लंड हिला देती थी , फिर अब्बू जब वापस आये तो वो दिन को घर में ही रहते थे इसलिए अम्मी सर से नहीं चुदा सकती थी . एक दिन अब्बू आये और रात को जोर की आवाजे अम्मी के रूम से आई में वह गया तो अम्मी अब्बू से कह रही थी -तुम खाली आग लगते हो और छोड़ देते हो अपना पानी तो निकाल लेते हो लेकिन मेरा क्या
अब्बू बोले क्या करू में मेरा लंड तो ठीक है लेकिन तेरी चूत बड़ी हो गयी है अम्मी बोलने लगी मेरा पानी निकालो अब्बू ने कहा कैसे अम्मी ने कहा चाटकर तो अब्बू को गुस्सा आ गया और अम्मी को गालिया देने लगे , और बाद में अब्बू नींद की गोली लेकर सो गए . रात को करीब तिन बजे अम्मी ने मुझे जगाया और कहा जुनेद बेटा मेरे से रहा नहीं जा रहा है और चूत में बहुत ही खुजली हो रही है , और तेरे सर भी कई दिन से मुझे छोड़ नहीं पा रहे है. अब तू ही कुछ कर न मैंने कहा में क्या करू अम्मीजान तो अम्मी ने कहा आज अपनी अम्मी को अपनी जान बनाले और अम्मी मुझसे लिपटने लगी लंड तो मेरा भी खड़ा हो रहा था में भी अम्मी से चुम्मा छाती करने लगा मैंने कहा अब्बू तो नहीं जग जायंगे अम्मी बोली नहीं रे वो तो सुबह ही उठेंगे .-- अम्मी मेरा लंड चाटने लगी मेरा लंड करीब छः इंच का था पूरा खड़ा हो गया और अम्मी ने अपनी सलवार उतर दी अंदर से वो पूरी नंगी थी और झांटे भी थी
अम्मी बोल छोड़ ना और हवस की आग में में अपनी ही अम्मी की चूत जहाँ से में निकला था वही पर अपना लंड डालने लगा और बीस तीस धक्को में ही मेरा पानी निकाल गया लेकिन अम्मी जो सर से  आधा आधा घंटा चुत्वती थी वो और भड़क गयी और बोली जुनेद अपनी अम्मी पर एक अहसान कर आज अपनी अम्मी की चूत को चाटकर इसमें से पानी निकाल दे
---और अम्मी ने मेरा मुहँ पकड़ कर अपनी चूत से सटा दिया और रगड़ने लगी मेरे मुहँ में नमकीन और खट्टा सा स्वाद आने लगा और में अपनी ही अम्मी की चूत चाटने लगा .
करीब बीस मिनिट के बाद अम्मी की बुर पानी छोड़ने लगी और में पूरा पानी पी गया .
अब तो अम्मी और में जब चाहते अपनी प्यास बुझा लेते . और जब अब्बू बहार जाते तो अम्मी सर से चुद्वाती थी सर ने अम्मी को बहार भी लेजाना चालू कर दिया
बहार लेजा कर सर अपने दोस्तों को अम्मी चुद्वाते थे और अम्मी को पैसा भी दिलवाते थे .अम्मी मेरा पूरा ध्यान रखने लगी और पैसा भी देने लगी .
इसी तरह पिछले महीने मेरे चाचा जान जो गाँव में रहते है की तबियत अचानक बिगड़ गयी और अब्बू और अम्मी दस दिन के लिए गाँव चले गए .
 दुसरे दिन सर मुझे पढने आये और बोले आज तो मेरा लंड खड़ा हो गया है . अम्मी कहाँ है तो मैंने उनको बताया .तो वो बोले जुनेद आजतुम गांड मरवा लो ना प्लीज और सर ने मेरा लंड पकड़ लिया और हिलाने लगा में डर गयाकी अब तो मेरी गांड फट जाएगी ,सर ने कहा डरो मतफिर सर ने मुझे नंगा कर दिया और मुझे चूमने लगे और सर ने मेरा लंड भी चूसा फिर सर ने अपनी एक अंगूली मेरी गांड मेंधीरे धीरे डाली
और आगे पीछे करने लगे पहले दर्द का अहसास हुआ लेकिन थोड़ी देर में मज़ा आने लगा फिर सर ने मेरी गांड के छेड़ को चाटना चालू किया हबीब मेरे भाई क्या बताऊ कितना मज़ा आया सर ने अपनी जीभ मेरी गांड में डाल दी
और उसे आगे पीछे करने लगे और सर बोले जुनेद थोडा सा दर्द जरुर होगा लेकिन मज़ा बहुत ही आएगा तुमने अपनी अम्मी को देखा होगा की कैसे अपनी चूत से ज्यादा अपनी गांड मरवाती है मुझसे और सर की बातों से मेरी हिम्मत बन गयी और सर ने अपना दस इंच का लंड मेरी गांड में धीरे-धीरे डालने लगे और एक झटके में पूरा लंड मेरी गांड में डाल दिया मुझे ऐसा लगा की में मर जाऊंगा लेकिन दो ही मिनिट में
मेरी गांड में सर का लंड एडजस्ट हो गया अब सर अपना लंड आगे पीछे करने लगे और आधे घने तक मेरी गांड मारी फिर अपना पानी मेरे मुहँ में निकला और जाते समय मुझे पांच सौ रूपये भी दिए . --तिन दिन बाद राज सर ने कहा आज कहीं बहार चलते है और में उनकी बाइक पर चल दिया शहर से बहार एक फार्म हाउस था
वहा पर सर का एक दोस्त और आ गया जिसके साथ एक चालीस साल की ओरत थी फिर हम फार्म हॉउस के अंदर गए वो फार्म हॉउस सर के दोस्त का था उस दोस्त को बड़ी उम्र की ओरतो और लडको की गांड का बहुत ही शोक था, और वो अम्मी को भी छोड़ चूका था और जो ओरत उसके साथ थी वो रिश्ते में उसकी फूफी लगती थी फिर हम सब नंगे हो गए और सर ने उस ओरत जिसका नाम रानी था को चोदना चालू किया और सर का दोस्त जिसका नाम लाला था उसने मेरी गांड मारी फिर मैंने रानी को चोदा और चार घंटे बाद सर ने मुझसे कहा चलो चलते है जाते समय लाला ने मुझे दो हजार रूपये दिए .हबीब अब इस बात कोदो महीने बीत गए है अम्मी की चुदाई और गांड मराने का मज़ा कैसा होता है तुम भी जान लो और जुनेद मेरा लंडमुथ्ठियाने लगा और मेरा पजामा खोल लंड चूसने लगा .
और जुनेद ने कहा मेरी गांड मारो हबीब.उस रात मैंने दो बार जुनेद की गांड मारी और सुबह जुनेद ने कहा की में तुम्हे अपनी अम्मी जरुर चुदा उंगा . अब मेरा लंड भी अपनी ही अम्मी और आप को देख कर खड़ा होने लगा और में उनके बारे में सोच सोच कर रात को मुट्ठिया मारने लगा था ,एक दिन रात में जब में पीसी पर पोर्न देख रहा था तो मेरे कानो में कोई आवाज पड़ी जो शायद अम्मी के कमरे से आई थी आपको बतादू मेरे घर में तीन रूम है
जब अब्बू नहीं होते है तो आप और अम्मी एक ही साथ सोती है .में धीरे से बहार आया और अम्मी के रूम के पास जाकर कान लगाया तो मेरी तो हैरत का ठीक ही ना रहा ....अंदर से मेरी अम्मी की आवाज आ रही थी जो आपा से कह रही थी = आहा रजिया क्या करती है थोडा और जोर से डाल न मेरी जान मेरी बुलबुल ,आहा चोद डाल अपनी अम्मी की बुर इस प्लास्टिक के लंड से आहा आहा सी सी सी आआआआआआअ डाल दे पूरा कुतिया तेरा अब्बा तो गांड ही मारता है,कम से कम तू इस प्लास्टिक के लंड से अपनी अम्मी को राजी कर दे रजिया तुम तो अपने दोस्तों से चुदवा लेती हो हाय कभी अम्मी को भी चुदवा दे ना.
रजिया मेरी रंडी बेटी तेरा अब्बा भी तुझे चोदना चाहता है हाय आहा हा हहहहहः मेरे मालिक रजिया आहा हाहा मेरा निकल गया हाय ,,और अम्मी की आवाज बंद हो गयी .
आपा की आवाज आई अम्मी तुम तो मतलबी हो तेरा काम हो गया लेकिन मेरी बुर का इलाज कोन करेगा चलो पहले इसको चाटो और फिर ये ही लंड मेरी चूत में डालो ना मेरी प्यारी अम्मी .और रजिया ने आगे जो अम्मी से कहा वो सुन कर तो में पागल ही हो गया रजिया ने कहा की अम्मी हबीब के सर है ना बहुत ही चुदक्कड़ और गांडूहैऔर वो बहुत सीलडकियों की चूत और लडको की गांड मार चुके है ,और अम्मी ने कहातुमको कैसे मालूम तो रजिया बोली में जहाँ पढ़ाने जाती हूँ ना वहा रोजी आंटी जिसके दोनों बच्चो को में पढ़ाती हूँ उनकेसाथ में दो बार राज सर को देख चुकी हूँ वोभी
अजीब हालत में अक दिन तो राज सर का हाथ मैंने रोजी की स्किर्ट में देखा था ,अम्मी ने कहा -क्या बात करती हो रजिया ,हाँ अम्मी और तो और वो सिन्धी बनिया नहीं है जिसकी छोटी बेटी मेरे साथ पड़ती थी और जिसके साथ मैंने पहली बार लेस्बो सेक्स किया था और तुमने मुझे उसके साथ पकड़ा था
अम्मी - अरे टीना क्या ,,,---------------रजिया - हां अम्मी वो राज सर से दो तीन बार चुदा चुकी है उसने मुझे बताया की राज सर का लंड दस इंच का है और वो अपनी झांटे एकदम साफ रखते है,और चूत भी चाटते है और वो पैसे भी देते है ,और निरोध लगाकर छोड़ते है यानि कोई खतरा भी नहीं ,और अम्मी अक बार जब टीना और राज सर चुदाई कर रहे थे तो टीना का भाई विक्की आ गया तो राज सर ने उसे भी
पता लिया और विक्की की गांड मारी और टीना की चूत भी चटाई अम्मी में तो बोलती हूँ की रोज रोज प्लास्टिक के लंड से चुदने से अच्छा है की हम राज सर से सेट्टिंग करले . अम्मी वो बहुत ही पैसे वाले भी है अम्मी -पर रज्जो घर में हबीब भी है ना ,
 रजिया - उसको में पटा लुंगी मेरी अम्मी , अम्मी - पर कैसे रज्जो , रजिया - तुम कल उसको बोलना की रजिया को बहार घुमा कर लाया कर अब्बू ने नई मोटर साइकिल दिलाई है ना
और में उसके पीछे बैठ कर घुमुंगी और अपने बोबे जब उसकी पीठ से रगर उंगी तो उसके दिल में भी अपनी आपा के बारे में हवस जग जाएगी ,अम्मी - रजिया तुम अपने ही भाई से चुदवाने का सोच रही हो क्या ,रजिया - अम्मी तुम भी तो मामा जान से चुद चुक्की हो ,ये सब सुन कर मेरा लुंड बुरी तरह से खड़ा हो गया और में वही पर अपना लंड हिलाने लगा पता नहीं क्यों मुझे ये सब अच्चा लग रहा था.(हबीब और रजिया की सुहागरात और अम्मी का सर के साथ सुहागदीन ) मुझे सुबह का इन्तजार था मेरी आँखों के सामने मेरी आपा के बूब और आपा के रसीले होंठ आ रहे थे रात को मैंने दो बार और पानी निकाला,
और थका हुआ में नंगाही सो गया (में आपको बतादू की अम्मी सुबह हमेशा मुझे आकर उठती है और चाय पिलाती है)सुबह अम्मी ने आकरजगाया और जल्दी से उठाया और कहा - हबीब शर्म नहीं आती है घर में जवान बहिन है और तू नंगा सोता है और ये क्या बिस्तेरभी ख़राब कर दिया .हाई अल्लाह क्यामुहं दिखाउंगी तेरे अब्बू को ये सब पता चल गया तो वो तुझे मार ही डालेंगे (मेरे अब्बू का गुस्सा बहुत ही खतरनाक है )डर के मरे मैंने अम्मी के पैर पकड़ लिएऔर कहा अम्मी किसीको मत बताना में आप जो कहोगी वो करूँगा . अम्मी ने कहा - हबीब अक शर्त पर किसी को नहीं कहूँगी मैंने कहा - मुझे आपकीहर शर्त मंजूर है अम्मी .
अम्मी ने कहा - चल उठ जा राजा, में उठा तो पता चला में नंगा ही अम्मी के सामने खड़ा हूँ.
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और अम्मी मुझे ही देख रही थी ,फिर अम्मी बोली तुम रोजाना ये सब करते हो क्या और अम्मी ने मेरा लंड पकड़ लिया और बोली -ये सब करने से तेरा ये (लंड ) ख़राब हो जायेगा और तेरी बेगम
गैर मर्दों के पास जाएगी राजा (अम्मी मुझे प्यार से राजा कहती हँ) और पता नहीं क्यों मेरा लंड फिर खड़ा होने लगा .अम्मी को भी पता चल चूका था मेरा लंड करीब सात इंच का था और एक इंच मोटा था .में बोला -अम्मी छोडिये ना आपा आ जाएगी .
अम्मी - वो तो पढ़ाने जा चुकी है राजा लेकिन लगता है आज मेरे राजा को कुछ पढाना पड़ेगा और तू निचे कितनी गंदगी रखता है कोई बीमारी हो गयी तो ,(मेरी झांटे थोड़ी बढ़ी हुई थी )
और अम्मी ने कहा आज मेरे राजा को में नहलाउंगी (उस दिन मेरे कोलेज में छुट्टी थी ) और अम्मी ने मेरे लंड को हिला दिया .फिर अम्मी बोली - राजा कभी असली मज़ा लिया है या हाथगाड़ी ही चलाई है

अम्मी अब खुल कर बोल रही थी और मेरा लंड खड़ा हो गया था अम्मी बार-बार उसे हीदेख रही थी और वो अपनी जीभ से अपना होठ सहला रही थी ,मेरी अम्मी 46 साल की है और वो अपने शरीर का बहुत ही ख्याल रखती है दोबच्चो की अम्मी होने बाद भी वो लगती नहीं है .उनकी गांड बहुत ही गोल है और मुहँएकदम गोल अम्मी देखने में नेपालन सी लगती है और उनका पेट जरा भी बहार नहीं निकलाहै .
--और अम्मी अपने जिस्म पर एकदम फिट कपडे ही पहनती है जिससे वो और भी हसीन लगती है, अम्मी की 5.4'' है , और अभी उन्होंने वी गले का गाउन पहन रखा था , और उनके भरी बूब 36'' जो के है ,उनकी दरारे दिख रही थी ,अम्मी का हाथ अभी भी मेरा लंड मसल रहा था और अब मेरे लंड से हल्का पानी भी आने लगा था ,और अम्मी ने दुसरे हाथ से मेरी गांड का छेद हलके हलके रगड़ ने लगी अब मुझसे रुका नहीं गया और मैंने अम्मी के बूब दबोच लिए और जोर से दबाया ,अचानक अम्मी ने मुझे एक थप्पड़ मारा-हबीब अम्मी चोद बनना चाहता है अगर किसी पता चला तो हम को मरना पड़ेगा और हम किसी को मुहँ दिखने लायक भी नहीं रहंगे .
लेकिन अम्मी ने लंड अभी भी पकड़ रखा था .--  अम्मी का चेहरा लाल हो गया था , और मैंने उनकी गांड पर हाथ फिरना चालू कर दिया और जोर से दबाने लगा अम्मी कुछ नहीं बोल रही थी ,मेरी हिम्मत थोड़ी बढ़ी तो मैंने अम्मी के होंठ चूम लिए और अम्मी भी मेरे होंठ चूमने लगी . फिर अम्मी ने मुझे हम्माम में ले गयी और मेरी झांटे बनाने लगी ,और मेरी गांड के बल भी साफ कर दिए और फिर बोली - ला राजा मैंने तेरे बाल बनाये मेरी बख्शीश तो दे. मैंने कहा - क्या चाहिए अम्मी .अम्मी बोली= तेरे अब्बू दो महीने से घर नहीं आये है और एक ओरत को क्या चाहत होगी राजा में एक मर्द चाहती हूँ .जो मुझे अपनी बाँहों में लेकर मुझे जन्नत की सैर कराये और खुद भी करे .में जान बुझकर अनजान बनते हुए बोला - अम्मी में समझा नहीं .
अब अम्मी से रहा नहीं गया और अम्मी बोली - राजा तू मादर चोद बनजा...चोद डाल अपनी अम्मी को और अम्मी ने अपना गाउन उतर दिया,अम्मी ने अंदर कुछ नहीं पहन रखा था और उनकी चूत एकदम साफ थी .अम्मी ने अब मेरा लंड चुसना चालूकर दिया मेरे मुंह से सिसकिया निकलने लगी और अम्मी के मुहं को जोर ससे चोदने लगा , दो ही मिनिट में में झड़ने लगा और अम्मी ने सारा पानी चाट डाला .अम्मी बोली - राजा तेरा तो काम हो गया मेरा क्या . में बोला अम्मी लाओ में भी तुम्हारी चूत चाट देता हूँ और बीस मिनिट बाद अम्मी ने भी अपना पानी निकाल दिया .अम्मी का पानी मेरे मुहँ में जा रहा था और में अम्मी की बुर को बुरी तरह से चाट रहा था तभी घर की घंटी बजी अम्मी ने अपना गाउन डाला और बाहर भागी .रजिया आपा आ गयी थी , अम्मी की अस्त व्यस्त हालत देख कर वो कुछ कुछ समझ गयी थी लेकिन वो बोली कुछ नहीं .थोड़ी देर बाद में गुसल से बाहर निकला और अम्मी से कहा - अम्मी कुछ खाने को दो ना अम्मी ने कहा आजा राजा में रसोई में गया तो देखा अम्मी ने अपने बूब गाउन से बाहर निकल रखे है और अम्मी बोली ले राजा खाले इनको में बोला आप कहाँ है अम्मी धीरे से बोली वो अन्दर अपने रूम में है ..फिर अम्मी के बूब दबाये और अम्मी ने मेरी सलवार के उपर
से मेरा लंड दबाया और फिर अम्मी ने मुझे चूमा और बोली -राजा तेरी आप कई दिन से बोल रही है की भाई जान नई मोटर साइकिल लाये है और अपनी आप को कहीं घुमाने नहीं ले गए है ..राजा आज आप को घुमाने लेजा ना में बोला लेकिन अम्मी अब तो राज सर आने वाले होगे
अम्मी बोली बेटा में उनको फोन कर दूंगी और आने के लिए मना कर दूंगी .
में समझ गया की अम्मी आज जरुर राज सर का लंड अपनी बुर में ले ही लेगी .!
आपा भी तैयार होकर आ गयी आप ने लाल रंग की सलवार सूट पहन राखी थी .!
आपको बता दू की मेरी आपा करीब 5.7'' की है और उनकी बॉडी एकदम सोनम कपूर जैसी है वो मुझसे एक इंच लम्बी है  और उनके बूब का साइज़ 32 है गांड करीब 30 की हैऔर आपा हमेशा ऊँची सेंडल पहनती है जिसकी वजह से जब वो चलती है तो उनकी गांड की हरकते देखने लायक होती है ,  मैंने अम्मी से कहा अम्मी कुछ पैसे तो दे दो ,आपा बोली हबीब चल पैसे मेरे पास है ,घर से निकल कर आपा से पूछा - आपा कहाँ चलना है .आपा बोली -हबीब मुझे बेंड स्टैंड लेकर चल. (बेंड स्टैंड मुंबई का एक फेमस एरिया है जहाँ एक लवर पॉइंट भी बना हुआ है जहाँ लड़के लडकिया खुले आम चुम्मा चाटी करते है .)मैंने बाइक चालू की और आपा मेरे पीछे बैठ गयी .;
 में मन ही मन बहुत ही खुश था की आज आपा भी कुछ न कुछ तो करेगी और कुछ देर बाद हम एक रेड लाइट पर रुके तो सामने एक पोस्टर लगा हुआ था ,कामसूत्र कंडोम काजिसमे फ्लेवर्ड कंडोम की एड की गयी थी .अब आपा ने एक हाथमेरे लंड से सटा दिया और मुझसे धीरे से बोली हबीब ये किस चीज का एड है.
में बुरी तरह से सकपका गया और कुछ भी बोल नहीं पाया तभी ग्रीन लाइट हो गयी और में आगे बढ़ गया ,आपा कभी कभी अपने बूब जोर से मेरी पीठ पर रगड़ ती थी कभी अपना हाथ मेरे लंड को छुआ देती थी .इन सब के कारण मेरा लंड बुरी तरह से खड़ा हो गया था और सलवार से साफ़ दिख रहा था__और इस हालत में हम बेंड स्टैंड पहुंचे दिन के करीब तीन बज चुके थे और वहां ज्यादा भीडभाडनहीं थी और हम लोग एक जगह बैठ गए , फिर आपा ने मुझसे कहा - हबीब मुझे तुमने बताया नहीं की वो एड किस चीज का था .
में तो गूंगा ही हो गया की क्या जवाब दूँ . आपा धीरे धीरे मुस्करा रही थी और वो बोलीचल जाने दे बाद में बता देना तू बता की राज सर तुमको अच्छा पढ़ाते है, ना ..!
मैंने कहा हां आपा तभी आपा ने सामने इशारा किया ..__________
सामने एक 45 साल का आदमी और एक करीब 20 साल की लड़की बैठे हुए थे और वो आदमी जोर जोर से उसकी चुन्चिया दबा रहा था और लड़की ने एक हाथ उस आदमी की पेंट में डाल रखा था .आपा बड़े गोर से उनको देख रही थी वो दोनों थोड़े से झाड़ियो में बैठे हुए थे और ज्यादा भीड़ न होने की वजह से वो मज़ा ले रहे थे आपा अपना एक हाथ अपनी चूत पर रखे हुए थी और धीरे धीरे चूत को सहला रही थी .--
फिर आपा ने मुझसे पूछा हबीब एक बात बोलू बुरा तो नहीं मानेगा,, मैंने कहा नहीं आपाजान ,आपा बोली कोलेज में तेरी को लड़की से दोस्ती है, मैंने कहा नहीं आपा , आपा थोड़े गुस्से में बोली तो क्या लडको से काम चलाता है, और हंसने लगी मेरी तो हालत ही ख़राब हो रही थी और मेरा लंड भी खड़ा हो रखा था ,आपा ने कहा चल सामने बैठते है सामने थोड़ी झाडिया थी वहां गए तो दिखा वहा पर तीन चार जोड़े और बैठे हुए थे और मस्ती कर रहे थे .
में आपा की तरफ देख रहा था आपा का चेहरा लाल सा हो गया था और उनकी सांसे लम्बी लम्बी चलने लग गयी थी , और आपा ने मेरा हाथ कास कर थाम रखा था . फिर एक कोने में हम जाकर बेठ गए आपा ने एक हाथ मेरे कंधो पर रख लिया कोई दूसरा देखता तो यही सोचता की लवर मस्ती कर रहे है.  आप की छातिया जोर जोर से उपर नीचे हो रही थी, और वो बार बार अपने होंठो पर जीभ फिर रही थी आपा के दिल की हालत का अंदाज मुझे भी हो रहा था,मेरे लंड से हल्का हल्का पानी चु रहा था और मेरा अंडर वेअर गीला हो चूका था. अचानक आपा ने कहा = हबीब तुमने किसी को चूमा है या नहीं .!मैंने कहाँ नहीं आपा आपने किसी को चूमा है आपा बोली नहीं भाई पर में ये जानना चाहती हूँ की चूमने में क्या मज़ा आता है क्या तुम मुझे चूम सकते हो ,
मेरे दिमाग में अब बुर का भुत घुस चूका था और मैंने कहा आपा क्यों नहीं और मैंने आपा को गालो पर चूमा , पर आपा बोली ऐसे नहीं हबीब लिप किस करो ना ,अचानक वहा भगदड़ सी मचने लगी मैंने आपा से कहा - आपा यहाँ से चलते है , आपा बोली की क्या हुआ यहाँ तो मजा आ रहा है , तभी सभी लोग वहां से भागने लगे हम भी वह से निकल आयें क्योकि
वहां पुलिसवाले आये थे फिर हम इधर -उधर घुमने लगे और फिर आपा ने कहाँ की चल कोई माल में चलते है वह थोड़ी सी खरीद दारी कर लेते है .
--मैंने टाइम देखा तो पुरे पांच बज गए थे , घर पर राज सर के आने का टाइम हो गया था , फिर हम एक माल में गए वहां आपा ने कुछ हल्का फुल्का सामान लिया और युहीं टाइम पास करने लगे .माल में एक दूकान थीजिसमे ब्रा और पेंटी ही मिलते थे आपा ने कहा चलो हबीब मुझे ब्रा लेनी है और आपा मुझे खिंच कर ले गयी वहा पर एकलड़की जो सेल्स गर्ल थी ने एक केट्लोग दियाऔरकहा - आप इस से ब्राऔर पेंटी पसंद करलो और मुझे साइज़ बता दो और आप अपने पति से भी पूछ लो .
में तो चोंक ही गया वो मुझे और आपाजान को मिंया बीबी समझ रही थी ..!
में कुछ बोलू की उससे पहले ही आपा बोल पड़ी= हां बहिनजी इन लोगो की ही वजह से ही इतने डिज़ाइन जो आते है फिर आपा मुझे लेकर बेठ गयी और केट्लोग से ब्रा और पेंटी देखने लगी और मुझसे पूछने लगी,,फिर आपा ने अपने लिए तीन सेट ख़रीदे पहला तो एकदम ही जोरदार था उसमे पेंटी इतनी सी थी की बस चूत ही छुपा सके और दुसरे में चूत और गांड की साइड पर छेद बने हुए थे. और तीसरी पेंटी जिप वाली थी ,सेल्स गर्ल बोली की आपके पति की पसंद तो लाजवाब है फिर उसने बील बनाया और इन सब के बीच में आपा और उस सेल्स गर्ल ( जिसका नाम बाद में पता चला आलिया था )दोनों के बीच दोस्ती हो चुकी थी और दोनों ने एक दूजे को अपना मोबाईल नो. भी दे दिया था जाते जाते आलिया ने मुझे कहा - जीजाजी आज कोनसी ड्रेस में दीदी को देखना चाहोगे मेरी मानो वो होल वाली ही पहनाना और आलिया और आपा जोर जोर से हंसने लगी ..!और फिर हम दोनों घर के लिए चल पड़े शाम के सात बज गए थे और अँधेरा सा होने लगा था ,में मन ही मन अम्मी और सर के बारे में ही सोच रहा था .क्या अम्मी ने सर से चुदवाया होगा
 रास्ते में आपा मेरे से एकदम सैट के बेठी हुई थी और वो अपनी चुचिया मेरी पीठ से दबा रही थी और आपा मुझसे बोली आलिया केसी लगी हबीब जोरदार थी न और उसका निकाह भी हो गया है और उसका शोहर भी सउदी अरब गया है साल में एक ही बार आता है और आलिया का मामे का लड़का ही है (हमारे समाज में चाचा मामा की लड़के लडकियों में रिश्तेदारी आम बात है )आलिया को तुम बहुत ही पसंद आये हो और वो हमारे घर आना चाहती है समझे कुछ भाईजान या आगे भी सब कुछ आपा को ही करना पड़ेगा और, आपा ने मेरी छाती कस कर दबादी आगे से छाती दबी और पीछे से आपा की चुचिया लगी मेरे लंड ने फिर सलामी देनी चालू कर दी .रास्ते में एक जगह थोड़ी झाडिया सी थी तो में बाइक रोक कर बोला की आपा में पेशाब कर के आता हूँ ,आपा ने कहा मेरे भी हाजत हो रही है हबीब मैंने कहा आपा आप कर आओ में यहाँ ध्यान रखता हूँ आपा बोली नहीं हबीब मुझे अकेले में डर लगता है .तुम साथ में आओ और आपा ने मेरे हाथ पकड़ कर मुझे खिंच लिया.-----
वहा आगे जंगल जैसा था में ने आपा से कहा आप यहाँ पेशाब कर लो में आगे जाता हूँ , लेकिन आपा बोली यही रहो हबीब कोई सांप आ गया तो . और आपा मेरे सामने अपनी गांड कर के मुतने लगी आपा की गांड बहुत ही गोरी थी और गोल मटोल भी था अचानक आपा मुड़ कर मेरी बाँहों में आ गयी और बोली की झाड़ियो में कोई है अजीब सी आवाजे आरही है आपा नीचे से नंगी ही थी ,-----
मुझे भी कुछ आवाजे सुनाई दी.लेकिन मेरी पेशाब के मरे बुरी हालत थी तो मैंने कहा आपा- जाने भी दो मुझे पेशाब करने दो आपा आपा बोली करलोना में अकेली कहीं नहीं जाउंगी ,मज़बूरी में मुझेआपा की तरफ उल्टा होकर पेशाब करने लगा और अचानक आपा ने मेरा लंड पीछे से थम लिया और बोली = हबीब तेरी आपा तुझसेचुदना चाहती है आज कितने इशारे किये तुझे फिरभी समझा नहीं .और आपा मेरे लंड कोहिलाने लगी .
तभी अन्दर से आवाजे आने लगी जैसे से करते हुए आती है में और आपा जंगल के थोडा अंदर गए और झाड़ियो के पीछे गए तो देखा की एक लड़का एक हिजड़े की गांड मार रहा था दोनों पुरे नंगे थे मैंने आपा से चलने को कहा तो आपा बोली देखते है हबीब मैंने कभी हिंजड़े की चुदाई नहीं देखी है.वो लड़का जो करीब 20 का था स्लिम सा था जोरदार धक्के लगा रहा था और हिंजड़ा करीब 40-45 का था, थोडा मोटा सा था घोडा बना हुआ था..!और जोर जोर से चिल्ला रहा था - डाल और जोर से डाल मार ले मेरी गांड ऊऊऊऊऊऊउ आआआआआआअ उहा उहा उहा उहा उहा आहा हाहा करीब बीस मिनिट तक ये चलता रहा और फिर उस लड़के ने अपना लंड गांड से निकाल कर हिंजड़े के मुंह में दिया
हलकी रोशनी में देखा की उसका लंड करीब 12'' का था और करीब 2.5'' मोटा था  एकदम गधे जैसा लग रहा था , मेरी तो आँखे ही जाम हो गयी और आपा तो पागल सी हो गयी
आपा की नजर उसके लंड पर टिकी हुई थी और हाथ मेरे लंड को कस कर पकडे हुए थे और आपा की सांसे भरी हो गयी थी .
उनका काम होने के बाद मैंने जल्दी से आपा का हाथ पकड़ा और घर की तरफ चल दिए , आपा रास्ते में बोली हबीब क्या किसी का इतना लम्बा भी होता है मेरे भाई कितना बड़ा था बाप रे . में तो देख कर ही डर गयी..! हबीब तेरा तो इतना तो बड़ा नहीं है ना भाई और आपा फिर मेरा लंड सलवार के ऊपर से सहलाने लगी .
थोड़ी देर में हम घर पहुँच गए ...!घर पर जाकर मैंने बेल बजायी करीब पांच मिनिट बाद अम्मी ने दरवाजा खोला अम्मी थोड़ी सी घबराई हुई थी और अम्मी की हालत बहुत ही ख़राब थी ,बाल बिखरे से थे और होंठ सूजे हुए थे गालो पर हलके से दांतों के निशान भी थे में डर गया और अम्मी से पूछा अम्मी क्या हुआ अम्मी ने कहा कुछ नहीं बेटा जरा सा पांव फिसल गया था...! आपा यह सुन कर हलकी सी मुस्कुरा उठी और बोली अम्मी क्या सर आये थे , अम्मी बोली नहीं रज्जो उनको तो मैंने फोन करके मना कर दिया था.
अम्मी बोली अंदर आ जाओ बेटा ,और फिर अम्मी ने हमको खाना लगा दिया और बोली रजिया आज तुम हबीब के साथ सो जाओ क्यूंकि मेरी तबियत ख़राब है और में सोना चाहती हूँ ,आपा ने कहा - ठीक है अम्मी , आप सो जाओ .अम्मी सोने चली गयी और में और आपा खाना खाने लगे और आपा मेरी तरफ देख कर मुस्करा रही थी और बोली हबीब उस लड़के को कितना बड़ा था बाप रे तेरे जीजू का इतना बड़ा हुआ तो में तो मर जाउंगी यार ,
और पता नहीं क्या होगा हबीब मुझे तो बहुत ही डर लग रहा है..! तभी अम्मी की आवाज आई -रजिया बेटा जरा पानी तो ला दे ..!
 अम्मी को रजिया आपा पानी लेकर अम्मी के कमरे में गयी और वो पांच मिनिट तक नहीं आई तो मेरे मन में शक आया और में भी दबे कदमो से अम्मी के कमरे की तरफ गया और अपने कान दरवाजे से लगाये .अंदर आपा अम्मी सेपूछ रही थी - अम्मी तुम भी पागल हो जाती हो राज सर से आज ही गांड मराने की क्या जरुरत थी देखो तुम्हारी गांड कितनी खुल गयी है थोड़ी बरफ ला देती हूँ लगा लो ठीक हो जाएगी .अम्मी बोली - हां तुम्हे तो पता ही है की गांड मराने के बाद क्या होता है ...और दोनों ही हंस पड़ी फिर अम्मी ने पूछा तेरा भी कुछ हुआ रज्जो या यूँ ही घूम कर आई हबीब के साथ और क्या लायी है
आपा बोली -अम्मी मेरा अभी तो कुछ नहीं हुआ है पर आज रात को हबीब से जरुर ही चुदवा लुंगी ..(मेरा लंड खड़ा होने लगा था ) फिर आपा ने अम्मी को हिंजड़े वाली बात बताई तो अम्मी भी कह उठी बाप रे इतना बड़ा लंड था उसका रज्जो बहुत ही जोरदार मज़ा आता है बड़े लंड से तुमको तो पता ही है ना बेटी जा अब सो जा और कल आराम से उठाना क्यूंकि कल सन्डे है आज चुदवा ले अपने भाईजान से मेरी बिटिया मना ले सुहागरात भाईजान के साथ ........दोस्तों फिर में जल्दी से अपने कमरे में आ गया , और लुंगी (तहमद ) पहिन ली सोते समय में लुंगी ही पहनता हु..!आपा रूम के अंदर आ गयी और बोली भाईजान आलिया ने क्या कहा था याद है में वो छेड़ वाली पेंटी पहन कर आई हु.और आपा मुझसे लिपटने लगी मेरा लंड तो खड़ा था ही आपा ने मेरा लंड पकड़ लिया और बोली भाईजान आपसे एक बहुत ही बड़ी सिकायत है. आप अपनी अम्मी और आपा का कोई ख्याल ही नहीं रखते हो ...!
मैंने कहा नहीं आपा ऐसी कोई बात नहीं है ,तो आपा बोली हबीब में 22 साल की हो चुकी हूँ , और देखो शबाना (मेरे चाचू की लड़की ) जो खाली 19 साल की है उसका निकाह भी हो चूका है ,और वो पेट से भी हो गयी है ,और एक तेरा आपा है ,,जो अपने अरमानो को दफ़न कर के बेठी है , और हमारी अम्मी कितना परेशां रहती है ,अब्बू तीन महीने में एक ही बार आते है, वो भी खाली दस दिनों के लिए अम्मी को भी कुछ चाहिए ना हबीब वो भी तो तरसती है ,किसी के लिए और तू जो इस घर में एक ही मर्द है किसी की भी मदद नहीं करता है , अगर तेरी आपा या अम्मी किसी बाहर वाले से चुदवा ये तो क्या तुमको सहन होगा ...!
आपा की इस बात से मुझे गुस्सा आगया और में बोला नहीं आपा अब में ऐसा नहीं होने दूंगा और आपा को दबोच लिया और आपा के होंठो को अपने होंठो से चूमने लगा और आपा भी मुझे चूमने लगी.और आपा ने मेरी लुंगी खींच ली लुंगी खुलते ही लंड एकदम से खड़ा हो गया और में भी अब आपा की चूत में अपना लंड डालना चाहता था और सेक्स की गहराईयों में उतरना चाहता था ...!आपा बुरी तरहा से मुझे चूम रही थी चूम क्या काट रही थी...! और बडबडा रही थी हबीब चोद डाल मुझको मुझे लंड की बहुत ही प्यास लगी है और में लंड के लिए बहुत ही बेकरार हूँ...!भाई - आहा आ जाओ और फाड़ दो अपनी आपा की बुर हया शर्म छोड़ कर बहिन चोद बन जा ओ भाई आहा हा हा सिसिसिसिसी आआआआआ मुहान्न हहहः ऊऊऊऊउ हबीब आजा नाऔर अब आपा ने मुझे बिस्तर पर गिरा दिया और आपा मुझपर सवार हो गयी और आपा ने जल्दी से मेरा खड़ा लंड अपनी चूत में दल लिया और खूब ही झटके मारने लगी..
और मुझे बुरी तरहा से चूम रही थी और जब मेरा लंड आपा की चूत में गया तो में तो जैसे हवा में उड़ने लगा किसी चूत में पहली बार लंड डाला था वो भी आपा की चूत में में सुबह से ही गरम हो रखा था ,,,,,!और करीब दस ही मिनिट में में झड गया आपा ने उठ कर मेरा लंड पूरी तरहा से साफ़ कर दिया और बोली वह रे मेरे बहिन चोद भाई आज तो मज़ा आ गया और अब थोड़ी देर बाद हम फिर सेक्स करेंगे बीब .
मेरी हालत बहुत ही अजीब थी मैंने अब पहली बार आपा की चूत को देखा वहां एक भी बाल नहीं था और लाल लाल छेड़ बहुत ही मस्त लग रहा था आपा की चूत अम्मी से भी अच्छी लग रही थी मेरे से रहा नहीं गया और मैंने आपा की चूत में अपनी जीभ घुसा दी अब आपा बुरी तरहा से कर रही थी और चिल्ला रही थी - बहनचोद साले चाट ले अपनी आपा की बुर और मस्त भोसदा बना डाल इसको अपनी बहिन की चूत को फाड़ डाल
और अपनी अम्मी का दामाद बन जा कुते hhhhhhhhhhhhhhh आआआआआ आहा आहा हा ऊऊओ अल्ल्लाह आया आ आ अ अ आ आ
और आपा ने मेरे मुहँ में अपना पानी गिरा दिया ,,,फिर करीब एक घंटे बाद फिर हमने जोरदार चुदाई का मज़ा लिया और फिर रात को करीब तीन बजे हम दोनों नंगे ही सो गए ...
सुबह अम्मी ने आकर मुझे जगाया तो में उठा सुबह के नो बजे थे आप अभी भी सो ही रही थी में उठ कर खड़ा हो गया और अम्मी से चाय लेन को कहा तो अम्मी हंसने लगी ,मेरी समझ में कुछ नहीं आया फिर अम्मी से पूछा क्यों हंसती हो अम्मी तो अम्मी ने बोला कुछ नहीं चल यहाँ आप को सोने दे तू रसोई में चल में तुम्हे चाय पिलाती हूँ .
और में और अम्मी रसोई में आ गए और अम्मी धीरे से बोली - मेरा राजा रात किसी कटी और वो मुस्कुराने लगी में झेंप कर निचे देखने लगा और मेरी तो गांड ही फट गयी में तो एकदम ही नंगा थाअब में अम्मी की तरफ देखकर बोला अम्मी में तहमद डाल कर आता हूँ . अम्मी बोली - आपा के साथ तो नहीं डाला रे मेरे रजा और अम्मी ने मेरा खड़ा लंड पकड़ लिया ,अब मेरी हालत बहुत ही ख़राब थी दोस्तों मन मचल रहा था और लंड भी खड़ा हो गया था फेसले का वक्त आ गया था और में अब अम्मी की चूत में अपना लंड डालने की तैयारी
करने लगा की चाय उबल कर गिरने लगी अम्मी ने जल्दी से चाय छानी और मुझे दे दी .
मैंने कहा अम्मी आप चाय नहीं पीयेगी अम्मी बोली राजा तू चाय पी में कुछ और पियूंगी
और अम्मी ने मेरा लंड अपने मुंह में ले लिया और चूसने लगी
 अम्मी मेरा लंड बहुत ही अच्छे से चूस रही थी और में जन्नत की सैर कर रहा था की अचानक आपा रसोई में आ गयी और बोली अम्मी तुम भी सुबह सुबह ही चालू हो गयी हबीब रात को दो बार झडा था,बेचारा थक गया होगा . आपा भी मादर जात नंगी थी और वो अम्मी की चुचिया दबाने लगी .और अम्मी मेरा लंड चूसने के साथ मेरी गांड में एक अंगुली से खुजा भी रही थी मेरी हालत तो ऐसे थी की पूछो ही मत आपा अम्मी की चुचिया भी दबा रही थी और अम्मी की चूत में हाथ भी डाल रही थी और अचानक आपा का मोबाइल बजने लगा और आपा चली गयी.में और अम्मी थोड़ी ही देर में अपना अपना पानी नक़ल कर फ़ारिग हो गए और फिर अम्मी बोली की जाकर नहा ले राजा और में नहाने चला गया और नहाने के बाद जब में अपने रूम में आया.तो देखा की आपा वहा पर बेठी है और आपा बोली - हबीब आलिया का फोन था वो अपने जीजू यानी तुमसे चुदाना चाहती है और वो लगभग एक घंटे में यहाँ आ जाएगी अम्मी भी ये सब सुन रही थी अम्मी बोली - मेरे राजा अम्मी को मत भूल जाना इन नयी नयी चुतो के चक्कर में और अम्मी और आपा दोनों ही जोर से हंसने लगी ...
 मेरी जिन्दगी का ये बहुत ही अच्छा वक्त था दोस्तों हर तरफ चुतो की बहार थी और मेरे लंड की किस्मत चमक रही थी . इन सब के बीच घर का फोन बजने लगा अम्मी ने फोन उठाया लाइन पर अब्बू थे और वो तीन दिनों बाद आने वाले थे .में मन ही मन सोचने लगा की अब्बू आयेंगे तो अम्मी को तो अब्बू ही चोदेंगे.और में आराम से आपा की चूत में अपना लंड डालूँगा.
 दोस्तों मैंने अभी तक अम्मी की चूत में लंड नहीं डाला था...!पता नहीं क्यों मेरा दिल नहीं मानता था की में अपनी ही अम्मी की चूत में लंड डालू और में अब आलिया के बारे में सोचने लगा की आपा और अम्मी दोनों ही मेरे रूम में आ गयी....!
 और आपा ने मुझसे कहा हबीब मेरे भाई आलिया को पता नहीं चलना चाहिए की हम भाई और बहिन है और ये हमारी अम्मी है .
मैंने अम्मी को समझा दिया है आलिया के सामने में तेरी बेगम हूँ और अम्मी हमारी नौकरानी है जो की सब जानती है आलिया को सेक्स का बहुत ही शोक है और वो लंड की दीवानी है .
तो भाईजान शायद हम सब ग्रुप सेक्स का मज़ा ले .
मेरे दिमाग में एक बात आई की आपा सेक्स के बारे में इतना कैसे जानती है
और आपा ने किस किस से चुदा रखा है .अम्मी की आवाज आई -रजिया जरा यहाँ तो आ ना, आपा अम्मी के रूम में चली गयी पता नहीं क्यों मेरा दिमाग अंदर से बोल रहा था की कुछ तो है और में अम्मी के रूम पर दरवाजे पर चला गया और आपा और अम्मी की बातें सुनने लगा .
आपा - क्या है अम्मी बोलो ना .
अम्मी - रज्जो मेरी जान ये आलिया कौन है और ये वो तो नहीं है ना ...
आपा - अम्मी आपको तो पता है ना की में वो सब छोड़ चुकी हूँ और अब सिर्फ घर में ही सेक्स करती हूँ.  मेरा दिमाग तो पता नहीं कहाँ था और कोई बात मेरी समझ में नहीं आ रही थी.फिर में अपने रूम में आ गया और रूम में आपा की पेंटी पड़ी हुई थी जो आपा ने रात को पहनी थी
आपा की काले कलर की पेंटी जिसमे आगे और पीछे दो होल थे, जिससे आप बिना पेंटी उतारे ही गांड और चूत चोद सकते हो.. .!!
को उठा कर मैंने हाथ में लिया रात की याद फिर से ताज़ा हो गयी और मेरे सामने आपा की रसीली और मदमस्त चूत नाच उठी ....
और मेरा हाथ फिर से अपने लंड पर पहुँच गया ...!
और में अब सोचने लगा की कइसे दो दिन में ही सब रिश्ते और नाते बदल गए थे....!
आपा और अम्मी अब मेरे लिए ओरते बन चुकी थी, और जिस्मानी आग में जल कर अपनी सगी बहिन को चोद चूका था और अपनी अम्मी जिसकी चूत से मैंने दुनिया में कदम रखा था उसी चूत को हवस से चाट चूका था और जल्दी ही शायद चोद भी दूँ.
मेरे दिमाग में कुछ अजीब सी टेंसन हो गयी में सोचने लगा कहीं अम्मी और आपा और लोगो से तो नहीं चुद्वाती है और अम्मी और आपा आपस में क्या क्या राज की बातें छुपा के रखी हुई है ....!!!
 और कहीं इन सब बातो का बाहर वालो या अब्बू को पता लग गया तो क्या होगा ये सोच कर में परेशान हो गया और मेरा लंड अचानक ही मुरझा गया ....!
और में अम्मी के कमरे की तरफ गया अम्मी और आपा बेड पर बेठी थी और अम्मी ने आपा के बूब दबोच रखे थे ..!मुझे देख कर अम्मी बोली आओ आओ मेरे दामाद जी मेरी बेटी को सारी रात चोदते रहे हो और कंडोम भी नहीं लगाया .. और अम्मी और आपा हंसने लगी ..!
मुझे याद आया की कंडोम तो सचमुच नहीं लगाया था ...मैंने अम्मी से कहा अम्मी अब क्या करेंगे अम्मी बोली की कोई बात नहीं बेटा अभी तो आय - पिल ले लेगी बाद में
माला -डी लेना शुरू कर देगी.#तभी आपा का फोन बजा और आपा ने उठाया फोन आलिया का था ,वो पूछ रही थी की घर में शहद है या नहीं अम्मी ने कहा है,,, तो आपा ने आलिया को हां कह दिया और पूछा की कब आओगी आलिया ने कहा एक घंटा लग जायेगा आपा ने कह ओके और फोन काट दिया ..!अम्मी ने आज सलवार सूट पहन रखा था और आपा ने एक फ़्रोक जैसे ड्रेस पहन रखी थी जिसमे आपा बहुत ही सुंदर लग रही थी .
अम्मी बोली रज्जो बेटी ये आलिया तुमसे एक ही बार मिली और चुदवाने की बातें करने लगी बात क्या है ....?आपा - अम्मी उसका शोहर बाहर में रहता है और वो बहुत ही चुदासी हो गयी है कल जब उसने भाईजान को देखा तो उससे रहा नहीं गया और अब उसकी चूत लंड के लिए तड़फ रही है ...अम्मी तुम तो अच्छेसे वाफिक हो की जब ओरत को दो महीने लंड ना मिले तो ओरत की हालत क्या होती है और वो क्या क्या कर बैठती है...! औरआपा जोर जोर से हंसने लगी .
 अम्मी भी हंस रही  ,अम्मी बोली लेकिन रज्जो ये आलिया पहली ही मुलाकात में इतनी केसे खुल गयी की सीधे ही तेरे शोहर का लंड मांग लिया .
आपा बोली अम्मी आज के जमाने में लडकिया अब आगे बढ़ चुकी है और वो पढ़ी लिखी भी है और तो और अम्मी उसके शोहर ने उसे कह रखा है की जब चूत की खुजली सहन न हो तो किसी अच्छे और शरीफ लंड से चुदा लेना और तो और अम्मी आलिया और उसका शोहर ग्रुप सेक्स भी कर चुके है अम्मी- ये ग्रुप सेक्स क्या होता है , आपा - अम्मी जब चार पांच लोग एक साथ सेक्स करते है तो उसे ग्रुप सेक्स कहते है ..!अम्मी बोली रज्जो इसमें तो बड़ा ही मज़ा आता होगा ना ...? आपा बोली = हाँ अम्मी बहुत ही मज़ा आता है और जब आप दुसरे की चुदाई देखते हो तो और भी मज़ा आता है ,,अम्मी = अल्लाह कभी कभी में सोचती हूँ रज्जो ये फोरेन वाले कितना मज़ा लेते है तेरे अब्बू एक DVD लाये थे, जिसमे करीब बीस जोड़े खुले में सेक्स कर रहे थे और मस्ती भी कर रहे थे .और अब्बू ने बताया की वह के शेख लोग दो दो या तीन तीन बीबिया रखते है और उनके लिए वो अंग्रेजी लडको को बुलाते है तभी आपा ने कहा अम्मी एक बात बताओ की कल जब मेरी शादी हो जाएगी और बाद में हबीब की भी शादी हो जाएगी तो क्या तुम अपनी जिस्मानी जरूरते कइसे पूरी करोगी अम्मी गहरे सोच में डूब गयी और सोचने लगी तभी आपा बोली अम्मी इसी घर में हबीब अपनी बीबी को अपना लंड का मज़ा देगा और में अपने शोहर की बाँहों में मस्ती लुंगी तो तुम्हारा क्या हाल होगा अम्मी .अम्मी गुमसुम सी हो गयी और वो सुबकने लगी और अम्मी ने आपा को अपनी बाँहों में भर कर कहा मेरी बच्ची क्या करू में तेरे अब्बू तो खाली साल में बीस बार ही ठंडा कर पाते है .मुझको और तू जानती ही है की मेरी छुट में कितनी खुजली होती है .में यह देख कर हेरान भी था और अम्मी के लिए परेशां भी था . आपा ने मेरा हाथ पकड़ा और कहा = हबीब मेरे भाई हमारी अम्मी ने हमको नो महीनेअपनी कोख में रखा है और कितना दर्द सह करबहार की दुनिया दिखाई है क्या अम्मी के बारे में हमारा कोई फ़र्ज नहीं बनता है तुम ही बताओ ना अब्बू तीनमहीने में दिन ही आते है, और चले जाते है अम्मी की चूत में आग लगी रहती है उसको भीकोई चाहिए . और बेचारी अम्मीसारी रात केसे निकले ..में बोला आपा आप ही बताओ की हम क्या करे , आपा बोली - हबीब आज हम कसम खाते है की अम्मी की जिस्मानी जरुरतो को हम हर हालात में पूरा करेंगे और पहले अम्मी की हवस को पूरा करेंगे VADA करो भाई ,मैंने वादा किया और अम्मी ने खड़े होकर हम दोनों को गले से लगा लिया और बोली - अल्लाह सब को एसी ही ओलादे दे जो अपनी अम्मी की हर जरुरत को पूरा करे और अम्मी ने मेरा मुहँ चूम लिया और बोली बहिन की चूत मिल गयी,अब अम्मी का क्या करोगे राजा और अम्मी ने मेरा लंड पकड लिया में कुछ बोल पाता की आपा ने मेरा तहमद खोल लिया और मेरी गोलिया चूसने लगी और अम्मी ने मुझे बेड पर लिटा दिया और मेरे लंड पर बेथ गयी जबकि आपा मेरे मुंह पर अपनी चूत रगड़ने लगी मुझे ऐसा एहसास कभी नहीं हुआ था मेरा लंड अपनी अम्मी की चूत में था और मेरी जीभ आपा की चूत में थी और फिर तूफ़ान आया . जिस्मो की आग ने फिर एक बार रिश्तो को ताक पर रख दिया'' और हवस अपना खेल खेलने लगी और करी बीस मिनिट बाद मेरा पानी छुट गया जो अम्मी की चूत में चला गया और थोड़ी ही देर में आपा भी मेरे मुंह में ही झड गयी और इस तरह में ने पहली बार अम्मी की चूत में अपना लंड डाला .''रजिया आपा की मस्त जवानी केसी लगी दोस्तों और बूब की तारीफ भी करा मत भूल जाना ,आगे तस्वीरे आएगी अम्मी और आपा के लेस्बियन सेक्स की कोंन कोंन देखना चाहता है इनको कोमेंट करते रहना अभी बहुत कुछ बाकि है मेरे दोस्तों इस गरमा गरम चुदाई के बाद में तो वही अम्मी के बिस्तर पर ही सो गया और करीब एक घंटे बाद मुझे अपने लंड पर कुछ लगा तो मेरी नींद टूट गयी,सामने आलिया खड़ीथी...! और वो मेरे लोडे पर अपना हाथ फिर रही थी में चोंक ही गया और उसकी तरफ देखा , उसने जींस और कुरता पहन रखा था...,और वो स्लिम सी एकदमकरिश्मा कपूर सी थी और उसने लाल कलर की लिपस्टिक लगा रखी थी और उसकी नशीली आँखे तोगजब ही ढा रही थी में टक टाकी बांध कर उसे ही देखने लगा तभी मुझे ध्यान आया की मैंने कुछ भी नहीं पहना है तो मैंने चादर खिंच ली...!
तभी आलिया बोली = वाह जीजू क्या चीज छुपा रखी है आपने रजिया जीजी को तो जन्नत ही मिल गयी है
और आलिया ने मेरा लोडा पकड़ लिया और बोली वाह जीजू
क्या साली ऐसे ही बना लिया जानते नहीं हो की साली भी आधी घर वाली होती है और जब अल्लाह ने आपको ऐसा सामान बख्शा है तो उसको दुसरो को भी बांटो इसी में बरकत है ,तभी रजिया भी अंदर आ गयी ,------रजिया अंदर आकर बोली = आलिया देख लो तेरे जीजू को कितने बदमाश है दिन में भी नहीं छोड़ते है..! (आलिया के सामने हम शोहर और बीबी थे , और हमारी अम्मी नोकरानी थी )
जब भी मोका मिलता है तो मुझे थोक ही डालते है में तो इनसे परेशान हूँ,,,!आलिया ने जवाब दिया - रजिया तू पागल है दिन रात चूत की शिकाई होती रहे,,इससे ज्यादा एक ओरत को क्या चाहिए और तुम्हे तो अपने शोहर पर फख्र होना चाहिए की,वो तुम्हे पूरा तुप्त करता है , एक मेरा शोहर है जो खाली फोन से ही बातें करता है,,और साल में एक महीने ही आता है'उसमे भी चुदाई कम करता है मेरी चूत की खुजली मुझे इतना तंग करती है..
की क्या बताऊ कभी कभी तो ख्याल आता है..,की मेरे ससुर से ही चुदा लूँ..,लेकिन किसी तरहा मन को काबू में करती हूँ रजिया तेरी खुश नसीबी है की तुझे रोजाना लंड मिलता है .घर पर मेरे ससुर जब रात को सास की चूत बजाते है,, और बाजु के कमरे में में जब सास की कराहे और सिसकिया सुनती हूँ,,,तो मेरी चूत में चींटिया काटने लगती है,और कभी जब माल में कोई अच्छा लड़का दीखता है,,जीजू जेसा तो मुझसे रहा नहीं जाता और फिर चूत की शिकाई इससे करनी पड़ती है ,,ये कहकर आलिया ने अपने पर्स से एक प्लास्टिक का लंड करीब 8''inch का था निकाल के दिखाया ....रजिया उसे हाथ में लेकर देखने लगी और बोली
आलिया ये कहाँ से आया तेरे पास आलिया बोली मेरी अम्मी ने दिया था और बोली थी बेटा जब तेरा शोहर तेरे पास नहीं हो और निचे खुजली हो रही हो
तो इससे बुझा लेना .में ये सुन के चोंक ही पड़ा .
तभी रजिया बोली आलिया इसमें और भी साइज़ आते है क्या और ये कहाँ मिलता है आलिया बोली हां सब साइज़ आते है मेरी अम्मी ने तो 12inch का ले रखा है,जब भी अब्बू बाहर जाते है तो अम्मी उसी से काम चलती है और आलिया हंस पड़ी...!!!!!
में पूरा नंगा ऐसी बातें सुन कर ताव में आ गया और मेरा लोडा फिर बड़ा होने लगा'की अम्मी की आवाज आई रजिया खाना कितने लोगो का बनाऊ और रजिया बाहर चली गयी . और आलिया मेरा लंड पकड़ कर मुझे चूमने लगी और हम एक दुसरे को चूमने लगे और जिस्मो को रगड़ने लगे ...!!!-----तभी आलिया अंदर आ गयी और हमें देख कर बोली क्या बात है बहिन के लंड पर ही डाका डाल रही है आलिया ,आलिया बोली - एक बहिन ही दूसरी बहिन के काम आती है और क्या तू यह चाहती है की में अपनी जवानी की आग किसी ऐरे गेरे से बुझाऊ,और रजिया तेरी नोकरानी तुम दोनों को नाम लेकर बुलाती है क्या ,रजिया ने जवाब दिया - अरे आलिया यार क्या बताऊ तुम्हे तेरे जीजाजी एक नम्बर के चुद्द्कड़ है में कभी मायके जाती हूँ तो ये हाथ से काम चलाते है, और ऐसे ही एक दिन नोकरानी ने इनको देख लिया और फिर तेरे जीजू ने उसको भी छोड़ डाला अब तो वो हमारी राजदार भी है और तेरे जीजू की रखेल भी है ,आलिया हंसने लगी और बोली लेकिन वो उम्र में तो तेरी सास जेसी लगती है रजिया ...!
रजिया ने जवाब दिया तो क्या हुआ जिस्म की आग कहा ये सब देखती है और और वो दोनों फिर हंसने लगी ..
आलिया बोली -तेरी नोकरानी का नाम क्या है रजिया ,,रजिया ने कहा - नजमा ,,तो आलिया चोंक पड़ी और बोली क्या यही तो मेरी सास का नाम है यार ,,मेरी सास तो एक नम्बर की हरामी है ,,और जवानी में खूब चूत को रगड़ वाया था उसने लोग एसा कहते है रजिया ..!
आलिया बोली - जीजू अब रहा नहीं जाता है एक बार तो अपना सामान डाल दो ना मेरी चूत में प्लीज जीजू अल्लाह आपको सलामत रखेगा,,मेरी चूत आपको बहुत ही दुआए देगी और आलिया ने अपने मुंह में मेरा लंड भर लिया और चूसने लगी और आपा भी मैदान में आ गयी ...!!!
आपा आलिया के कपडे उतारने लगी और बेड पर आ गयी में बेड के किनारे पर बेठा था, आलिया मेरे लंड पर झुकी हुई थी और आपा उसकी पेंट उतार रहीथी फिर आपा ने उसकी टीशर्ट भी उतार दी ,में आलिया की नंगी जवानी देखने लगा , उसकी चुचिया करीब 32'' की थी और लाल ब्रा में बहुत ही हसीन लग रही थी ,आलिया का बदन अकदम चिकना था और फिर मैंने उसके बूब दबा डाले तो आलिया सिस्याने लगी और बोली जीजू क्या करते हो इतने जोर से नहीं दबाओ ना
और मैंने उसकी ब्रा उतार दी और पेंटी की तरफ हाथ बढाया तो आलिया बोली जीजू क्या अपनी साली को चूत दिखाई नहीं दोगे ,,मैंने कहा क्या चाहिए बोलो .... आलिया ने कहा जीजू ये उधार रहा मुझे जब जरुरत होगी आपसे मांग लुंगी और फिर मैंने आलिया की पेंटी उतार दी ,पेंटी उतेरते ही जो नजारा दिखा में तो पागल ही हो गया
छोटी सी लाल लाल उभरी हुई चूत और हलकी हलकी झांटे वह क्या चूत थी .
अल्लाह सचमुच मुझ पर मेहर बान था ,, मेरे मुंह में पानी आ गया और में ने अपना मुहं आलिया की चूत की तरफ बढ़ा दिया ,,और मेरी जीभ अपना रास्ता खोजने लगी और मुझे वो जन्नत का दरवाजा मिल ही गया नमकीन सा और खट्टा सा स्वाद आ रहा था और कोई डियो की खुसबू भी आ रही थी ,,और में अपना मनपसंद टोनिक चाटने लगा आपा भी अब मेरे पीछे आ गयी और मेरी गांड पर अपनी चूत रगड़ने लगी और मेरे बूब को दबाने लगी ,अचानक आलिया बोली - रजिया जरा शहद तो लाओ ना .
मेरी कुछ समझ में नहीं आया लेकिन में आलिया की चूत चाटने में लगा रहा . रजिया शहद ले आई और आलिया ने मुझे खड़ा किया और मेरे लंड और गांड और मेरे गालो पर शहद लगा दिया ...!!! और रजिया के साथ भी यही किया फिर खुद भी लगा लिया और बोली आओ जीजू अब चाटो और देखो कितना मजा आता है . और वो मेरे लंड को मुंह में लेने लगी मेरा लंड अपने पुरे साइज़ में आ गया था और झटके खा रहा था ...! में आपा के बूब चाट रहा था आलिया की जीभ मेरे लंड के छेड़ पर घूम रही थी ...!!!
और वो मेरी गोलियाभी हलके हलके दबा रही थी फिर वो अपनी एक अंगुली मेरे गांड के छेड़ पर फिराने लगी और में मस्ती की दुनिया में खोरहा था फिर आलिया और रजिया ने मुझे बेडपर लिटा दिया और आलिया मेरे उपर आ गयी और बोली आओ जीजू अब असली काम करो और आलिया ने अपनी चूत को मेरे लंडपर रख दिया..!
उसकी चूत के अंदर एक अलग ही अहसास था और कशिश सी थी और वो बार बार अपनी चूत को भींच रही थी और उसने अपने होंठ मेरे होंठो से सिल लिए थे और फिर चुदाई का दोर चालू हो गया . धक्के पर धक्का लग रहा था और वासना की नयी दास्ताँ लिखी जा रहीथी और करीब दस मिनिट में मेरा लावा आलिया की चूत में समां गया और तुरंत ही आलिया भी झड गयी ....
 और फिर अम्मी की आवाज आई रजिया खाना बन गया है पहले खाना लगादुं या चाय कोफ़ी लाऊ...?
रजिया ने कहा कोफ़ी ले आओ नजमा (आपा ने जब अम्मी को नाम से पुकारा तो मुझे अजीब सा लगा ) दस् मिनिट में अम्मी कोफ़ी लेकर आई अंदर हम तीनो नंगे ही थे ,
 आलिया की तरफ अम्मी गौर से देखने लगी और बोली .
बेटी एक बात पुछू तेरे से आलिया बोली हा हा जरुर ..!
अम्मी ने कहा - तेरी चूत देख कर लगता नहीं है की तुम शादी शुदा हो क्योंकि शादी होने के बाद जब रोजाना चुदाई होती है
तो चूत काली होने लगती है ,,, आलिया बोली नहीं चाचिजान बात यह है की मेरे शोहर जो मेरे मामा का ही लड़का है ...!
 जब में की थी तब मुझसे चुम्मा चाटी करता था, तब में सेक्स के बारे में इतना जानती नहीं थी और ऐसे ही एक दिन वो हमारे घर में आया घर में कोई नहीं था और वो मुझसे छेड़ छाड़ करने लगा और मेरे शरीर के अंगो को दबाने लगा , चाची में भी उतेजित हो गयी और फिर उसने मुझे नंगा कर दिया और मेरी चुचिया चाटने लगा , पहली बार मुझे ये अहसास हो रहा था चाची में भी वासना में बेबस हो गयी . और मैंने अपने आप को उसको सोंप दिया ...!
वो मेरे मुंह को चूम रहा था और मेरी चूत को अपने हाथो में भर रहा था फिर उसने मुझे वहीँ आँगन में ही लेटा दिया और मेरे उपर चढ़ने लगा की अचानक अम्मी और अब्बू आ गए और हमें पकड़ लिया , अम्मी ने मुझे मारा, लेकिन अब्बू बोले रहने दो, दो आलिया की अम्मी इसमें लड़की की क्या खता है ...! फिर उन्होंने शाहिद( आलिया का पति ) के अब्बू यानि मेरे मामाजान को घर बुलाया और ये सब बता दिया फिर सबने फेसला किया और हमारी शादी करवा दी .
 और में शाहिद की बीबी बन गयी तब में सिर्फ 18 साल की ही थी ..! और चाची मेरी चूत में सिर्फ एक ही अंगुली डाला करती थी , सुहागरात के दिन मेरे कमरे में शाहिद आये और दरवाजा बंद कर लिया और मेरे पास आ गए और मुझे मुंह दिखई दी.
और फिर मुझे नंगा करने लगे में सेक्स के बारे में इतना नहीं जानती थी चाची और फिर वो मेरी चूत पर अपना लैंड जो करीब 6.5''inch का था .मेरी कुंवारी चूतमें डाल दिया और करीब पांच ही मिनिट में झड गए और फिर वो सो गए ..मुझे मज़े का अहसासतो हुआ लेकिन वो चरम सुख नहीं मिला था चाची एक महीने तक वो मुझे चोदते रहे और एक महीने के बाद वो अरब चले गए नोकरीकरने ..में घर पर एकदम हीबोर होने लगी और में एक दिन अम्मी के घर गयी और उनसे यह सब बताया...!! की अचानक मेरी सहेली शिल्पा जो मेरी पड़ोसन भी थी .हमारे घर आ गयी
उसने यह सब सुन लिया वो अम्मी से बोली - चाची जान मेरी मानो तो आलिया को मेरे साथ काम लगादो वह इसका दिल भी लगा रहेगा और कुछ कमा भी लेगी.
और आप तो जानती ही हो आजकल माल में ज्यादा काम वाम भी होता नहीं है और पगार भी अच्छी मिलती है ....!!!लेकिन अम्मी बोली - शिल्पा इसके अब्बू माने तब ना, इसके ससुर को तो में मना लुंगी(वो अम्मी के भाईजान ही तो थे ) ..!!
तभी अब्बू आ गए और शिल्पा ने अब्बू के आगे यह बात छेड़ दी अब्बू ने हां करदी में बहुत ही खुश थी और शिल्पा से लिपट गयी .

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अम्मी ने गांड मरवा दी मेरी

Sunday, 20 March 2016

मेरा नाम हबीब है में मुंबई में रहता हूँ में १८ साल का हूँ ,घर में मेरी अम्मी (४६) और आपा (२२) के साथ रहता हूँ ,मेरे अब्बाजान दुबई में नोकरी करते है , में बचपन से ही सेक्स की जानकारी नहीं के बराबर रखता हु, और जब में 16 साल का था तो अब्बू ने मेरे को पि सि लाकर दिया था, or ghar  par  brodband  ka  कनेक्सन भी करवा दिया था,अब्बू हर तिन महीने से घर आते रहते है , आपा (जिसका नाम रजिया है ) कॉलेज छोड़ चुकी है ,  और बच्चो को टुसन पढ़ाती है, वो दिखने में बहुत ही हसीं है ,
 अम्मी (जिसका नाम नजमा है ) थोड़ी मोटी है लेकिन पेट बहार नहीं आने दिया है , एक साल पहले मेरे अब्बू आये तो उन्होंने एक टूटर को मेरे लिए लगा दिया , वो टूटर hindu  था  और बहुत ही smart  था , वो ४० साल का था और कंवारा था ,
 एक दिन अम्मी और आपा दोनों ही किसी काम से बहार गयी थी , और टूटर जिसका नाम राज है वो aa  गया और मुझसे अम्मी के बारे में पूछा.
मैंने जब बताया की वो और आपा कल ही आएगी तो वो खुश हो गए , और बोले तुम्हारे pc  पर में काम कर सकता हूँ क्या मैंने कहा क्यों नहीं सर
और सर ने नेट पर एक साईट  चलादी जिसमे बहुत ही सेक्सी विडिओ थे , raj sir ne उसमे एक विडिओ दिखाया जो गे विडिओ था उसमे एक लड़का एक आदमी का लुंड चूस रहा है और बाद में गांड भी मरवाता है'में पहली बार ये सब देख रहा था , मुझे बहुत ही अजीब लग रहा था , और अच्छा भी लग रहा था.
फिर सर ने धीरे धीरेमेरा लंड सहलाना शुरू कर दिया , अब सर ने मेरी चुम्मी ले लीऔर कहा की कैसा लग रहा है में तो पागल ही हो गया था . बहुत ही मजा आरहा था क्योंकिपहले कभी मैंने ये सब नहीं किया था.
सर ने मेरा लंड पजामे से बहार निकल लिया और बोले = हबीब तेरा तो लंड बहुत ही छोटा है ,तू इसकी मालिश नहीं करता है क्या ,मैंने कहा नहीं सर तो सर ने कहा - अगर तू मालिश नहीं करेगा तो तेरा लंड छोटा रहा जायेगा और तू कभी अपनी बेगम को चोद नहीं पायेगा ,
क्या तुमने कोई लड़की को चोदा है कभी मैंने कहा नहीं सर ,सर ने कहा - अभी तक कोई लड़की को नहीं चोदा तुम 18 साल के हो चुके हो , जब की मुसलमानों में तो 18 साल के लड़के 2-3 बच्चो के बाप बन जाते है ,और तुम अभी तक लंड हिलाना भी नहीं सीखे हो .मुझे अजीब सा लग रहा था पर मज़ा भी बहुत आ रहा था ,सर मेरा लंड हिला रहे थे और मेरी पप्पिया भी ले रहे थे , तभी कालबेल बजी मेरा खड़ा लंड एक ही झटके में बेठ गया . बहार मेरा दोस्त जुनेद आया था , वो भी राज सर से ही टुसन पढता था उसे देख कर राज सर बहुत ही खुश हो गए और उसको गले से लगा लिया ,और सर ने जुनेद से पूछा -जुनेद तुम्हारी अम्मी कैसी है . जुनेद बोला ठीक है सर आपको बहुत ही याद करती है ,मुझे भी आपकी बहुत याद आती है
आप ने तो घर आना ही छोड़ दिया है . राज बोले जुनेद क्या करू तेरे बाप ने तो मेरी इज्जत ही ख़राब कर दी थी .जुनेद ने कहा - अब कोई डर नहीं है अब्बू कुवैत गए है और महीने से आयेंगे आप आराम से घर आओ अम्मी आपको बहुत ही याद करती है ,यह सुनकर राज सर बहुत ही खुश हो गए और उन्होंने जुनेद को
अपनी गोद में बिठालिया और उसकी पप्पी करने लगे . मेरी समझ में कुछ नहीं आ रहा था तभी सर ने पूछा हबीब तेरी अम्मी कब आएगी मैंने कहा वो तो कल ही आएगी.
सर बोले आओ फिर आज में तुम्हे जन्नत की सैर कराता हूँ. अब सर ने जुनेद की पेंट उतर दी और मुझे भी अपना पजामा उतारने को कहा सर भी अपनी पतलून उतारने लगे ,में थोडा डर रहा था तभी जुनेद बोला हबीब मेरे यार डर मत सर बहुत ही मज़ा देते है और जुनेद मेरे पजामे को उतार कर मेरे लंड को हिलाने लगा और अचानक ही उसने मेरे लंड को अपने मुंह में ले लिया में तो जैसे हवा में उड़ने लगा ,आज जिन्दगी में पहली बार इतना मज़ा आ रहा था जुनेद मेरा लंड चूस रहा था और सर ने अपना लंड खड़ा किया सर का लंड बहुत ही गोरा और लम्बा था करीब १० इंच का और २ इंच मोटा भी था .अब सर जुनेद के पीछे चले गए और जुनेद की गांड पर अपना थूक लगाने लगे . मुझे लगा की अब तो जुनेद की गांड फट ही जाएगी लेकिन जुनेद तो पूरा का पूरा लंड अपनी गांड में झेल गया ,और मेरा लंड जोर जोर से चूसने लगा थोड़ी देर बाद मुझे ऐशा लगा की में उड़ रहा हु अचानक ही मुझे पेशाब के जैसा लगा ,और मेरे लंड से सफ़ेद सा कुछ निकलने लगा और वो सब जुनेद निगल गया . थोड़ी देर बाद सर भी जुनेद की गांड में ही झड गए . जुनेद ने सर का लंड भी चाट चाट कर साफ़ कर दिया  ,जुनेद ने अपना लंड जो मेरे से भी छोटा था उसको हिलाने लगा और वो भी झड गया ये मेरी जिन्दगी का पहला तजुर्बा था .फिर सर चले गए घरपर में और जुनेद ही रह गए जुनेद मेरा दूर का रिश्तेदार भी लगता था .रत को हम एक ही बिस्तर पर सो गए और हम बातें करने लगे, मैंने जुनेद से पूछा ये सब कब से चल रहा है तो जुनेद ने बताया की बात एक साल पहले की है .जब उसने राज सर से टुसन चालू की थी राज सर दोपहर में उसको पढ़ने आते थे ,तब जुनेद के घर में जुनेद की अम्मी और जुनेद ही होते थे कभी कभी जब सर आते तो जुनेद को उसकी अम्मी कोई काम से उसको बहार भेज देती थी ,ऐसे ही एक दिन जब जुनेद की अम्मी ने उसको किसी काम से बहार भेजा तो थोड़ी देर बाद जुनेद को याद आया की वो पैसे तो लाया ही नहीं .जब जुनेद वापस घर आया तो घर का मेन गेट बंद था तो जुनेद पीछे के रस्ते से घर में आया तो उसने देखा की राज सर उसकी अम्मी के साथ एकदम नंगे बिस्टर पर लेटे हुए है . जुनेद सब समझ गया . तभी राज सर ने उसको देख लिया और राज सर ने उसे इशारे से चुप रहने को कहा और जब चुदाई पूरी हो गयी तो राज सर जुनेद की अम्मी के मुंह में झड गए अब जुनेद वापस मेन गेट से घर के अंदर आया .राज सर ने जुनेद को 200=रूपये दिए और कहा किसी को पता चला तो तुम्हारे घर की बहुत ही बदनामी होगी .
अब जुनेद भी अपनी अम्मी से खुलने लगा और एक दिन उसके अब्बू किसी काम से दिन के लिए बहार गए थे और जुनेद को पैसो की जरुरत पड़ी तो उसने अपनी अम्मी को कहा
अम्मी ने मना कर दिया तो जुनेद ने अम्मी को धमकी दी वो अब्बू को सर के बारे में बतादेगा. अम्मी एकदम से सकपका गयी और उससे माफ़ी मांगने लगी , अम्मी ने उसको समझाया की वो ये सब कीसी से नहीं कहेगा और जुनेद को पैसे भी दिए .
दुसरे दिन सर जब आये तो अम्मी ने उसे बहार जाने को कहा तो जुनेद ने कहा मुझे भी अब देखना है की आप लोग क्या करते हो सर ने भी अम्मी से कहा कोई बात नहीं
जुनेद अपना ही बच्चा है और राज सर ने जुनेद के सामने ही उसकी अम्मी को चोद डाला और राज सर ने अपना पूरा माल अम्मी के मुंह पर उढेल दिया—और उस रात को सर ने जुनेद की अम्मी को चार बार चोदा और जुनेद को भी लंड हिलाना सिखा दिया ,
अब जुनेद अपनी अम्मीके सामने ही अपना लंड हिलाता और उसकी अम्मी सर से चुद्वाती थी .
एक दिन उसकी अम्मी को पीरियड आ रहे थे और वो दो तिन दिन से राज सर को चूत नहीं मिल रही थी ,और राज सर ने अम्मी को कहा आज गांड मरने दो ना लेकिन अम्मी बोली नहीं मैंने कभी गांड नहीं मरवाई है सर बोले टेंसन मत करो बहुत ही मज़ा आएगा . और सर ने मुझसे कहा जाओ थोडा तेल लेकर आओ .में तेल लाया और सर ने जुनेद के सामने ही उसकी अम्मी को नंगा कर दिया और उसकी गांड के छेड़ पर तेल डाल दिया और सर ने अपना लंड अम्मी की गांड में धीरे धीरे डालने लगे अम्मी करह रही थी सी सी सी सी सी आहा हा हा अल्लाह आह मर गयी अपना लंड निकाल लो राज अब दर्द हो रहा है
सर ने कहा बस दो मिनिट और सर ने अपना पूरा लंड अम्मी की गांड में ठेल दिया अम्मी जोर से चिल्लाई है अल्लाह और अम्मी रोने लगी मैंने सर से कहा प्ल्ज़ छोड़ दो मेरी अम्मी को तो सर ने कहा -जुनेद पहली बार गांड मारा रही है इसलिए दर्द हुआ है दो मिनिट में अम्मी चुप हो गयी और सिसकिय भरने लगी और कहने लगी राज आहा मज़ा आ रहा है दल दो पूरा फाड़ दो मेरी गांड आहा आहा और करीब दस मिनिट में सर अम्मी की गांड में ही झड गए –
---और पुरे तिन दिन राज सर ने अम्मी की खूब गांड मारी , इसी बीच में और अम्मी काफी खुल चुके थे में कभी कभी अम्मी के बूब छू लेता था और अम्मी भी रात में कभी कभी मेरा लंड हिला देती थी , फिर अब्बू जब वापस आये तो वो दिन को घर में ही रहते थे इसलिए अम्मी सर से नहीं चुदा सकती थी . एक दिन अब्बू आये और रात को जोर की आवाजे अम्मी के रूम से आई में वह गया तो अम्मी अब्बू से कह रही थी -तुम खाली आग लगते हो और छोड़ देते हो अपना पानी तो निकाल लेते हो लेकिन मेरा क्या
अब्बू बोले क्या करू में मेरा लंड तो ठीक है लेकिन तेरी चूत बड़ी हो गयी है अम्मी बोलने लगी मेरा पानी निकालो अब्बू ने कहा कैसे अम्मी ने कहा चाटकर तो अब्बू को गुस्सा आ गया और अम्मी को गालिया देने लगे , और बाद में अब्बू नींद की गोली लेकर सो गए . रात को करीब तिन बजे अम्मी ने मुझे जगाया और कहा जुनेद बेटा मेरे से रहा नहीं जा रहा है और चूत में बहुत ही खुजली हो रही है , और तेरे सर भी कई दिन से मुझे छोड़ नहीं पा रहे है. अब तू ही कुछ कर न मैंने कहा में क्या करू अम्मीजान तो अम्मी ने कहा आज अपनी अम्मी को अपनी जान बनाले और अम्मी मुझसे लिपटने लगी लंड तो मेरा भी खड़ा हो रहा था में भी अम्मी से चुम्मा छाती करने लगा मैंने कहा अब्बू तो नहीं जग जायंगे अम्मी बोली नहीं रे वो तो सुबह ही उठेंगे .-- अम्मी मेरा लंड चाटने लगी मेरा लंड करीब छः इंच का था पूरा खड़ा हो गया और अम्मी ने अपनी सलवार उतर दी अंदर से वो पूरी नंगी थी और झांटे भी थी
अम्मी बोल छोड़ ना और हवस की आग में में अपनी ही अम्मी की चूत जहाँ से में निकला था वही पर अपना लंड डालने लगा और बीस तीस धक्को में ही मेरा पानी निकाल गया लेकिन अम्मी जो सर से  आधा आधा घंटा चुत्वती थी वो और भड़क गयी और बोली जुनेद अपनी अम्मी पर एक अहसान कर आज अपनी अम्मी की चूत को चाटकर इसमें से पानी निकाल दे
---और अम्मी ने मेरा मुहँ पकड़ कर अपनी चूत से सटा दिया और रगड़ने लगी मेरे मुहँ में नमकीन और खट्टा सा स्वाद आने लगा और में अपनी ही अम्मी की चूत चाटने लगा .
करीब बीस मिनिट के बाद अम्मी की बुर पानी छोड़ने लगी और में पूरा पानी पी गया .
अब तो अम्मी और में जब चाहते अपनी प्यास बुझा लेते . और जब अब्बू बहार जाते तो अम्मी सर से चुद्वाती थी सर ने अम्मी को बहार भी लेजाना चालू कर दिया
बहार लेजा कर सर अपने दोस्तों को अम्मी चुद्वाते थे और अम्मी को पैसा भी दिलवाते थे .अम्मी मेरा पूरा ध्यान रखने लगी और पैसा भी देने लगी .
इसी तरह पिछले महीने मेरे चाचा जान जो गाँव में रहते है की तबियत अचानक बिगड़ गयी और अब्बू और अम्मी दस दिन के लिए गाँव चले गए .
 दुसरे दिन सर मुझे पढने आये और बोले आज तो मेरा लंड खड़ा हो गया है . अम्मी कहाँ है तो मैंने उनको बताया .तो वो बोले जुनेद आजतुम गांड मरवा लो ना प्लीज और सर ने मेरा लंड पकड़ लिया और हिलाने लगा में डर गयाकी अब तो मेरी गांड फट जाएगी ,सर ने कहा डरो मतफिर सर ने मुझे नंगा कर दिया और मुझे चूमने लगे और सर ने मेरा लंड भी चूसा फिर सर ने अपनी एक अंगूली मेरी गांड मेंधीरे धीरे डाली
और आगे पीछे करने लगे पहले दर्द का अहसास हुआ लेकिन थोड़ी देर में मज़ा आने लगा फिर सर ने मेरी गांड के छेड़ को चाटना चालू किया हबीब मेरे भाई क्या बताऊ कितना मज़ा आया सर ने अपनी जीभ मेरी गांड में डाल दी
और उसे आगे पीछे करने लगे और सर बोले जुनेद थोडा सा दर्द जरुर होगा लेकिन मज़ा बहुत ही आएगा तुमने अपनी अम्मी को देखा होगा की कैसे अपनी चूत से ज्यादा अपनी गांड मरवाती है मुझसे और सर की बातों से मेरी हिम्मत बन गयी और सर ने अपना दस इंच का लंड मेरी गांड में धीरे-धीरे डालने लगे और एक झटके में पूरा लंड मेरी गांड में डाल दिया मुझे ऐसा लगा की में मर जाऊंगा लेकिन दो ही मिनिट में
मेरी गांड में सर का लंड एडजस्ट हो गया अब सर अपना लंड आगे पीछे करने लगे और आधे घने तक मेरी गांड मारी फिर अपना पानी मेरे मुहँ में निकला और जाते समय मुझे पांच सौ रूपये भी दिए . --तिन दिन बाद राज सर ने कहा आज कहीं बहार चलते है और में उनकी बाइक पर चल दिया शहर से बहार एक फार्म हाउस था
वहा पर सर का एक दोस्त और आ गया जिसके साथ एक चालीस साल की ओरत थी फिर हम फार्म हॉउस के अंदर गए वो फार्म हॉउस सर के दोस्त का था उस दोस्त को बड़ी उम्र की ओरतो और लडको की गांड का बहुत ही शोक था, और वो अम्मी को भी छोड़ चूका था और जो ओरत उसके साथ थी वो रिश्ते में उसकी फूफी लगती थी फिर हम सब नंगे हो गए और सर ने उस ओरत जिसका नाम रानी था को चोदना चालू किया और सर का दोस्त जिसका नाम लाला था उसने मेरी गांड मारी फिर मैंने रानी को चोदा और चार घंटे बाद सर ने मुझसे कहा चलो चलते है जाते समय लाला ने मुझे दो हजार रूपये दिए .हबीब अब इस बात कोदो महीने बीत गए है अम्मी की चुदाई और गांड मराने का मज़ा कैसा होता है तुम भी जान लो और जुनेद मेरा लंडमुथ्ठियाने लगा और मेरा पजामा खोल लंड चूसने लगा .
और जुनेद ने कहा मेरी गांड मारो हबीब.उस रात मैंने दो बार जुनेद की गांड मारी और सुबह जुनेद ने कहा की में तुम्हे अपनी अम्मी जरुर चुदा उंगा . अब मेरा लंड भी अपनी ही अम्मी और आप को देख कर खड़ा होने लगा और में उनके बारे में सोच सोच कर रात को मुट्ठिया मारने लगा था ,एक दिन रात में जब में पीसी पर पोर्न देख रहा था तो मेरे कानो में कोई आवाज पड़ी जो शायद अम्मी के कमरे से आई थी आपको बतादू मेरे घर में तीन रूम है
जब अब्बू नहीं होते है तो आप और अम्मी एक ही साथ सोती है .में धीरे से बहार आया और अम्मी के रूम के पास जाकर कान लगाया तो मेरी तो हैरत का ठीक ही ना रहा ....अंदर से मेरी अम्मी की आवाज आ रही थी जो आपा से कह रही थी = आहा रजिया क्या करती है थोडा और जोर से डाल न मेरी जान मेरी बुलबुल ,आहा चोद डाल अपनी अम्मी की बुर इस प्लास्टिक के लंड से आहा आहा सी सी सी आआआआआआअ डाल दे पूरा कुतिया तेरा अब्बा तो गांड ही मारता है,कम से कम तू इस प्लास्टिक के लंड से अपनी अम्मी को राजी कर दे रजिया तुम तो अपने दोस्तों से चुदवा लेती हो हाय कभी अम्मी को भी चुदवा दे ना.
रजिया मेरी रंडी बेटी तेरा अब्बा भी तुझे चोदना चाहता है हाय आहा हा हहहहहः मेरे मालिक रजिया आहा हाहा मेरा निकल गया हाय ,,और अम्मी की आवाज बंद हो गयी .
आपा की आवाज आई अम्मी तुम तो मतलबी हो तेरा काम हो गया लेकिन मेरी बुर का इलाज कोन करेगा चलो पहले इसको चाटो और फिर ये ही लंड मेरी चूत में डालो ना मेरी प्यारी अम्मी .और रजिया ने आगे जो अम्मी से कहा वो सुन कर तो में पागल ही हो गया रजिया ने कहा की अम्मी हबीब के सर है ना बहुत ही चुदक्कड़ और गांडूहैऔर वो बहुत सीलडकियों की चूत और लडको की गांड मार चुके है ,और अम्मी ने कहातुमको कैसे मालूम तो रजिया बोली में जहाँ पढ़ाने जाती हूँ ना वहा रोजी आंटी जिसके दोनों बच्चो को में पढ़ाती हूँ उनकेसाथ में दो बार राज सर को देख चुकी हूँ वोभी
अजीब हालत में अक दिन तो राज सर का हाथ मैंने रोजी की स्किर्ट में देखा था ,अम्मी ने कहा -क्या बात करती हो रजिया ,हाँ अम्मी और तो और वो सिन्धी बनिया नहीं है जिसकी छोटी बेटी मेरे साथ पड़ती थी और जिसके साथ मैंने पहली बार लेस्बो सेक्स किया था और तुमने मुझे उसके साथ पकड़ा था
अम्मी - अरे टीना क्या ,,,---------------रजिया - हां अम्मी वो राज सर से दो तीन बार चुदा चुकी है उसने मुझे बताया की राज सर का लंड दस इंच का है और वो अपनी झांटे एकदम साफ रखते है,और चूत भी चाटते है और वो पैसे भी देते है ,और निरोध लगाकर छोड़ते है यानि कोई खतरा भी नहीं ,और अम्मी अक बार जब टीना और राज सर चुदाई कर रहे थे तो टीना का भाई विक्की आ गया तो राज सर ने उसे भी
पता लिया और विक्की की गांड मारी और टीना की चूत भी चटाई अम्मी में तो बोलती हूँ की रोज रोज प्लास्टिक के लंड से चुदने से अच्छा है की हम राज सर से सेट्टिंग करले . अम्मी वो बहुत ही पैसे वाले भी है अम्मी -पर रज्जो घर में हबीब भी है ना ,
 रजिया - उसको में पटा लुंगी मेरी अम्मी , अम्मी - पर कैसे रज्जो , रजिया - तुम कल उसको बोलना की रजिया को बहार घुमा कर लाया कर अब्बू ने नई मोटर साइकिल दिलाई है ना
और में उसके पीछे बैठ कर घुमुंगी और अपने बोबे जब उसकी पीठ से रगर उंगी तो उसके दिल में भी अपनी आपा के बारे में हवस जग जाएगी ,अम्मी - रजिया तुम अपने ही भाई से चुदवाने का सोच रही हो क्या ,रजिया - अम्मी तुम भी तो मामा जान से चुद चुक्की हो ,ये सब सुन कर मेरा लुंड बुरी तरह से खड़ा हो गया और में वही पर अपना लंड हिलाने लगा पता नहीं क्यों मुझे ये सब अच्चा लग रहा था.(हबीब और रजिया की सुहागरात और अम्मी का सर के साथ सुहागदीन ) मुझे सुबह का इन्तजार था मेरी आँखों के सामने मेरी आपा के बूब और आपा के रसीले होंठ आ रहे थे रात को मैंने दो बार और पानी निकाला,
और थका हुआ में नंगाही सो गया (में आपको बतादू की अम्मी सुबह हमेशा मुझे आकर उठती है और चाय पिलाती है)सुबह अम्मी ने आकरजगाया और जल्दी से उठाया और कहा - हबीब शर्म नहीं आती है घर में जवान बहिन है और तू नंगा सोता है और ये क्या बिस्तेरभी ख़राब कर दिया .हाई अल्लाह क्यामुहं दिखाउंगी तेरे अब्बू को ये सब पता चल गया तो वो तुझे मार ही डालेंगे (मेरे अब्बू का गुस्सा बहुत ही खतरनाक है )डर के मरे मैंने अम्मी के पैर पकड़ लिएऔर कहा अम्मी किसीको मत बताना में आप जो कहोगी वो करूँगा . अम्मी ने कहा - हबीब अक शर्त पर किसी को नहीं कहूँगी मैंने कहा - मुझे आपकीहर शर्त मंजूर है अम्मी .
अम्मी ने कहा - चल उठ जा राजा, में उठा तो पता चला में नंगा ही अम्मी के सामने खड़ा हूँ.
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और अम्मी मुझे ही देख रही थी ,फिर अम्मी बोली तुम रोजाना ये सब करते हो क्या और अम्मी ने मेरा लंड पकड़ लिया और बोली -ये सब करने से तेरा ये (लंड ) ख़राब हो जायेगा और तेरी बेगम
गैर मर्दों के पास जाएगी राजा (अम्मी मुझे प्यार से राजा कहती हँ) और पता नहीं क्यों मेरा लंड फिर खड़ा होने लगा .अम्मी को भी पता चल चूका था मेरा लंड करीब सात इंच का था और एक इंच मोटा था .में बोला -अम्मी छोडिये ना आपा आ जाएगी .
अम्मी - वो तो पढ़ाने जा चुकी है राजा लेकिन लगता है आज मेरे राजा को कुछ पढाना पड़ेगा और तू निचे कितनी गंदगी रखता है कोई बीमारी हो गयी तो ,(मेरी झांटे थोड़ी बढ़ी हुई थी )
और अम्मी ने कहा आज मेरे राजा को में नहलाउंगी (उस दिन मेरे कोलेज में छुट्टी थी ) और अम्मी ने मेरे लंड को हिला दिया .फिर अम्मी बोली - राजा कभी असली मज़ा लिया है या हाथगाड़ी ही चलाई है

अम्मी अब खुल कर बोल रही थी और मेरा लंड खड़ा हो गया था अम्मी बार-बार उसे हीदेख रही थी और वो अपनी जीभ से अपना होठ सहला रही थी ,मेरी अम्मी 46 साल की है और वो अपने शरीर का बहुत ही ख्याल रखती है दोबच्चो की अम्मी होने बाद भी वो लगती नहीं है .उनकी गांड बहुत ही गोल है और मुहँएकदम गोल अम्मी देखने में नेपालन सी लगती है और उनका पेट जरा भी बहार नहीं निकलाहै .
--और अम्मी अपने जिस्म पर एकदम फिट कपडे ही पहनती है जिससे वो और भी हसीन लगती है, अम्मी की 5.4'' है , और अभी उन्होंने वी गले का गाउन पहन रखा था , और उनके भरी बूब 36'' जो के है ,उनकी दरारे दिख रही थी ,अम्मी का हाथ अभी भी मेरा लंड मसल रहा था और अब मेरे लंड से हल्का पानी भी आने लगा था ,और अम्मी ने दुसरे हाथ से मेरी गांड का छेद हलके हलके रगड़ ने लगी अब मुझसे रुका नहीं गया और मैंने अम्मी के बूब दबोच लिए और जोर से दबाया ,अचानक अम्मी ने मुझे एक थप्पड़ मारा-हबीब अम्मी चोद बनना चाहता है अगर किसी पता चला तो हम को मरना पड़ेगा और हम किसी को मुहँ दिखने लायक भी नहीं रहंगे .
लेकिन अम्मी ने लंड अभी भी पकड़ रखा था .--  अम्मी का चेहरा लाल हो गया था , और मैंने उनकी गांड पर हाथ फिरना चालू कर दिया और जोर से दबाने लगा अम्मी कुछ नहीं बोल रही थी ,मेरी हिम्मत थोड़ी बढ़ी तो मैंने अम्मी के होंठ चूम लिए और अम्मी भी मेरे होंठ चूमने लगी . फिर अम्मी ने मुझे हम्माम में ले गयी और मेरी झांटे बनाने लगी ,और मेरी गांड के बल भी साफ कर दिए और फिर बोली - ला राजा मैंने तेरे बाल बनाये मेरी बख्शीश तो दे. मैंने कहा - क्या चाहिए अम्मी .अम्मी बोली= तेरे अब्बू दो महीने से घर नहीं आये है और एक ओरत को क्या चाहत होगी राजा में एक मर्द चाहती हूँ .जो मुझे अपनी बाँहों में लेकर मुझे जन्नत की सैर कराये और खुद भी करे .में जान बुझकर अनजान बनते हुए बोला - अम्मी में समझा नहीं .
अब अम्मी से रहा नहीं गया और अम्मी बोली - राजा तू मादर चोद बनजा...चोद डाल अपनी अम्मी को और अम्मी ने अपना गाउन उतर दिया,अम्मी ने अंदर कुछ नहीं पहन रखा था और उनकी चूत एकदम साफ थी .अम्मी ने अब मेरा लंड चुसना चालूकर दिया मेरे मुंह से सिसकिया निकलने लगी और अम्मी के मुहं को जोर ससे चोदने लगा , दो ही मिनिट में में झड़ने लगा और अम्मी ने सारा पानी चाट डाला .अम्मी बोली - राजा तेरा तो काम हो गया मेरा क्या . में बोला अम्मी लाओ में भी तुम्हारी चूत चाट देता हूँ और बीस मिनिट बाद अम्मी ने भी अपना पानी निकाल दिया .अम्मी का पानी मेरे मुहँ में जा रहा था और में अम्मी की बुर को बुरी तरह से चाट रहा था तभी घर की घंटी बजी अम्मी ने अपना गाउन डाला और बाहर भागी .रजिया आपा आ गयी थी , अम्मी की अस्त व्यस्त हालत देख कर वो कुछ कुछ समझ गयी थी लेकिन वो बोली कुछ नहीं .थोड़ी देर बाद में गुसल से बाहर निकला और अम्मी से कहा - अम्मी कुछ खाने को दो ना अम्मी ने कहा आजा राजा में रसोई में गया तो देखा अम्मी ने अपने बूब गाउन से बाहर निकल रखे है और अम्मी बोली ले राजा खाले इनको में बोला आप कहाँ है अम्मी धीरे से बोली वो अन्दर अपने रूम में है ..फिर अम्मी के बूब दबाये और अम्मी ने मेरी सलवार के उपर
से मेरा लंड दबाया और फिर अम्मी ने मुझे चूमा और बोली -राजा तेरी आप कई दिन से बोल रही है की भाई जान नई मोटर साइकिल लाये है और अपनी आप को कहीं घुमाने नहीं ले गए है ..राजा आज आप को घुमाने लेजा ना में बोला लेकिन अम्मी अब तो राज सर आने वाले होगे
अम्मी बोली बेटा में उनको फोन कर दूंगी और आने के लिए मना कर दूंगी .
में समझ गया की अम्मी आज जरुर राज सर का लंड अपनी बुर में ले ही लेगी .!
आपा भी तैयार होकर आ गयी आप ने लाल रंग की सलवार सूट पहन राखी थी .!
आपको बता दू की मेरी आपा करीब 5.7'' की है और उनकी बॉडी एकदम सोनम कपूर जैसी है वो मुझसे एक इंच लम्बी है  और उनके बूब का साइज़ 32 है गांड करीब 30 की हैऔर आपा हमेशा ऊँची सेंडल पहनती है जिसकी वजह से जब वो चलती है तो उनकी गांड की हरकते देखने लायक होती है ,  मैंने अम्मी से कहा अम्मी कुछ पैसे तो दे दो ,आपा बोली हबीब चल पैसे मेरे पास है ,घर से निकल कर आपा से पूछा - आपा कहाँ चलना है .आपा बोली -हबीब मुझे बेंड स्टैंड लेकर चल. (बेंड स्टैंड मुंबई का एक फेमस एरिया है जहाँ एक लवर पॉइंट भी बना हुआ है जहाँ लड़के लडकिया खुले आम चुम्मा चाटी करते है .)मैंने बाइक चालू की और आपा मेरे पीछे बैठ गयी .;
 में मन ही मन बहुत ही खुश था की आज आपा भी कुछ न कुछ तो करेगी और कुछ देर बाद हम एक रेड लाइट पर रुके तो सामने एक पोस्टर लगा हुआ था ,कामसूत्र कंडोम काजिसमे फ्लेवर्ड कंडोम की एड की गयी थी .अब आपा ने एक हाथमेरे लंड से सटा दिया और मुझसे धीरे से बोली हबीब ये किस चीज का एड है.
में बुरी तरह से सकपका गया और कुछ भी बोल नहीं पाया तभी ग्रीन लाइट हो गयी और में आगे बढ़ गया ,आपा कभी कभी अपने बूब जोर से मेरी पीठ पर रगड़ ती थी कभी अपना हाथ मेरे लंड को छुआ देती थी .इन सब के कारण मेरा लंड बुरी तरह से खड़ा हो गया था और सलवार से साफ़ दिख रहा था__और इस हालत में हम बेंड स्टैंड पहुंचे दिन के करीब तीन बज चुके थे और वहां ज्यादा भीडभाडनहीं थी और हम लोग एक जगह बैठ गए , फिर आपा ने मुझसे कहा - हबीब मुझे तुमने बताया नहीं की वो एड किस चीज का था .
में तो गूंगा ही हो गया की क्या जवाब दूँ . आपा धीरे धीरे मुस्करा रही थी और वो बोलीचल जाने दे बाद में बता देना तू बता की राज सर तुमको अच्छा पढ़ाते है, ना ..!
मैंने कहा हां आपा तभी आपा ने सामने इशारा किया ..__________
सामने एक 45 साल का आदमी और एक करीब 20 साल की लड़की बैठे हुए थे और वो आदमी जोर जोर से उसकी चुन्चिया दबा रहा था और लड़की ने एक हाथ उस आदमी की पेंट में डाल रखा था .आपा बड़े गोर से उनको देख रही थी वो दोनों थोड़े से झाड़ियो में बैठे हुए थे और ज्यादा भीड़ न होने की वजह से वो मज़ा ले रहे थे आपा अपना एक हाथ अपनी चूत पर रखे हुए थी और धीरे धीरे चूत को सहला रही थी .--
फिर आपा ने मुझसे पूछा हबीब एक बात बोलू बुरा तो नहीं मानेगा,, मैंने कहा नहीं आपाजान ,आपा बोली कोलेज में तेरी को लड़की से दोस्ती है, मैंने कहा नहीं आपा , आपा थोड़े गुस्से में बोली तो क्या लडको से काम चलाता है, और हंसने लगी मेरी तो हालत ही ख़राब हो रही थी और मेरा लंड भी खड़ा हो रखा था ,आपा ने कहा चल सामने बैठते है सामने थोड़ी झाडिया थी वहां गए तो दिखा वहा पर तीन चार जोड़े और बैठे हुए थे और मस्ती कर रहे थे .
में आपा की तरफ देख रहा था आपा का चेहरा लाल सा हो गया था और उनकी सांसे लम्बी लम्बी चलने लग गयी थी , और आपा ने मेरा हाथ कास कर थाम रखा था . फिर एक कोने में हम जाकर बेठ गए आपा ने एक हाथ मेरे कंधो पर रख लिया कोई दूसरा देखता तो यही सोचता की लवर मस्ती कर रहे है.  आप की छातिया जोर जोर से उपर नीचे हो रही थी, और वो बार बार अपने होंठो पर जीभ फिर रही थी आपा के दिल की हालत का अंदाज मुझे भी हो रहा था,मेरे लंड से हल्का हल्का पानी चु रहा था और मेरा अंडर वेअर गीला हो चूका था. अचानक आपा ने कहा = हबीब तुमने किसी को चूमा है या नहीं .!मैंने कहाँ नहीं आपा आपने किसी को चूमा है आपा बोली नहीं भाई पर में ये जानना चाहती हूँ की चूमने में क्या मज़ा आता है क्या तुम मुझे चूम सकते हो ,
मेरे दिमाग में अब बुर का भुत घुस चूका था और मैंने कहा आपा क्यों नहीं और मैंने आपा को गालो पर चूमा , पर आपा बोली ऐसे नहीं हबीब लिप किस करो ना ,अचानक वहा भगदड़ सी मचने लगी मैंने आपा से कहा - आपा यहाँ से चलते है , आपा बोली की क्या हुआ यहाँ तो मजा आ रहा है , तभी सभी लोग वहां से भागने लगे हम भी वह से निकल आयें क्योकि
वहां पुलिसवाले आये थे फिर हम इधर -उधर घुमने लगे और फिर आपा ने कहाँ की चल कोई माल में चलते है वह थोड़ी सी खरीद दारी कर लेते है .
--मैंने टाइम देखा तो पुरे पांच बज गए थे , घर पर राज सर के आने का टाइम हो गया था , फिर हम एक माल में गए वहां आपा ने कुछ हल्का फुल्का सामान लिया और युहीं टाइम पास करने लगे .माल में एक दूकान थीजिसमे ब्रा और पेंटी ही मिलते थे आपा ने कहा चलो हबीब मुझे ब्रा लेनी है और आपा मुझे खिंच कर ले गयी वहा पर एकलड़की जो सेल्स गर्ल थी ने एक केट्लोग दियाऔरकहा - आप इस से ब्राऔर पेंटी पसंद करलो और मुझे साइज़ बता दो और आप अपने पति से भी पूछ लो .
में तो चोंक ही गया वो मुझे और आपाजान को मिंया बीबी समझ रही थी ..!
में कुछ बोलू की उससे पहले ही आपा बोल पड़ी= हां बहिनजी इन लोगो की ही वजह से ही इतने डिज़ाइन जो आते है फिर आपा मुझे लेकर बेठ गयी और केट्लोग से ब्रा और पेंटी देखने लगी और मुझसे पूछने लगी,,फिर आपा ने अपने लिए तीन सेट ख़रीदे पहला तो एकदम ही जोरदार था उसमे पेंटी इतनी सी थी की बस चूत ही छुपा सके और दुसरे में चूत और गांड की साइड पर छेद बने हुए थे. और तीसरी पेंटी जिप वाली थी ,सेल्स गर्ल बोली की आपके पति की पसंद तो लाजवाब है फिर उसने बील बनाया और इन सब के बीच में आपा और उस सेल्स गर्ल ( जिसका नाम बाद में पता चला आलिया था )दोनों के बीच दोस्ती हो चुकी थी और दोनों ने एक दूजे को अपना मोबाईल नो. भी दे दिया था जाते जाते आलिया ने मुझे कहा - जीजाजी आज कोनसी ड्रेस में दीदी को देखना चाहोगे मेरी मानो वो होल वाली ही पहनाना और आलिया और आपा जोर जोर से हंसने लगी ..!और फिर हम दोनों घर के लिए चल पड़े शाम के सात बज गए थे और अँधेरा सा होने लगा था ,में मन ही मन अम्मी और सर के बारे में ही सोच रहा था .क्या अम्मी ने सर से चुदवाया होगा
 रास्ते में आपा मेरे से एकदम सैट के बेठी हुई थी और वो अपनी चुचिया मेरी पीठ से दबा रही थी और आपा मुझसे बोली आलिया केसी लगी हबीब जोरदार थी न और उसका निकाह भी हो गया है और उसका शोहर भी सउदी अरब गया है साल में एक ही बार आता है और आलिया का मामे का लड़का ही है (हमारे समाज में चाचा मामा की लड़के लडकियों में रिश्तेदारी आम बात है )आलिया को तुम बहुत ही पसंद आये हो और वो हमारे घर आना चाहती है समझे कुछ भाईजान या आगे भी सब कुछ आपा को ही करना पड़ेगा और, आपा ने मेरी छाती कस कर दबादी आगे से छाती दबी और पीछे से आपा की चुचिया लगी मेरे लंड ने फिर सलामी देनी चालू कर दी .रास्ते में एक जगह थोड़ी झाडिया सी थी तो में बाइक रोक कर बोला की आपा में पेशाब कर के आता हूँ ,आपा ने कहा मेरे भी हाजत हो रही है हबीब मैंने कहा आपा आप कर आओ में यहाँ ध्यान रखता हूँ आपा बोली नहीं हबीब मुझे अकेले में डर लगता है .तुम साथ में आओ और आपा ने मेरे हाथ पकड़ कर मुझे खिंच लिया.-----
वहा आगे जंगल जैसा था में ने आपा से कहा आप यहाँ पेशाब कर लो में आगे जाता हूँ , लेकिन आपा बोली यही रहो हबीब कोई सांप आ गया तो . और आपा मेरे सामने अपनी गांड कर के मुतने लगी आपा की गांड बहुत ही गोरी थी और गोल मटोल भी था अचानक आपा मुड़ कर मेरी बाँहों में आ गयी और बोली की झाड़ियो में कोई है अजीब सी आवाजे आरही है आपा नीचे से नंगी ही थी ,-----
मुझे भी कुछ आवाजे सुनाई दी.लेकिन मेरी पेशाब के मरे बुरी हालत थी तो मैंने कहा आपा- जाने भी दो मुझे पेशाब करने दो आपा आपा बोली करलोना में अकेली कहीं नहीं जाउंगी ,मज़बूरी में मुझेआपा की तरफ उल्टा होकर पेशाब करने लगा और अचानक आपा ने मेरा लंड पीछे से थम लिया और बोली = हबीब तेरी आपा तुझसेचुदना चाहती है आज कितने इशारे किये तुझे फिरभी समझा नहीं .और आपा मेरे लंड कोहिलाने लगी .
तभी अन्दर से आवाजे आने लगी जैसे से करते हुए आती है में और आपा जंगल के थोडा अंदर गए और झाड़ियो के पीछे गए तो देखा की एक लड़का एक हिजड़े की गांड मार रहा था दोनों पुरे नंगे थे मैंने आपा से चलने को कहा तो आपा बोली देखते है हबीब मैंने कभी हिंजड़े की चुदाई नहीं देखी है.वो लड़का जो करीब 20 का था स्लिम सा था जोरदार धक्के लगा रहा था और हिंजड़ा करीब 40-45 का था, थोडा मोटा सा था घोडा बना हुआ था..!और जोर जोर से चिल्ला रहा था - डाल और जोर से डाल मार ले मेरी गांड ऊऊऊऊऊऊउ आआआआआआअ उहा उहा उहा उहा उहा आहा हाहा करीब बीस मिनिट तक ये चलता रहा और फिर उस लड़के ने अपना लंड गांड से निकाल कर हिंजड़े के मुंह में दिया
हलकी रोशनी में देखा की उसका लंड करीब 12'' का था और करीब 2.5'' मोटा था  एकदम गधे जैसा लग रहा था , मेरी तो आँखे ही जाम हो गयी और आपा तो पागल सी हो गयी
आपा की नजर उसके लंड पर टिकी हुई थी और हाथ मेरे लंड को कस कर पकडे हुए थे और आपा की सांसे भरी हो गयी थी .
उनका काम होने के बाद मैंने जल्दी से आपा का हाथ पकड़ा और घर की तरफ चल दिए , आपा रास्ते में बोली हबीब क्या किसी का इतना लम्बा भी होता है मेरे भाई कितना बड़ा था बाप रे . में तो देख कर ही डर गयी..! हबीब तेरा तो इतना तो बड़ा नहीं है ना भाई और आपा फिर मेरा लंड सलवार के ऊपर से सहलाने लगी .
थोड़ी देर में हम घर पहुँच गए ...!घर पर जाकर मैंने बेल बजायी करीब पांच मिनिट बाद अम्मी ने दरवाजा खोला अम्मी थोड़ी सी घबराई हुई थी और अम्मी की हालत बहुत ही ख़राब थी ,बाल बिखरे से थे और होंठ सूजे हुए थे गालो पर हलके से दांतों के निशान भी थे में डर गया और अम्मी से पूछा अम्मी क्या हुआ अम्मी ने कहा कुछ नहीं बेटा जरा सा पांव फिसल गया था...! आपा यह सुन कर हलकी सी मुस्कुरा उठी और बोली अम्मी क्या सर आये थे , अम्मी बोली नहीं रज्जो उनको तो मैंने फोन करके मना कर दिया था.
अम्मी बोली अंदर आ जाओ बेटा ,और फिर अम्मी ने हमको खाना लगा दिया और बोली रजिया आज तुम हबीब के साथ सो जाओ क्यूंकि मेरी तबियत ख़राब है और में सोना चाहती हूँ ,आपा ने कहा - ठीक है अम्मी , आप सो जाओ .अम्मी सोने चली गयी और में और आपा खाना खाने लगे और आपा मेरी तरफ देख कर मुस्करा रही थी और बोली हबीब उस लड़के को कितना बड़ा था बाप रे तेरे जीजू का इतना बड़ा हुआ तो में तो मर जाउंगी यार ,
और पता नहीं क्या होगा हबीब मुझे तो बहुत ही डर लग रहा है..! तभी अम्मी की आवाज आई -रजिया बेटा जरा पानी तो ला दे ..!
 अम्मी को रजिया आपा पानी लेकर अम्मी के कमरे में गयी और वो पांच मिनिट तक नहीं आई तो मेरे मन में शक आया और में भी दबे कदमो से अम्मी के कमरे की तरफ गया और अपने कान दरवाजे से लगाये .अंदर आपा अम्मी सेपूछ रही थी - अम्मी तुम भी पागल हो जाती हो राज सर से आज ही गांड मराने की क्या जरुरत थी देखो तुम्हारी गांड कितनी खुल गयी है थोड़ी बरफ ला देती हूँ लगा लो ठीक हो जाएगी .अम्मी बोली - हां तुम्हे तो पता ही है की गांड मराने के बाद क्या होता है ...और दोनों ही हंस पड़ी फिर अम्मी ने पूछा तेरा भी कुछ हुआ रज्जो या यूँ ही घूम कर आई हबीब के साथ और क्या लायी है
आपा बोली -अम्मी मेरा अभी तो कुछ नहीं हुआ है पर आज रात को हबीब से जरुर ही चुदवा लुंगी ..(मेरा लंड खड़ा होने लगा था ) फिर आपा ने अम्मी को हिंजड़े वाली बात बताई तो अम्मी भी कह उठी बाप रे इतना बड़ा लंड था उसका रज्जो बहुत ही जोरदार मज़ा आता है बड़े लंड से तुमको तो पता ही है ना बेटी जा अब सो जा और कल आराम से उठाना क्यूंकि कल सन्डे है आज चुदवा ले अपने भाईजान से मेरी बिटिया मना ले सुहागरात भाईजान के साथ ........दोस्तों फिर में जल्दी से अपने कमरे में आ गया , और लुंगी (तहमद ) पहिन ली सोते समय में लुंगी ही पहनता हु..!आपा रूम के अंदर आ गयी और बोली भाईजान आलिया ने क्या कहा था याद है में वो छेड़ वाली पेंटी पहन कर आई हु.और आपा मुझसे लिपटने लगी मेरा लंड तो खड़ा था ही आपा ने मेरा लंड पकड़ लिया और बोली भाईजान आपसे एक बहुत ही बड़ी सिकायत है. आप अपनी अम्मी और आपा का कोई ख्याल ही नहीं रखते हो ...!
मैंने कहा नहीं आपा ऐसी कोई बात नहीं है ,तो आपा बोली हबीब में 22 साल की हो चुकी हूँ , और देखो शबाना (मेरे चाचू की लड़की ) जो खाली 19 साल की है उसका निकाह भी हो चूका है ,और वो पेट से भी हो गयी है ,और एक तेरा आपा है ,,जो अपने अरमानो को दफ़न कर के बेठी है , और हमारी अम्मी कितना परेशां रहती है ,अब्बू तीन महीने में एक ही बार आते है, वो भी खाली दस दिनों के लिए अम्मी को भी कुछ चाहिए ना हबीब वो भी तो तरसती है ,किसी के लिए और तू जो इस घर में एक ही मर्द है किसी की भी मदद नहीं करता है , अगर तेरी आपा या अम्मी किसी बाहर वाले से चुदवा ये तो क्या तुमको सहन होगा ...!
आपा की इस बात से मुझे गुस्सा आगया और में बोला नहीं आपा अब में ऐसा नहीं होने दूंगा और आपा को दबोच लिया और आपा के होंठो को अपने होंठो से चूमने लगा और आपा भी मुझे चूमने लगी.और आपा ने मेरी लुंगी खींच ली लुंगी खुलते ही लंड एकदम से खड़ा हो गया और में भी अब आपा की चूत में अपना लंड डालना चाहता था और सेक्स की गहराईयों में उतरना चाहता था ...!आपा बुरी तरहा से मुझे चूम रही थी चूम क्या काट रही थी...! और बडबडा रही थी हबीब चोद डाल मुझको मुझे लंड की बहुत ही प्यास लगी है और में लंड के लिए बहुत ही बेकरार हूँ...!भाई - आहा आ जाओ और फाड़ दो अपनी आपा की बुर हया शर्म छोड़ कर बहिन चोद बन जा ओ भाई आहा हा हा सिसिसिसिसी आआआआआ मुहान्न हहहः ऊऊऊऊउ हबीब आजा नाऔर अब आपा ने मुझे बिस्तर पर गिरा दिया और आपा मुझपर सवार हो गयी और आपा ने जल्दी से मेरा खड़ा लंड अपनी चूत में दल लिया और खूब ही झटके मारने लगी..
और मुझे बुरी तरहा से चूम रही थी और जब मेरा लंड आपा की चूत में गया तो में तो जैसे हवा में उड़ने लगा किसी चूत में पहली बार लंड डाला था वो भी आपा की चूत में में सुबह से ही गरम हो रखा था ,,,,,!और करीब दस ही मिनिट में में झड गया आपा ने उठ कर मेरा लंड पूरी तरहा से साफ़ कर दिया और बोली वह रे मेरे बहिन चोद भाई आज तो मज़ा आ गया और अब थोड़ी देर बाद हम फिर सेक्स करेंगे बीब .
मेरी हालत बहुत ही अजीब थी मैंने अब पहली बार आपा की चूत को देखा वहां एक भी बाल नहीं था और लाल लाल छेड़ बहुत ही मस्त लग रहा था आपा की चूत अम्मी से भी अच्छी लग रही थी मेरे से रहा नहीं गया और मैंने आपा की चूत में अपनी जीभ घुसा दी अब आपा बुरी तरहा से कर रही थी और चिल्ला रही थी - बहनचोद साले चाट ले अपनी आपा की बुर और मस्त भोसदा बना डाल इसको अपनी बहिन की चूत को फाड़ डाल
और अपनी अम्मी का दामाद बन जा कुते hhhhhhhhhhhhhhh आआआआआ आहा आहा हा ऊऊओ अल्ल्लाह आया आ आ अ अ आ आ
और आपा ने मेरे मुहँ में अपना पानी गिरा दिया ,,,फिर करीब एक घंटे बाद फिर हमने जोरदार चुदाई का मज़ा लिया और फिर रात को करीब तीन बजे हम दोनों नंगे ही सो गए ...
सुबह अम्मी ने आकर मुझे जगाया तो में उठा सुबह के नो बजे थे आप अभी भी सो ही रही थी में उठ कर खड़ा हो गया और अम्मी से चाय लेन को कहा तो अम्मी हंसने लगी ,मेरी समझ में कुछ नहीं आया फिर अम्मी से पूछा क्यों हंसती हो अम्मी तो अम्मी ने बोला कुछ नहीं चल यहाँ आप को सोने दे तू रसोई में चल में तुम्हे चाय पिलाती हूँ .
और में और अम्मी रसोई में आ गए और अम्मी धीरे से बोली - मेरा राजा रात किसी कटी और वो मुस्कुराने लगी में झेंप कर निचे देखने लगा और मेरी तो गांड ही फट गयी में तो एकदम ही नंगा थाअब में अम्मी की तरफ देखकर बोला अम्मी में तहमद डाल कर आता हूँ . अम्मी बोली - आपा के साथ तो नहीं डाला रे मेरे रजा और अम्मी ने मेरा खड़ा लंड पकड़ लिया ,अब मेरी हालत बहुत ही ख़राब थी दोस्तों मन मचल रहा था और लंड भी खड़ा हो गया था फेसले का वक्त आ गया था और में अब अम्मी की चूत में अपना लंड डालने की तैयारी
करने लगा की चाय उबल कर गिरने लगी अम्मी ने जल्दी से चाय छानी और मुझे दे दी .
मैंने कहा अम्मी आप चाय नहीं पीयेगी अम्मी बोली राजा तू चाय पी में कुछ और पियूंगी
और अम्मी ने मेरा लंड अपने मुंह में ले लिया और चूसने लगी
 अम्मी मेरा लंड बहुत ही अच्छे से चूस रही थी और में जन्नत की सैर कर रहा था की अचानक आपा रसोई में आ गयी और बोली अम्मी तुम भी सुबह सुबह ही चालू हो गयी हबीब रात को दो बार झडा था,बेचारा थक गया होगा . आपा भी मादर जात नंगी थी और वो अम्मी की चुचिया दबाने लगी .और अम्मी मेरा लंड चूसने के साथ मेरी गांड में एक अंगुली से खुजा भी रही थी मेरी हालत तो ऐसे थी की पूछो ही मत आपा अम्मी की चुचिया भी दबा रही थी और अम्मी की चूत में हाथ भी डाल रही थी और अचानक आपा का मोबाइल बजने लगा और आपा चली गयी.में और अम्मी थोड़ी ही देर में अपना अपना पानी नक़ल कर फ़ारिग हो गए और फिर अम्मी बोली की जाकर नहा ले राजा और में नहाने चला गया और नहाने के बाद जब में अपने रूम में आया.तो देखा की आपा वहा पर बेठी है और आपा बोली - हबीब आलिया का फोन था वो अपने जीजू यानी तुमसे चुदाना चाहती है और वो लगभग एक घंटे में यहाँ आ जाएगी अम्मी भी ये सब सुन रही थी अम्मी बोली - मेरे राजा अम्मी को मत भूल जाना इन नयी नयी चुतो के चक्कर में और अम्मी और आपा दोनों ही जोर से हंसने लगी ...
 मेरी जिन्दगी का ये बहुत ही अच्छा वक्त था दोस्तों हर तरफ चुतो की बहार थी और मेरे लंड की किस्मत चमक रही थी . इन सब के बीच घर का फोन बजने लगा अम्मी ने फोन उठाया लाइन पर अब्बू थे और वो तीन दिनों बाद आने वाले थे .में मन ही मन सोचने लगा की अब्बू आयेंगे तो अम्मी को तो अब्बू ही चोदेंगे.और में आराम से आपा की चूत में अपना लंड डालूँगा.
 दोस्तों मैंने अभी तक अम्मी की चूत में लंड नहीं डाला था...!पता नहीं क्यों मेरा दिल नहीं मानता था की में अपनी ही अम्मी की चूत में लंड डालू और में अब आलिया के बारे में सोचने लगा की आपा और अम्मी दोनों ही मेरे रूम में आ गयी....!
 और आपा ने मुझसे कहा हबीब मेरे भाई आलिया को पता नहीं चलना चाहिए की हम भाई और बहिन है और ये हमारी अम्मी है .
मैंने अम्मी को समझा दिया है आलिया के सामने में तेरी बेगम हूँ और अम्मी हमारी नौकरानी है जो की सब जानती है आलिया को सेक्स का बहुत ही शोक है और वो लंड की दीवानी है .
तो भाईजान शायद हम सब ग्रुप सेक्स का मज़ा ले .
मेरे दिमाग में एक बात आई की आपा सेक्स के बारे में इतना कैसे जानती है
और आपा ने किस किस से चुदा रखा है .अम्मी की आवाज आई -रजिया जरा यहाँ तो आ ना, आपा अम्मी के रूम में चली गयी पता नहीं क्यों मेरा दिमाग अंदर से बोल रहा था की कुछ तो है और में अम्मी के रूम पर दरवाजे पर चला गया और आपा और अम्मी की बातें सुनने लगा .
आपा - क्या है अम्मी बोलो ना .
अम्मी - रज्जो मेरी जान ये आलिया कौन है और ये वो तो नहीं है ना ...
आपा - अम्मी आपको तो पता है ना की में वो सब छोड़ चुकी हूँ और अब सिर्फ घर में ही सेक्स करती हूँ.  मेरा दिमाग तो पता नहीं कहाँ था और कोई बात मेरी समझ में नहीं आ रही थी.फिर में अपने रूम में आ गया और रूम में आपा की पेंटी पड़ी हुई थी जो आपा ने रात को पहनी थी
आपा की काले कलर की पेंटी जिसमे आगे और पीछे दो होल थे, जिससे आप बिना पेंटी उतारे ही गांड और चूत चोद सकते हो.. .!!
को उठा कर मैंने हाथ में लिया रात की याद फिर से ताज़ा हो गयी और मेरे सामने आपा की रसीली और मदमस्त चूत नाच उठी ....
और मेरा हाथ फिर से अपने लंड पर पहुँच गया ...!
और में अब सोचने लगा की कइसे दो दिन में ही सब रिश्ते और नाते बदल गए थे....!
आपा और अम्मी अब मेरे लिए ओरते बन चुकी थी, और जिस्मानी आग में जल कर अपनी सगी बहिन को चोद चूका था और अपनी अम्मी जिसकी चूत से मैंने दुनिया में कदम रखा था उसी चूत को हवस से चाट चूका था और जल्दी ही शायद चोद भी दूँ.
मेरे दिमाग में कुछ अजीब सी टेंसन हो गयी में सोचने लगा कहीं अम्मी और आपा और लोगो से तो नहीं चुद्वाती है और अम्मी और आपा आपस में क्या क्या राज की बातें छुपा के रखी हुई है ....!!!
 और कहीं इन सब बातो का बाहर वालो या अब्बू को पता लग गया तो क्या होगा ये सोच कर में परेशान हो गया और मेरा लंड अचानक ही मुरझा गया ....!
और में अम्मी के कमरे की तरफ गया अम्मी और आपा बेड पर बेठी थी और अम्मी ने आपा के बूब दबोच रखे थे ..!मुझे देख कर अम्मी बोली आओ आओ मेरे दामाद जी मेरी बेटी को सारी रात चोदते रहे हो और कंडोम भी नहीं लगाया .. और अम्मी और आपा हंसने लगी ..!
मुझे याद आया की कंडोम तो सचमुच नहीं लगाया था ...मैंने अम्मी से कहा अम्मी अब क्या करेंगे अम्मी बोली की कोई बात नहीं बेटा अभी तो आय - पिल ले लेगी बाद में
माला -डी लेना शुरू कर देगी.#तभी आपा का फोन बजा और आपा ने उठाया फोन आलिया का था ,वो पूछ रही थी की घर में शहद है या नहीं अम्मी ने कहा है,,, तो आपा ने आलिया को हां कह दिया और पूछा की कब आओगी आलिया ने कहा एक घंटा लग जायेगा आपा ने कह ओके और फोन काट दिया ..!अम्मी ने आज सलवार सूट पहन रखा था और आपा ने एक फ़्रोक जैसे ड्रेस पहन रखी थी जिसमे आपा बहुत ही सुंदर लग रही थी .
अम्मी बोली रज्जो बेटी ये आलिया तुमसे एक ही बार मिली और चुदवाने की बातें करने लगी बात क्या है ....?आपा - अम्मी उसका शोहर बाहर में रहता है और वो बहुत ही चुदासी हो गयी है कल जब उसने भाईजान को देखा तो उससे रहा नहीं गया और अब उसकी चूत लंड के लिए तड़फ रही है ...अम्मी तुम तो अच्छेसे वाफिक हो की जब ओरत को दो महीने लंड ना मिले तो ओरत की हालत क्या होती है और वो क्या क्या कर बैठती है...! औरआपा जोर जोर से हंसने लगी .
 अम्मी भी हंस रही  ,अम्मी बोली लेकिन रज्जो ये आलिया पहली ही मुलाकात में इतनी केसे खुल गयी की सीधे ही तेरे शोहर का लंड मांग लिया .
आपा बोली अम्मी आज के जमाने में लडकिया अब आगे बढ़ चुकी है और वो पढ़ी लिखी भी है और तो और अम्मी उसके शोहर ने उसे कह रखा है की जब चूत की खुजली सहन न हो तो किसी अच्छे और शरीफ लंड से चुदा लेना और तो और अम्मी आलिया और उसका शोहर ग्रुप सेक्स भी कर चुके है अम्मी- ये ग्रुप सेक्स क्या होता है , आपा - अम्मी जब चार पांच लोग एक साथ सेक्स करते है तो उसे ग्रुप सेक्स कहते है ..!अम्मी बोली रज्जो इसमें तो बड़ा ही मज़ा आता होगा ना ...? आपा बोली = हाँ अम्मी बहुत ही मज़ा आता है और जब आप दुसरे की चुदाई देखते हो तो और भी मज़ा आता है ,,अम्मी = अल्लाह कभी कभी में सोचती हूँ रज्जो ये फोरेन वाले कितना मज़ा लेते है तेरे अब्बू एक DVD लाये थे, जिसमे करीब बीस जोड़े खुले में सेक्स कर रहे थे और मस्ती भी कर रहे थे .और अब्बू ने बताया की वह के शेख लोग दो दो या तीन तीन बीबिया रखते है और उनके लिए वो अंग्रेजी लडको को बुलाते है तभी आपा ने कहा अम्मी एक बात बताओ की कल जब मेरी शादी हो जाएगी और बाद में हबीब की भी शादी हो जाएगी तो क्या तुम अपनी जिस्मानी जरूरते कइसे पूरी करोगी अम्मी गहरे सोच में डूब गयी और सोचने लगी तभी आपा बोली अम्मी इसी घर में हबीब अपनी बीबी को अपना लंड का मज़ा देगा और में अपने शोहर की बाँहों में मस्ती लुंगी तो तुम्हारा क्या हाल होगा अम्मी .अम्मी गुमसुम सी हो गयी और वो सुबकने लगी और अम्मी ने आपा को अपनी बाँहों में भर कर कहा मेरी बच्ची क्या करू में तेरे अब्बू तो खाली साल में बीस बार ही ठंडा कर पाते है .मुझको और तू जानती ही है की मेरी छुट में कितनी खुजली होती है .में यह देख कर हेरान भी था और अम्मी के लिए परेशां भी था . आपा ने मेरा हाथ पकड़ा और कहा = हबीब मेरे भाई हमारी अम्मी ने हमको नो महीनेअपनी कोख में रखा है और कितना दर्द सह करबहार की दुनिया दिखाई है क्या अम्मी के बारे में हमारा कोई फ़र्ज नहीं बनता है तुम ही बताओ ना अब्बू तीनमहीने में दिन ही आते है, और चले जाते है अम्मी की चूत में आग लगी रहती है उसको भीकोई चाहिए . और बेचारी अम्मीसारी रात केसे निकले ..में बोला आपा आप ही बताओ की हम क्या करे , आपा बोली - हबीब आज हम कसम खाते है की अम्मी की जिस्मानी जरुरतो को हम हर हालात में पूरा करेंगे और पहले अम्मी की हवस को पूरा करेंगे VADA करो भाई ,मैंने वादा किया और अम्मी ने खड़े होकर हम दोनों को गले से लगा लिया और बोली - अल्लाह सब को एसी ही ओलादे दे जो अपनी अम्मी की हर जरुरत को पूरा करे और अम्मी ने मेरा मुहँ चूम लिया और बोली बहिन की चूत मिल गयी,अब अम्मी का क्या करोगे राजा और अम्मी ने मेरा लंड पकड लिया में कुछ बोल पाता की आपा ने मेरा तहमद खोल लिया और मेरी गोलिया चूसने लगी और अम्मी ने मुझे बेड पर लिटा दिया और मेरे लंड पर बेथ गयी जबकि आपा मेरे मुंह पर अपनी चूत रगड़ने लगी मुझे ऐसा एहसास कभी नहीं हुआ था मेरा लंड अपनी अम्मी की चूत में था और मेरी जीभ आपा की चूत में थी और फिर तूफ़ान आया . जिस्मो की आग ने फिर एक बार रिश्तो को ताक पर रख दिया'' और हवस अपना खेल खेलने लगी और करी बीस मिनिट बाद मेरा पानी छुट गया जो अम्मी की चूत में चला गया और थोड़ी ही देर में आपा भी मेरे मुंह में ही झड गयी और इस तरह में ने पहली बार अम्मी की चूत में अपना लंड डाला .''रजिया आपा की मस्त जवानी केसी लगी दोस्तों और बूब की तारीफ भी करा मत भूल जाना ,आगे तस्वीरे आएगी अम्मी और आपा के लेस्बियन सेक्स की कोंन कोंन देखना चाहता है इनको कोमेंट करते रहना अभी बहुत कुछ बाकि है मेरे दोस्तों इस गरमा गरम चुदाई के बाद में तो वही अम्मी के बिस्तर पर ही सो गया और करीब एक घंटे बाद मुझे अपने लंड पर कुछ लगा तो मेरी नींद टूट गयी,सामने आलिया खड़ीथी...! और वो मेरे लोडे पर अपना हाथ फिर रही थी में चोंक ही गया और उसकी तरफ देखा , उसने जींस और कुरता पहन रखा था...,और वो स्लिम सी एकदमकरिश्मा कपूर सी थी और उसने लाल कलर की लिपस्टिक लगा रखी थी और उसकी नशीली आँखे तोगजब ही ढा रही थी में टक टाकी बांध कर उसे ही देखने लगा तभी मुझे ध्यान आया की मैंने कुछ भी नहीं पहना है तो मैंने चादर खिंच ली...!
तभी आलिया बोली = वाह जीजू क्या चीज छुपा रखी है आपने रजिया जीजी को तो जन्नत ही मिल गयी है
और आलिया ने मेरा लोडा पकड़ लिया और बोली वाह जीजू
क्या साली ऐसे ही बना लिया जानते नहीं हो की साली भी आधी घर वाली होती है और जब अल्लाह ने आपको ऐसा सामान बख्शा है तो उसको दुसरो को भी बांटो इसी में बरकत है ,तभी रजिया भी अंदर आ गयी ,------रजिया अंदर आकर बोली = आलिया देख लो तेरे जीजू को कितने बदमाश है दिन में भी नहीं छोड़ते है..! (आलिया के सामने हम शोहर और बीबी थे , और हमारी अम्मी नोकरानी थी )
जब भी मोका मिलता है तो मुझे थोक ही डालते है में तो इनसे परेशान हूँ,,,!आलिया ने जवाब दिया - रजिया तू पागल है दिन रात चूत की शिकाई होती रहे,,इससे ज्यादा एक ओरत को क्या चाहिए और तुम्हे तो अपने शोहर पर फख्र होना चाहिए की,वो तुम्हे पूरा तुप्त करता है , एक मेरा शोहर है जो खाली फोन से ही बातें करता है,,और साल में एक महीने ही आता है'उसमे भी चुदाई कम करता है मेरी चूत की खुजली मुझे इतना तंग करती है..
की क्या बताऊ कभी कभी तो ख्याल आता है..,की मेरे ससुर से ही चुदा लूँ..,लेकिन किसी तरहा मन को काबू में करती हूँ रजिया तेरी खुश नसीबी है की तुझे रोजाना लंड मिलता है .घर पर मेरे ससुर जब रात को सास की चूत बजाते है,, और बाजु के कमरे में में जब सास की कराहे और सिसकिया सुनती हूँ,,,तो मेरी चूत में चींटिया काटने लगती है,और कभी जब माल में कोई अच्छा लड़का दीखता है,,जीजू जेसा तो मुझसे रहा नहीं जाता और फिर चूत की शिकाई इससे करनी पड़ती है ,,ये कहकर आलिया ने अपने पर्स से एक प्लास्टिक का लंड करीब 8''inch का था निकाल के दिखाया ....रजिया उसे हाथ में लेकर देखने लगी और बोली
आलिया ये कहाँ से आया तेरे पास आलिया बोली मेरी अम्मी ने दिया था और बोली थी बेटा जब तेरा शोहर तेरे पास नहीं हो और निचे खुजली हो रही हो
तो इससे बुझा लेना .में ये सुन के चोंक ही पड़ा .
तभी रजिया बोली आलिया इसमें और भी साइज़ आते है क्या और ये कहाँ मिलता है आलिया बोली हां सब साइज़ आते है मेरी अम्मी ने तो 12inch का ले रखा है,जब भी अब्बू बाहर जाते है तो अम्मी उसी से काम चलती है और आलिया हंस पड़ी...!!!!!
में पूरा नंगा ऐसी बातें सुन कर ताव में आ गया और मेरा लोडा फिर बड़ा होने लगा'की अम्मी की आवाज आई रजिया खाना कितने लोगो का बनाऊ और रजिया बाहर चली गयी . और आलिया मेरा लंड पकड़ कर मुझे चूमने लगी और हम एक दुसरे को चूमने लगे और जिस्मो को रगड़ने लगे ...!!!-----तभी आलिया अंदर आ गयी और हमें देख कर बोली क्या बात है बहिन के लंड पर ही डाका डाल रही है आलिया ,आलिया बोली - एक बहिन ही दूसरी बहिन के काम आती है और क्या तू यह चाहती है की में अपनी जवानी की आग किसी ऐरे गेरे से बुझाऊ,और रजिया तेरी नोकरानी तुम दोनों को नाम लेकर बुलाती है क्या ,रजिया ने जवाब दिया - अरे आलिया यार क्या बताऊ तुम्हे तेरे जीजाजी एक नम्बर के चुद्द्कड़ है में कभी मायके जाती हूँ तो ये हाथ से काम चलाते है, और ऐसे ही एक दिन नोकरानी ने इनको देख लिया और फिर तेरे जीजू ने उसको भी छोड़ डाला अब तो वो हमारी राजदार भी है और तेरे जीजू की रखेल भी है ,आलिया हंसने लगी और बोली लेकिन वो उम्र में तो तेरी सास जेसी लगती है रजिया ...!
रजिया ने जवाब दिया तो क्या हुआ जिस्म की आग कहा ये सब देखती है और और वो दोनों फिर हंसने लगी ..
आलिया बोली -तेरी नोकरानी का नाम क्या है रजिया ,,रजिया ने कहा - नजमा ,,तो आलिया चोंक पड़ी और बोली क्या यही तो मेरी सास का नाम है यार ,,मेरी सास तो एक नम्बर की हरामी है ,,और जवानी में खूब चूत को रगड़ वाया था उसने लोग एसा कहते है रजिया ..!
आलिया बोली - जीजू अब रहा नहीं जाता है एक बार तो अपना सामान डाल दो ना मेरी चूत में प्लीज जीजू अल्लाह आपको सलामत रखेगा,,मेरी चूत आपको बहुत ही दुआए देगी और आलिया ने अपने मुंह में मेरा लंड भर लिया और चूसने लगी और आपा भी मैदान में आ गयी ...!!!
आपा आलिया के कपडे उतारने लगी और बेड पर आ गयी में बेड के किनारे पर बेठा था, आलिया मेरे लंड पर झुकी हुई थी और आपा उसकी पेंट उतार रहीथी फिर आपा ने उसकी टीशर्ट भी उतार दी ,में आलिया की नंगी जवानी देखने लगा , उसकी चुचिया करीब 32'' की थी और लाल ब्रा में बहुत ही हसीन लग रही थी ,आलिया का बदन अकदम चिकना था और फिर मैंने उसके बूब दबा डाले तो आलिया सिस्याने लगी और बोली जीजू क्या करते हो इतने जोर से नहीं दबाओ ना
और मैंने उसकी ब्रा उतार दी और पेंटी की तरफ हाथ बढाया तो आलिया बोली जीजू क्या अपनी साली को चूत दिखाई नहीं दोगे ,,मैंने कहा क्या चाहिए बोलो .... आलिया ने कहा जीजू ये उधार रहा मुझे जब जरुरत होगी आपसे मांग लुंगी और फिर मैंने आलिया की पेंटी उतार दी ,पेंटी उतेरते ही जो नजारा दिखा में तो पागल ही हो गया
छोटी सी लाल लाल उभरी हुई चूत और हलकी हलकी झांटे वह क्या चूत थी .
अल्लाह सचमुच मुझ पर मेहर बान था ,, मेरे मुंह में पानी आ गया और में ने अपना मुहं आलिया की चूत की तरफ बढ़ा दिया ,,और मेरी जीभ अपना रास्ता खोजने लगी और मुझे वो जन्नत का दरवाजा मिल ही गया नमकीन सा और खट्टा सा स्वाद आ रहा था और कोई डियो की खुसबू भी आ रही थी ,,और में अपना मनपसंद टोनिक चाटने लगा आपा भी अब मेरे पीछे आ गयी और मेरी गांड पर अपनी चूत रगड़ने लगी और मेरे बूब को दबाने लगी ,अचानक आलिया बोली - रजिया जरा शहद तो लाओ ना .
मेरी कुछ समझ में नहीं आया लेकिन में आलिया की चूत चाटने में लगा रहा . रजिया शहद ले आई और आलिया ने मुझे खड़ा किया और मेरे लंड और गांड और मेरे गालो पर शहद लगा दिया ...!!! और रजिया के साथ भी यही किया फिर खुद भी लगा लिया और बोली आओ जीजू अब चाटो और देखो कितना मजा आता है . और वो मेरे लंड को मुंह में लेने लगी मेरा लंड अपने पुरे साइज़ में आ गया था और झटके खा रहा था ...! में आपा के बूब चाट रहा था आलिया की जीभ मेरे लंड के छेड़ पर घूम रही थी ...!!!
और वो मेरी गोलियाभी हलके हलके दबा रही थी फिर वो अपनी एक अंगुली मेरे गांड के छेड़ पर फिराने लगी और में मस्ती की दुनिया में खोरहा था फिर आलिया और रजिया ने मुझे बेडपर लिटा दिया और आलिया मेरे उपर आ गयी और बोली आओ जीजू अब असली काम करो और आलिया ने अपनी चूत को मेरे लंडपर रख दिया..!
उसकी चूत के अंदर एक अलग ही अहसास था और कशिश सी थी और वो बार बार अपनी चूत को भींच रही थी और उसने अपने होंठ मेरे होंठो से सिल लिए थे और फिर चुदाई का दोर चालू हो गया . धक्के पर धक्का लग रहा था और वासना की नयी दास्ताँ लिखी जा रहीथी और करीब दस मिनिट में मेरा लावा आलिया की चूत में समां गया और तुरंत ही आलिया भी झड गयी ....
 और फिर अम्मी की आवाज आई रजिया खाना बन गया है पहले खाना लगादुं या चाय कोफ़ी लाऊ...?
रजिया ने कहा कोफ़ी ले आओ नजमा (आपा ने जब अम्मी को नाम से पुकारा तो मुझे अजीब सा लगा ) दस् मिनिट में अम्मी कोफ़ी लेकर आई अंदर हम तीनो नंगे ही थे ,
 आलिया की तरफ अम्मी गौर से देखने लगी और बोली .
बेटी एक बात पुछू तेरे से आलिया बोली हा हा जरुर ..!
अम्मी ने कहा - तेरी चूत देख कर लगता नहीं है की तुम शादी शुदा हो क्योंकि शादी होने के बाद जब रोजाना चुदाई होती है
तो चूत काली होने लगती है ,,, आलिया बोली नहीं चाचिजान बात यह है की मेरे शोहर जो मेरे मामा का ही लड़का है ...!
 जब में की थी तब मुझसे चुम्मा चाटी करता था, तब में सेक्स के बारे में इतना जानती नहीं थी और ऐसे ही एक दिन वो हमारे घर में आया घर में कोई नहीं था और वो मुझसे छेड़ छाड़ करने लगा और मेरे शरीर के अंगो को दबाने लगा , चाची में भी उतेजित हो गयी और फिर उसने मुझे नंगा कर दिया और मेरी चुचिया चाटने लगा , पहली बार मुझे ये अहसास हो रहा था चाची में भी वासना में बेबस हो गयी . और मैंने अपने आप को उसको सोंप दिया ...!
वो मेरे मुंह को चूम रहा था और मेरी चूत को अपने हाथो में भर रहा था फिर उसने मुझे वहीँ आँगन में ही लेटा दिया और मेरे उपर चढ़ने लगा की अचानक अम्मी और अब्बू आ गए और हमें पकड़ लिया , अम्मी ने मुझे मारा, लेकिन अब्बू बोले रहने दो, दो आलिया की अम्मी इसमें लड़की की क्या खता है ...! फिर उन्होंने शाहिद( आलिया का पति ) के अब्बू यानि मेरे मामाजान को घर बुलाया और ये सब बता दिया फिर सबने फेसला किया और हमारी शादी करवा दी .
 और में शाहिद की बीबी बन गयी तब में सिर्फ 18 साल की ही थी ..! और चाची मेरी चूत में सिर्फ एक ही अंगुली डाला करती थी , सुहागरात के दिन मेरे कमरे में शाहिद आये और दरवाजा बंद कर लिया और मेरे पास आ गए और मुझे मुंह दिखई दी.
और फिर मुझे नंगा करने लगे में सेक्स के बारे में इतना नहीं जानती थी चाची और फिर वो मेरी चूत पर अपना लैंड जो करीब 6.5''inch का था .मेरी कुंवारी चूतमें डाल दिया और करीब पांच ही मिनिट में झड गए और फिर वो सो गए ..मुझे मज़े का अहसासतो हुआ लेकिन वो चरम सुख नहीं मिला था चाची एक महीने तक वो मुझे चोदते रहे और एक महीने के बाद वो अरब चले गए नोकरीकरने ..में घर पर एकदम हीबोर होने लगी और में एक दिन अम्मी के घर गयी और उनसे यह सब बताया...!! की अचानक मेरी सहेली शिल्पा जो मेरी पड़ोसन भी थी .हमारे घर आ गयी
उसने यह सब सुन लिया वो अम्मी से बोली - चाची जान मेरी मानो तो आलिया को मेरे साथ काम लगादो वह इसका दिल भी लगा रहेगा और कुछ कमा भी लेगी.
और आप तो जानती ही हो आजकल माल में ज्यादा काम वाम भी होता नहीं है और पगार भी अच्छी मिलती है ....!!!लेकिन अम्मी बोली - शिल्पा इसके अब्बू माने तब ना, इसके ससुर को तो में मना लुंगी(वो अम्मी के भाईजान ही तो थे ) ..!!
तभी अब्बू आ गए और शिल्पा ने अब्बू के आगे यह बात छेड़ दी अब्बू ने हां करदी में बहुत ही खुश थी और शिल्पा से लिपट गयी .

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